चांगझू (चीन),23 जुलाई (युआईटीवी)- चाइना ओपन बैडमिंटन 2026 टूर्नामेंट में भारत के लिए बुधवार का दिन कई शानदार जीतों के नाम रहा। पुरुष और महिला एकल वर्ग में भारत के शीर्ष खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए दूसरे दौर में अपनी जगह पक्की कर ली। लक्ष्य सेन,पीवी सिंधु और युवा खिलाड़ी आयुष शेट्टी ने अपने-अपने मुकाबलों में शानदार संघर्ष का परिचय देते हुए जीत दर्ज की और अगले दौर का टिकट हासिल किया। हालाँकि,युगल स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों को निराशा हाथ लगी और सभी प्रमुख जोड़ियाँ शुरुआती दौर से ही बाहर हो गईं।
पुरुष एकल वर्ग में लक्ष्य सेन ने जापान के युशी तनाका के खिलाफ बेहद चुनौतीपूर्ण मुकाबला खेला। तीन गेम तक चले इस संघर्षपूर्ण मैच में लक्ष्य ने धैर्य,फिटनेस और आक्रामक खेल का शानदार प्रदर्शन किया। पहला गेम काफी रोमांचक रहा,जिसमें दोनों खिलाड़ियों के बीच हर अंक के लिए कड़ी टक्कर देखने को मिली। अंत में लक्ष्य ने 22-20 से पहला गेम अपने नाम किया। दूसरे गेम में जापानी खिलाड़ी ने जोरदार वापसी करते हुए भारतीय खिलाड़ी पर दबाव बनाया और 21-15 से गेम जीतकर मुकाबला बराबरी पर ला दिया। इसके बाद निर्णायक तीसरे गेम में लक्ष्य सेन ने अपना अनुभव दिखाया। उन्होंने शुरुआत से ही बढ़त बनाई और लगातार आक्रामक शॉट्स के दम पर 21-14 से गेम जीतते हुए मैच अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ उन्होंने दूसरे दौर में प्रवेश कर लिया और खिताब की दौड़ में अपनी दावेदारी मजबूत कर दी।
महिला एकल वर्ग में भारत की स्टार खिलाड़ी पीवी सिंधु का सामना हमवतन उन्नति हुड्डा से हुआ। दोनों भारतीय खिलाड़ियों के बीच मुकाबले को लेकर काफी उत्सुकता थी, क्योंकि उन्नति पिछले कुछ समय से लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं। मैच की शुरुआत में सिंधु ने अपने अनुभव का पूरा फायदा उठाया और पहले गेम में शानदार नियंत्रण बनाए रखते हुए 21-14 से जीत दर्ज की। हालाँकि,दूसरे गेम में युवा उन्नति हुड्डा ने शानदार वापसी की। उन्होंने तेज और आक्रामक खेल दिखाते हुए सिंधु को लय में आने का मौका नहीं दिया और 21-9 से गेम जीतकर मुकाबले को निर्णायक गेम तक पहुँचा दिया।
तीसरे और अंतिम गेम में पीवी सिंधु ने अपनी लय फिर से हासिल कर ली। उन्होंने शुरुआत से ही आक्रामक रणनीति अपनाई और उन्नति पर लगातार दबाव बनाए रखा। अनुभवी भारतीय खिलाड़ी ने शानदार स्मैश,बेहतरीन कोर्ट कवरेज और सटीक शॉट्स के दम पर निर्णायक गेम 21-10 से जीत लिया। करीब 56 मिनट तक चले इस मुकाबले में सिंधु ने 21-14, 9-21, 21-10 से जीत दर्ज करते हुए दूसरे दौर में जगह बना ली। जापान ओपन का खिताब जीतने के बाद सिंधु लगातार आत्मविश्वास से भरी नजर आ रही हैं और उनके खेल में पहले से अधिक आक्रामकता दिखाई दे रही है।
अब दूसरे दौर में पीवी सिंधु का सामना मेजबान चीन की चौथी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी और पूर्व ओलंपिक चैंपियन चेन युफेई से होगा। यह मुकाबला टूर्नामेंट के सबसे चर्चित मैचों में से एक माना जा रहा है। दोनों खिलाड़ियों के बीच पहले भी कई यादगार मुकाबले हो चुके हैं और इस बार भी कड़ी टक्कर की उम्मीद की जा रही है। बैडमिंटन प्रेमियों की नजर इस मुकाबले पर टिकी रहेगी,क्योंकि सिंधु हाल के समय में शानदार फॉर्म में नजर आ रही हैं।
