दांबुला,17 जून (युआईटीवी)- भारत ‘ए’ और श्रीलंका ‘ए’ के बीच दांबुला में खेला गया त्रिकोणीय श्रृंखला का मुकाबला रोमांच, तनाव और विवाद से भरपूर रहा। रंगिरी दांबुला अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले का परिणाम सुपर ओवर में निकला,लेकिन मैच खत्म होने के बाद जो घटनाक्रम सामने आया,उसने क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। अब इस मामले में श्रीलंका क्रिकेट ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए कुछ खिलाड़ियों पर जुर्माना लगाया है।
रिपोर्टों के अनुसार,मैच रेफरी प्रदीप जयप्रकाश ने मैदान पर हुई घटनाओं का संज्ञान लेते हुए संबंधित खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई की है। यह मुकाबला पहले ही बेहद रोमांचक बन चुका था,क्योंकि दोनों टीमों ने निर्धारित ओवरों में 265-265 रन बनाए थे। स्कोर बराबर रहने के कारण मैच का फैसला सुपर ओवर से किया गया,जिसमें मेजबान श्रीलंका ‘ए’ टीम ने बाजी मार ली। हालाँकि,मैच के परिणाम से अधिक चर्चा मुकाबले के बाद हुई उस घटना की हो रही है,जिसमें भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और श्रीलंका ‘ए’ के खिलाड़ी विशेन हलंबागे आमने-सामने आ गए थे।
बताया जा रहा है कि मैच समाप्त होने के बाद दोनों खिलाड़ियों के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस शुरू हुई। देखते ही देखते यह बहस इतनी बढ़ गई कि मामला धक्का-मुक्की तक पहुँच गया। मैदान पर मौजूद अन्य खिलाड़ियों और अधिकारियों को बीच-बचाव करना पड़ा। क्रिकेट जैसे खेल में इस प्रकार की घटनाओं को खेल भावना के खिलाफ माना जाता है,इसलिए मामले ने तुरंत अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया।
‘क्रिकबज’ की रिपोर्ट के मुताबिक,मैच रेफरी प्रदीप जयप्रकाश ने इस घटना की समीक्षा के बाद अनुशासनात्मक कार्रवाई की। सबसे बड़ी कार्रवाई श्रीलंकाई खिलाड़ी विशेन हलंबागे के खिलाफ की गई है। हालाँकि,कार्रवाई की सटीक प्रकृति और जुर्माने की राशि को सार्वजनिक नहीं किया गया है,लेकिन यह स्पष्ट है कि मैच रेफरी ने घटना को गंभीरता से लिया।
दिलचस्प बात यह है कि श्रीलंका ‘ए’ टीम के विकेटकीपर निरोशन डिकवेला पर भी जुर्माना लगाया गया है। हालाँकि,डिकवेला उस समय विवाद को शांत कराने की कोशिश कर रहे थे और उन्होंने दोनों खिलाड़ियों को अलग करने में भूमिका निभाई थी। इसके बावजूद उन पर एक अलग नियम के उल्लंघन के कारण दंड लगाया गया। रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि उन्होंने कौन-सा नियम तोड़ा था,लेकिन माना जा रहा है कि यह कार्रवाई अत्यधिक अपील करने या मैदान पर किसी अन्य आचरण से जुड़ी हो सकती है।
दूसरी ओर,भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई हुई है या नहीं,इस बारे में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार,इस मामले में कोई औपचारिक सुनवाई भी आयोजित नहीं की गई। इससे यह संकेत मिलता है कि मैच रेफरी ने मैदान पर मौजूद अंपायरों की रिपोर्ट और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर ही अपना निर्णय लिया।
श्रीलंका ‘ए’ टीम से जुड़े सूत्रों का कहना है कि उन्हें विश्वास है कि मैच रेफरी का फैसला मुख्य रूप से अंपायरों द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर आधारित था। चूँकि,घटना मैच समाप्त होने के तुरंत बाद हुई थी,इसलिए मैदान पर मौजूद अधिकारियों की रिपोर्ट को काफी महत्व दिया गया। हालाँकि,भविष्य में यदि कोई अतिरिक्त तथ्य सामने आते हैं,तो मामले की समीक्षा की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
इस विवाद के बावजूद त्रिकोणीय श्रृंखला का रोमांच लगातार बना हुआ है। भारत,श्रीलंका और अफगानिस्तान के बीच खेली जा रही इस प्रतियोगिता में मेजबान श्रीलंका ‘ए’ टीम फिलहाल शानदार प्रदर्शन कर रही है। उसने अब तक खेले गए तीन मुकाबलों में से दो में जीत दर्ज कर अंक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया है। वहीं भारतीय टीम ने तीन मैचों में एक जीत दर्ज की है और वह दूसरे स्थान पर बनी हुई है। अफगानिस्तान की टीम ने अब तक दो मुकाबले खेले हैं,जिनमें से एक में जीत हासिल कर तीसरे स्थान पर है।
दांबुला में खेला गया यह मुकाबला क्रिकेट प्रेमियों के लिए लंबे समय तक यादगार रहने वाला है। एक ओर मैच ने रोमांच की सभी सीमाओं को पार किया,वहीं दूसरी ओर मैच के बाद हुआ विवाद खिलाड़ियों के व्यवहार और खेल भावना को लेकर नई बहस छेड़ गया। क्रिकेट प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई यह संदेश देती है कि मैदान पर अनुशासन और खेल भावना से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या इस मामले में आगे कोई और कार्रवाई होती है और शेष श्रृंखला में खिलाड़ी अपने प्रदर्शन के साथ-साथ अपने आचरण से भी सकारात्मक उदाहरण पेश कर पाते हैं या नहीं।
