ईरान के कोच आमिर घालेनोई यात्रा कार्यक्रम में अचानक बदलाव पर हुए नाराज (तस्वीर क्रेडिट@RT_hindi_)

फीफा विश्व कप 2026 में ईरान की मुश्किलें बढ़ीं,यात्रा कार्यक्रम में अचानक बदलाव पर कोच आमिर घालेनोई नाराज

लॉस एंजिल्स,17 जून (युआईटीवी)- फीफा विश्व कप 2026 में न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने पहले ग्रुप जी मुकाबले में 2-2 से ड्रॉ खेलने के बाद ईरान की टीम एक नए विवाद के केंद्र में आ गई है। मैदान पर संघर्षपूर्ण प्रदर्शन कर महत्वपूर्ण अंक हासिल करने वाली ईरानी टीम अब टूर्नामेंट के दौरान यात्रा और प्रबंधन संबंधी चुनौतियों को लेकर चर्चा में है। टीम के मुख्य कोच आमिर घालेनोई ने मैच के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में यात्रा कार्यक्रम में अचानक किए गए बदलावों पर गहरी नाराजगी व्यक्त की और दावा किया कि उनकी टीम को लगातार ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है,जो खिलाड़ियों की तैयारी और प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती हैं।

लॉस एंजिल्स स्टेडियम में खेले गए रोमांचक मुकाबले में ईरान ने दो बार पिछड़ने के बावजूद शानदार वापसी करते हुए न्यूजीलैंड के खिलाफ 2-2 की बराबरी हासिल की। हालाँकि,मैच समाप्त होने के बाद चर्चा का केंद्र मैदान का प्रदर्शन नहीं,बल्कि ईरानी टीम की यात्रा व्यवस्था बन गई। कोच आमिर घालेनोई ने आरोप लगाया कि उनकी टीम को पहले जो कार्यक्रम बताया गया था,उसे अचानक बदल दिया गया और खिलाड़ियों को अपेक्षा से पहले अमेरिका छोड़कर मेक्सिको लौटने के लिए कहा गया।

घालेनोई ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि टीम को पहले जानकारी दी गई थी कि वह मंगलवार दोपहर तक अमेरिका में रह सकती है। योजना के अनुसार खिलाड़ियों को मैच के बाद आराम का समय मिलना था और उसके बाद वे अपने अगले कार्यक्रम के अनुसार यात्रा करते,लेकिन मैच समाप्त होते ही उन्हें सूचित किया गया कि उन्हें तत्काल रवाना होना होगा और सीधे मेक्सिको के तिजुआना स्थित प्रशिक्षण शिविर में लौटना पड़ेगा।

ईरानी कोच ने इस फैसले पर असंतोष जताते हुए कहा कि उनकी टीम को बार-बार अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ को अचानक निर्णयों के कारण असुविधा हो रही है और इससे उनकी तैयारी प्रभावित हो सकती है। घालेनोई का मानना है कि विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में सभी टीमों को समान सुविधाएँ और स्थिर कार्यक्रम मिलना चाहिए ताकि वे अपने खेल पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित कर सकें।

कोच ने केवल यात्रा कार्यक्रम ही नहीं,बल्कि टूर्नामेंट की तैयारी के दौरान सामने आई अन्य समस्याओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि ईरान को कई प्रशासनिक और लॉजिस्टिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। उनके अनुसार,टीम को मैच से दो दिन पहले मेजबान शहर पहुँचने की अनुमति नहीं मिली,जबकि उनकी योजना ऐसा करने की थी। इससे खिलाड़ियों के पास स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप ढलने और बेहतर तैयारी करने का समय कम हो गया।

आमिर घालेनोई ने कहा कि उनकी टीम को लगातार ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है,जिनसे अन्य टीमें शायद नहीं गुजर रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके साथ न तो पर्याप्त प्रशासनिक सहयोग मौजूद है और न ही वे संसाधन उपलब्ध हैं,जो आमतौर पर विश्व कप में भाग लेने वाली टीमों को मिलते हैं। कोच के अनुसार,टीम के कई सहयोगी सदस्य,मीडिया प्रतिनिधि और प्रबंधन से जुड़े लोग भी पूरी तरह साथ नहीं हैं,जिससे खिलाड़ियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।

