विराट कोहली की तूफानी पारी से आरसीबी बनी लगातार दूसरी बार आईपीएल चैंपियन (तस्वीर क्रेडिट@rashtra_press)

आईपीएल 2026: विराट कोहली की तूफानी पारी से आरसीबी बनी लगातार दूसरी बार आईपीएल चैंपियन,गुजरात टाइटंस को फाइनल में 5 विकेट से हराया

अहमदाबाद,1 जून (युआईटीवी)- रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने इंडियन प्रीमियर लीग 2026 का खिताब अपने नाम करते हुए इतिहास रच दिया। फाइनल मुकाबले में बेंगलुरु ने गुजरात टाइटंस को पाँच विकेट से हराकर लगातार दूसरी बार आईपीएल ट्रॉफी जीत ली। इस शानदार जीत के नायक स्टार बल्लेबाज विराट कोहली रहे,जिन्होंने नाबाद 75 रन की बेहतरीन पारी खेलकर टीम को जीत की मंजिल तक पहुँचाया। कोहली ने विजयी छक्का लगाकर मैच खत्म किया और पूरे स्टेडियम को जश्न में डुबो दिया।

लगातार दूसरी बार खिताब जीतने के साथ ही बेंगलुरु ने साबित कर दिया कि अब वह आईपीएल की सबसे मजबूत टीमों में शामिल हो चुकी है। 17 वर्षों तक ट्रॉफी का इंतजार करने वाली टीम ने पिछले वर्ष पंजाब किंग्स को हराकर पहला खिताब जीता था और इस बार गुजरात टाइटंस को मात देकर अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया। दोनों बार टीम की कमान रजत पाटीदार के हाथों में रही,जिन्होंने कप्तान के रूप में शानदार नेतृत्व का परिचय दिया।

फाइनल मुकाबले में गुजरात टाइटंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए आठ विकेट पर 155 रन बनाए थे। लक्ष्य बहुत बड़ा नहीं था,लेकिन फाइनल जैसे दबाव भरे मुकाबले में हर रन महत्वपूर्ण होता है। जवाब में बेंगलुरु ने शुरुआत से ही सकारात्मक क्रिकेट खेली और लक्ष्य को 18 ओवर में पाँच विकेट खोकर हासिल कर लिया।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी बेंगलुरु को विराट कोहली और वेंकटेश अय्यर ने शानदार शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने गुजरात के गेंदबाजों पर शुरुआत से ही दबाव बनाया और पहले विकेट के लिए केवल 4.3 ओवर में 62 रन जोड़ दिए। वेंकटेश अय्यर ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 16 गेंदों पर 32 रन बनाए। उनकी पारी में चार चौके और दो छक्के शामिल रहे। हालाँकि,उनके आउट होने के बाद बेंगलुरु की पारी थोड़ी लड़खड़ा गई।

वेंकटेश के बाद देवदत्त पडिक्कल केवल एक रन बनाकर लौट गए। कप्तान रजत पाटीदार भी बड़ी पारी नहीं खेल सके और 15 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद क्रुणाल पांड्या भी एक रन बनाकर पवेलियन लौट गए। एक समय ऐसा लग रहा था कि गुजरात मुकाबले में वापसी कर सकती है,क्योंकि 62 रन पर एक विकेट गंवाने वाली बेंगलुरु ने 89 रन तक पहुँचते-पहुँचते तीन अहम विकेट खो दिए थे।

हालाँकि,दूसरे छोर पर विराट कोहली मजबूती से टिके रहे। उन्होंने परिस्थितियों को समझते हुए पहले पारी को सँभाला और फिर रन गति को बढ़ाया। कोहली ने टिम डेविड के साथ चौथे विकेट के लिए 41 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की,जिसने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। टिम डेविड ने 17 गेंदों पर 24 रन बनाकर टीम को जरूरी गति प्रदान की। उनके आउट होने के बाद भी कोहली ने जिम्मेदारी अपने कंधों पर बनाए रखी।

विराट कोहली ने इस मुकाबले में 25 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया। यह उनके आईपीएल करियर का सबसे तेज अर्धशतक साबित हुआ। बड़े मुकाबले में उनकी यह पारी और भी खास बन गई। कोहली ने 42 गेंदों का सामना करते हुए नौ चौके और तीन छक्कों की मदद से नाबाद 75 रन बनाए। उनकी बल्लेबाजी में अनुभव,आत्मविश्वास और आक्रामकता का शानदार मिश्रण देखने को मिला।

मुकाबले का सबसे यादगार पल तब आया,जब 18वें ओवर की आखिरी गेंद पर विराट कोहली ने अरशद खान की गेंद को सीमा रेखा के पार पहुँचा दिया। जैसे ही गेंद दर्शक दीर्घा में गिरी,बेंगलुरु के खिलाड़ी मैदान पर दौड़ पड़े और जीत का जश्न शुरू हो गया। कोहली के साथ जितेश शर्मा 14 गेंदों पर 11 रन बनाकर नाबाद लौटे। बेंगलुरु ने 18 ओवर में पाँच विकेट पर 161 रन बनाकर शानदार जीत दर्ज की।

इससे पहले गुजरात टाइटंस की बल्लेबाजी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी। पूरे टूर्नामेंट में शानदार फॉर्म में रहे कप्तान शुभमन गिल और साई सुदर्शन फाइनल में प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे। साई सुदर्शन 12 रन और शुभमन गिल 10 रन बनाकर आउट हो गए। दोनों के जल्दी आउट होने से गुजरात की टीम शुरुआत में ही दबाव में आ गई।

मध्यक्रम के बल्लेबाज भी बड़ी साझेदारी नहीं बना सके। जोस बटलर 19 रन बनाकर आउट हुए,जबकि निशांत सिंधु ने 20 रन का योगदान दिया। अंतिम ओवरों में अरशद खान ने 15 रन बनाए,लेकिन वह टीम को बड़े स्कोर तक नहीं पहुँचा सके। गुजरात की ओर से सबसे प्रभावशाली बल्लेबाजी वाशिंगटन सुंदर ने की। उन्होंने 37 गेंदों पर नाबाद 50 रन बनाए और आखिरी तक संघर्ष करते रहे। उनकी पारी की बदौलत ही गुजरात सम्मानजनक स्कोर तक पहुँच सका।

बेंगलुरु के गेंदबाजों ने पूरे मैच में अनुशासित प्रदर्शन किया। उन्होंने गुजरात के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का कोई मौका नहीं दिया। रसिख सलाम डार सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने चार ओवर में 27 रन देकर तीन विकेट हासिल किए। जोश हेजलवुड ने दो महत्वपूर्ण विकेट झटके,जबकि भुवनेश्वर कुमार ने भी दो बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। क्रुणाल पांड्या ने किफायती गेंदबाजी करते हुए एक विकेट अपने नाम किया।

इस जीत के साथ रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने आईपीएल में अपनी नई बादशाहत स्थापित कर दी है। लगातार दो खिताब जीतकर टीम ने यह साबित कर दिया कि वह केवल स्टार खिलाड़ियों के भरोसे नहीं,बल्कि संतुलित टीम प्रदर्शन के दम पर चैंपियन बनी है। वहीं विराट कोहली ने एक बार फिर दिखा दिया कि बड़े मंच पर उनसे बेहतर खिलाड़ी बहुत कम हैं। उनकी यह पारी आईपीएल इतिहास के सबसे यादगार फाइनल प्रदर्शनों में लंबे समय तक याद की जाएगी।