दिन का सबसे बड़ा उलटफेर युवा भारतीय खिलाड़ी आयुष शेट्टी ने किया। उन्होंने इंडोनेशिया के विश्व नंबर 11 खिलाड़ी अल्वी फरहान को हराकर सभी को चौंका दिया। यह मुकाबला भी तीन गेम तक चला और इसमें आयुष ने अपने धैर्य तथा आत्मविश्वास का शानदार प्रदर्शन किया। पहले गेम में भारतीय खिलाड़ी ने बेहतरीन शुरुआत करते हुए 21-17 से बढ़त हासिल की। दूसरे गेम में अल्वी फरहान ने पूरी तरह वापसी की और 21-5 से एकतरफा जीत दर्ज कर मुकाबला बराबर कर दिया।
दूसरे गेम की हार के बाद ऐसा लग रहा था कि युवा भारतीय खिलाड़ी दबाव में आ सकते हैं,लेकिन आयुष शेट्टी ने तीसरे गेम में शानदार वापसी करते हुए अपने खेल का स्तर काफी ऊंचा कर दिया। उन्होंने संयम बनाए रखा और महत्वपूर्ण मौकों पर शानदार अंक हासिल किए। अंततः उन्होंने 21-17 से तीसरा गेम जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ उन्होंने प्री-क्वार्टर फाइनल यानी अंतिम 16 में जगह बना ली।
आयुष शेट्टी के लिए यह जीत कई मायनों में बेहद खास रही। वर्ष 2023 की विश्व जूनियर चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में उन्हें इसी इंडोनेशियाई खिलाड़ी के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में इस जीत को उनके लिए बदले के रूप में भी देखा जा रहा है। युवा भारतीय खिलाड़ी ने साबित कर दिया कि वह अब बड़े मंच पर दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों को चुनौती देने की क्षमता रखते हैं। उनकी इस जीत को उनके सीनियर करियर की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक माना जा रहा है।
हालाँकि,जहाँ एकल वर्ग में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया,वहीं युगल स्पर्धाओं में भारत का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। मिश्रित युगल वर्ग में रोहन कपूर और रुत्विका शिवानी गड्डे की जोड़ी को शीर्ष वरीयता प्राप्त यान झे फेंग और डोंग पिंग हुआंग के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। चीनी जोड़ी ने शुरू से ही मुकाबले पर अपना नियंत्रण बनाए रखा और सीधे गेमों में 21-9 और 21-16 से जीत दर्ज करते हुए भारतीय जोड़ी को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया।
मिश्रित युगल में ही ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो की जोड़ी भी दूसरे दौर में जगह बनाने में सफल नहीं हो सकी। उन्हें चीन के शिन वा गुओ और फांग हुई चेन के खिलाफ 18-21, 18-21 से हार का सामना करना पड़ा। भारतीय जोड़ी ने दोनों गेमों में संघर्ष जरूर किया, लेकिन निर्णायक मौकों पर अंक गंवाने के कारण उन्हें हार मिली।
पुरुष युगल वर्ग में भी भारत को निराशा हाथ लगी। एमआर अर्जुन और हरिहरन अमसाकरुणन की जोड़ी चौथी वरीयता प्राप्त वेई केंग लियांग और चांग वांग के सामने टिक नहीं सकी। चीनी ताइपे की जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मुकाबला 21-16 और 21-7 से अपने नाम कर लिया। इस हार के साथ पुरुष युगल स्पर्धा में भारत की चुनौती भी समाप्त हो गई।
चाइना ओपन के शुरुआती दौर में भारतीय खिलाड़ियों का कुल प्रदर्शन मिश्रित रहा। एक ओर लक्ष्य सेन,पीवी सिंधु और आयुष शेट्टी ने शानदार जीत दर्ज कर देश की उम्मीदों को जीवित रखा,वहीं दूसरी ओर युगल वर्ग में सभी प्रमुख जोड़ियों के बाहर होने से निराशा भी मिली। अब दूसरे दौर में भारतीय बैडमिंटन प्रशंसकों की निगाहें विशेष रूप से पीवी सिंधु, लक्ष्य सेन और आयुष शेट्टी पर रहेंगी। यदि ये खिलाड़ी अपनी मौजूदा लय बरकरार रखने में सफल रहते हैं,तो चाइना ओपन में भारत के लिए और भी यादगार परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
