तेल अवीव,27 मार्च (युआईटीवी)- पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच इजरायल ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की नेवी के कमांडर अलीरेजा तंगसीरी एक एयर स्ट्राइक में मारे गए हैं। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक वीडियो संदेश जारी कर इस कार्रवाई की जानकारी दी और कहा कि उनकी सेना पूरी ताकत के साथ अपने अभियानों को जारी रखेगी।
नेतन्याहू ने अपने बयान में कहा कि बुधवार रात को एक सटीक सैन्य अभियान के तहत आईआरजीसी नेवी के प्रमुख को निशाना बनाया गया। उन्होंने यह भी बताया कि अलीरेजा तंगसीरी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जलडमरूमध्य की निगरानी में अहम भूमिका निभा रहे थे,जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिहाज से बेहद संवेदनशील और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। इस इलाके में किसी भी सैन्य कार्रवाई का सीधा असर अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा बाजारों पर पड़ सकता है।
इससे पहले इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने भी एक वीडियो संदेश के जरिए तंगसीरी की मौत का दावा किया था। उन्होंने कहा कि यह एक “सटीक और प्रभावशाली ऑपरेशन” था,जिसमें आईडीएफ ने न केवल तंगसीरी को बल्कि नेवल कमांड से जुड़े अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी निशाना बनाया। उनके अनुसार,यह कार्रवाई इजरायल की सुरक्षा रणनीति का हिस्सा है,जिसका उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है।
इजरायली मीडिया ने भी एक सैन्य अधिकारी के हवाले से रिपोर्ट दी है कि दक्षिणी ईरान के प्रमुख बंदरगाह शहर बंदर अब्बास पर किए गए हमलों के दौरान तंगसीरी को मार गिराया गया। हालाँकि,इन दावों के बावजूद ईरान की ओर से अब तक इस घटना की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है,जिससे स्थिति और अधिक अस्पष्ट बनी हुई है।
अलीरेजा तंगसीरी को आईआरजीसी नेवी का एक प्रमुख चेहरा माना जाता था और वे ईरान की समुद्री सैन्य रणनीति के महत्वपूर्ण स्तंभ थे। उनकी भूमिका विशेष रूप से इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की समुद्री गतिविधियों में बेहद अहम थी। वे होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की निगरानी,समुद्री सुरक्षा और संभावित सैन्य अभियानों के संचालन में सक्रिय रूप से शामिल रहे थे।
तंगसीरी का सैन्य करियर लंबा और अनुभवों से भरा रहा है। दक्षिणी ईरान के बुशहर प्रांत में जन्मे तंगसीरी ने ईरान-इराक युद्ध के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसके अलावा 1980 के दशक में हुए तथाकथित “टैंकर युद्ध” में भी उन्होंने सक्रिय भागीदारी निभाई थी,जिसमें खाड़ी क्षेत्र में तेल टैंकरों पर हमले और समुद्री संघर्ष शामिल थे। इन अभियानों के बाद वे आईआरजीसी नेवी का हिस्सा बने और धीरे-धीरे संगठन में उच्च पदों तक पहुँचे।
उन्होंने बंदर अब्बास में आईआरजीसी नेवी के पहले नेवल डिस्ट्रिक्ट की कमान सँभाली और 2010 से 2018 तक डिप्टी कमांडर के रूप में कार्य किया। इसके बाद उन्हें नेवी का प्रमुख नियुक्त किया गया,जहाँ उन्होंने ईरान की समुद्री सुरक्षा नीति को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अगर इजरायल के दावों की पुष्टि होती है,तो तंगसीरी का नाम उन वरिष्ठ ईरानी सैन्य अधिकारियों की सूची में शामिल हो जाएगा,जिनकी हालिया संघर्ष के दौरान मौत हुई है। यह संघर्ष 28 फरवरी को उस समय और तेज हो गया था,जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ संयुक्त सैन्य कार्रवाई शुरू की थी। तब से लेकर अब तक दोनों पक्षों के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जा चुका है।
विशेषज्ञों का मानना है कि तंगसीरी जैसे वरिष्ठ अधिकारी की मौत ईरान के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकती है,खासकर ऐसे समय में जब देश पहले से ही अंतर्राष्ट्रीय दबाव और सैन्य चुनौतियों का सामना कर रहा है। वहीं,इजरायल के लिए यह एक रणनीतिक सफलता के रूप में देखा जा रहा है,जिससे वह अपने विरोधियों की सैन्य क्षमता को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है।
हालाँकि,इस पूरे घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ईरान की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि तेहरान इस दावे की पुष्टि करता है,तो क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है और इसके दूरगामी परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
पश्चिम एशिया में मौजूदा हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं और हर नई घटना इस क्षेत्र को और अस्थिर बना सकती है। अलीरेजा तंगसीरी की कथित मौत से जुड़ा यह घटनाक्रम न केवल ईरान और इजरायल के बीच टकराव को और तेज कर सकता है,बल्कि वैश्विक स्तर पर भी इसके व्यापक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।
