मेक्सिको,10 जून (युआईटीवी)- फुटबॉल विश्व कप से पहले ईरान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम को बड़ी राहत मिली है। लंबे समय से जारी अनिश्चितता और अटकलों के बीच अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी ने स्पष्ट कर दिया है कि ईरानी टीम को अपने प्रत्येक विश्व कप मुकाबले से एक दिन पहले अमेरिका में प्रवेश करने की अनुमति होगी। इस बयान के साथ उन सभी खबरों पर विराम लग गया है,जिनमें दावा किया जा रहा था कि ईरानी खिलाड़ियों को केवल मैच वाले दिन ही अमेरिका आने और मुकाबला समाप्त होते ही वापस लौटने की अनुमति मिलेगी।
यह मामला तब चर्चा में आया,जब मेक्सिको में ईरान के राजदूत अबोलफजल पसंदीदेह के हवाले से कुछ मीडिया रिपोर्टों में कहा गया था कि अमेरिकी प्रशासन ईरानी टीम के लिए बेहद सीमित प्रवेश व्यवस्था लागू करने जा रहा है। इन रिपोर्टों के अनुसार खिलाड़ियों को केवल मैच के दिन ही अमेरिका में आने की अनुमति होगी और उन्हें मुकाबले के तुरंत बाद देश छोड़ना होगा। इस खबर के सामने आने के बाद खेल जगत में चिंता बढ़ गई थी। विशेषज्ञों का मानना था कि ऐसी व्यवस्था किसी भी टीम की तैयारी,शारीरिक स्थिति और मानसिक संतुलन पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।
हालाँकि,अमेरिकी अधिकारियों ने इन खबरों को पूरी तरह गलत बताते हुए स्थिति स्पष्ट की है। डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी के प्रवक्ता ने कहा कि ईरानी टीम को मैच वाले दिन आने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देशों के तहत टीम को अपने मुकाबलों से एक दिन पहले अमेरिका पहुँचने की अनुमति दी जाएगी। अमेरिकी प्रशासन का यह बयान ऐसे समय में आया है,जब विश्व कप शुरू होने में केवल कुछ ही दिन शेष हैं और सभी टीमें अपनी अंतिम तैयारियों में जुटी हुई हैं।
ईरान की टीम फिलहाल मेक्सिको के तिजुआना शहर में अपना प्रशिक्षण शिविर चला रही है। पिछले कई सप्ताह से टीम के खिलाड़ियों और अधिकारियों के वीजा को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी। इस वजह से टीम की तैयारियों पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही थी,लेकिन शुक्रवार को अमेरिकी अधिकारियों ने प्रतियोगिता शुरू होने से लगभग दस दिन पहले ईरानी टीम के सभी खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के आवश्यक सदस्यों को वीजा जारी कर दिया। इसके बाद टीम के विश्व कप में भाग लेने को लेकर पैदा हुए अधिकांश संदेह दूर हो गए।
हालाँकि,सभी अधिकारियों को अमेरिका में प्रवेश की अनुमति नहीं मिली है। ईरानी फुटबॉल महासंघ के अनुसार प्रतिनिधिमंडल के कुछ महत्वपूर्ण सदस्यों को वीजा नहीं दिया गया। इनमें टीम मैनेजर,दो विश्लेषक,मीडिया निदेशक और विदेश मंत्रालय का एक प्रतिनिधि शामिल हैं। मेक्सिको स्थित ईरानी दूतावास ने भी इस बात की पुष्टि की है। इन अधिकारियों को अनुमति न मिलने से ईरानी पक्ष में कुछ असंतोष जरूर है,लेकिन खिलाड़ियों और मुख्य तकनीकी स्टाफ को मंजूरी मिलने के कारण टीम अब अपने अभियान पर पूरा ध्यान केंद्रित कर सकती है।
ईरान के लिए यह विश्व कप कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। टीम अपने अभियान की शुरुआत 15 जून को लॉस एंजिल्स में न्यूजीलैंड के खिलाफ करेगी। इसके बाद उसका दूसरा मुकाबला 21 जून को बेल्जियम के खिलाफ होगा,जो उसी शहर में खेला जाएगा। समूह चरण का तीसरा और अंतिम मैच 26 जून को सिएटल में मिस्र के खिलाफ निर्धारित है। इन तीनों मुकाबलों में ईरानी टीम से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है,क्योंकि हाल के वर्षों में उसने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लगातार प्रतिस्पर्धी प्रदर्शन किया है।
टीम की तैयारियों को लेकर भी कई चुनौतियाँ सामने आई हैं। शुरुआत में ईरानी फुटबॉल महासंघ ने अपना प्रशिक्षण शिविर अमेरिका के एरिजोना राज्य में लगाने की योजना बनाई थी। लेकिन बाद में सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण इस योजना को बदलना पड़ा। कुछ अधिकारियों और विशेषज्ञों का मानना था कि अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान के खिलाफ कड़े रुख तथा क्षेत्रीय तनाव के कारण एरिजोना में शिविर लगाना सुरक्षित नहीं होगा। इसी वजह से प्रशिक्षण शिविर को मेक्सिको के तिजुआना शहर में स्थानांतरित कर दिया गया,जहाँ टीम अपेक्षाकृत शांत माहौल में अपनी तैयारियाँ पूरी कर रही है।
अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से राजनीतिक तनाव बना हुआ है। दोनों देशों के संबंध कई दशकों से उतार-चढ़ाव भरे रहे हैं और इसका असर अक्सर खेल आयोजनों पर भी देखने को मिला है। विश्व कप जैसे बड़े अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट में भी यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है। हालाँकि,खेल संगठनों और खिलाड़ियों का मानना है कि खेल को राजनीति से अलग रखा जाना चाहिए और खिलाड़ियों को निष्पक्ष माहौल में प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिलना चाहिए।
मार्च में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि विश्व कप में भाग लेने के लिए ईरान का स्वागत किया जाएगा। हालाँकि,उन्होंने यह भी संकेत दिया था कि खिलाड़ियों का मैचों के बीच लंबे समय तक अमेरिका में ठहरना उचित नहीं होगा। उनके इस बयान के बाद कई तरह की अटकलें शुरू हो गई थीं। अब डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी द्वारा जारी स्पष्टीकरण ने स्थिति को काफी हद तक स्पष्ट कर दिया है।
फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि यात्रा संबंधी अनिश्चितता दूर होने से ईरानी खिलाड़ियों का ध्यान अब पूरी तरह खेल पर केंद्रित रहेगा। किसी भी बड़े टूर्नामेंट में मानसिक शांति और व्यवस्थित तैयारी बेहद महत्वपूर्ण होती है। यदि खिलाड़ियों को बार-बार यात्रा करनी पड़ती या अंतिम समय तक वीजा संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता,तो इसका असर उनके प्रदर्शन पर पड़ सकता था।
अब जबकि प्रवेश नियमों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो चुकी है,ईरान की टीम विश्व कप में बेहतर प्रदर्शन करने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है। दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसकों की नजरें इस बात पर होंगी कि राजनीतिक विवादों और प्रशासनिक चुनौतियों के बीच ईरानी टीम मैदान पर किस तरह का प्रदर्शन करती है। फिलहाल इतना तय है कि विश्व कप के मंच पर ईरान को अपनी प्रतिभा दिखाने का पूरा अवसर मिलेगा और टीम बिना किसी बड़ी प्रशासनिक बाधा के अपने मुकाबलों में हिस्सा ले सकेगी।