ईरान के स्टार स्ट्राइकर मेहदी तारेमी ने भी स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ दोनों के लिए तनावपूर्ण हैं। तारेमी के अनुसार,लगातार बदलती परिस्थितियाँ मानसिक रूप से थका देने वाली हैं और टीम लंबे समय से इन चुनौतियों का सामना कर रही है। उन्होंने स्वीकार किया कि ऐसी परिस्थितियों का असर खिलाड़ियों के मनोबल और प्रदर्शन दोनों पर पड़ सकता है।

ईरानी टीम की चिंताओं के पीछे क्षेत्रीय परिस्थितियाँ भी एक महत्वपूर्ण कारण मानी जा रही हैं। मध्य पूर्व में जारी तनाव और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों के कारण ईरान की विश्व कप तैयारियाँ पहले से ही प्रभावित रही हैं। कई बार यात्रा योजनाओं और सुरक्षा प्रोटोकॉल में बदलाव किए गए,जिससे टीम को अपने कार्यक्रमों में लगातार समायोजन करना पड़ा। ऐसे माहौल में विश्व कप जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में भाग लेना खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए अतिरिक्त चुनौती बन गया है।

हालाँकि,इन तमाम कठिनाइयों के बीच ईरान ने मैदान पर अपने जुझारूपन का परिचय दिया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबले में टीम दो बार पीछे होने के बावजूद हार नहीं मानी और अंत तक संघर्ष करती रही। रामिन रेजाईन और मोहम्मद मोहेब्बी के योगदान से टीम ने महत्वपूर्ण बराबरी हासिल की। इस प्रदर्शन ने यह दिखाया कि प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

इस बीच फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने भी मैच के बाद ईरानी टीम से मुलाकात की। वह मुकाबले के बाद टीम के ड्रेसिंग रूम में पहुँचे और खिलाड़ियों से बातचीत की। उनकी यह मुलाकात ऐसे समय में हुई,जब ईरानी टीम यात्रा और प्रबंधन संबंधी मुद्दों को लेकर अपनी चिंताएँ सार्वजनिक रूप से व्यक्त कर रही थी। हालाँकि,इस मुलाकात के दौरान हुई बातचीत के विस्तृत विवरण सामने नहीं आए हैं,लेकिन इसे खिलाड़ियों के मनोबल को बढ़ाने वाले कदम के रूप में देखा जा रहा है।

ग्रुप जी में आगे की राह भी ईरान के लिए आसान नहीं होगी। टीम का अगला मुकाबला मजबूत बेल्जियम के खिलाफ होना है। यह मैच सोफी स्टेडियम में खेला जाएगा और दोनों टीमों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बेल्जियम ने अपने पहले मैच में मिस्र के खिलाफ ड्रॉ खेला था,इसलिए वह भी जीत की तलाश में मैदान पर उतरेगी। दूसरी ओर ईरान चाहेगा कि मैदान के बाहर की परेशानियों को पीछे छोड़कर वह अपना ध्यान पूरी तरह खेल पर केंद्रित रखे।

विश्व कप के शुरुआती दौर में ही सामने आई इन चुनौतियों ने ईरानी टीम के अभियान को और दिलचस्प बना दिया है। एक तरफ खिलाड़ी कठिन परिस्थितियों में भी जुझारू प्रदर्शन कर रहे हैं,वहीं दूसरी ओर यात्रा और प्रबंधन से जुड़े मुद्दे लगातार चर्चा का विषय बने हुए हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि ईरान इन चुनौतियों से कैसे निपटता है और क्या वह मैदान पर अपने प्रदर्शन के दम पर नॉकआउट चरण की दौड़ में खुद को मजबूत स्थिति में पहुँचा पाता है। फिलहाल टीम का पूरा ध्यान बेल्जियम के खिलाफ होने वाले अहम मुकाबले पर है,जहाँ उसे अपने अभियान को नई दिशा देने का अवसर मिलेगा।