नई दिल्ली,29 जुलाई (युआईटीवी)- जापान के कुमामोटो प्रांत में आए भीषण भूकंप के बाद दुनिया के कई देशों ने प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। इसी क्रम में इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने भी इस प्राकृतिक आपदा पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए जापान के लोगों के साथ एकजुटता और समर्थन का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में इटली की सरकार और वहां की जनता पूरी तरह जापान के साथ खड़ी है। मेलोनी ने भूकंप से प्रभावित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएँ प्रकट करते हुए राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे सभी कर्मियों के साहस और समर्पण की भी सराहना की।
प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक संदेश जारी करते हुए कहा कि कुमामोटो प्रांत में आए विनाशकारी भूकंप से हुई तबाही ने उन्हें गहराई से दुखी किया है। उन्होंने लिखा कि उनकी संवेदनाएँ उन सभी लोगों के साथ हैं,जिन्होंने इस आपदा में अपने प्रियजनों,घरों या आजीविका को नुकसान पहुँचाया है। उन्होंने कहा कि उनकी प्रार्थनाएं सभी प्रभावित परिवारों के साथ हैं और उन्हें विश्वास है कि जापान इस कठिन परिस्थिति का मजबूती से सामना करेगा।
मेलोनी ने अपने संदेश में विशेष रूप से राहत और बचाव कार्यों में जुटे कर्मचारियों, दमकलकर्मियों,चिकित्सा दलों और आपदा प्रबंधन एजेंसियों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में दिन-रात काम कर रहे सभी लोग अत्यंत सराहनीय कार्य कर रहे हैं। उनके अनुसार, ऐसे कठिन समय में मानवता,साहस और सेवा की भावना सबसे बड़ी ताकत बनकर सामने आती है।
इटली की प्रधानमंत्री ने जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची के प्रति भी अपना समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इटली की सरकार इस चुनौतीपूर्ण समय में जापान की सरकार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोनों देशों के बीच मित्रता और सहयोग का संबंध इस कठिन समय में भी पूरी मजबूती के साथ कायम रहेगा। मेलोनी का यह संदेश दोनों देशों के बीच मजबूत कूटनीतिक संबंधों और मानवीय सहयोग की भावना को भी दर्शाता है।
मंगलवार को दक्षिण-पश्चिमी जापान के कुमामोटो क्षेत्र में 7.1 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया,जिससे व्यापक तबाही मची। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार,इस भूकंप में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं। अधिकारियों को आशंका है कि अनेक लोग अब भी मलबे में फँसे हो सकते हैं। राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है और विभिन्न एजेंसियाँ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटी हुई हैं।
जापान की फायर एंड डिजास्टर मैनेजमेंट एजेंसी के अनुसार,स्थानीय दमकल विभाग से मिली जानकारी में बताया गया कि कुमामोटो स्थित एयॉन मॉल की दूसरी मंजिल का एक हिस्सा भूकंप के दौरान ढह गया। इस घटना के बाद कई लोगों के अंदर फँसे होने की आशंका जताई गई। सूचना मिलते ही दमकलकर्मी और बचाव दल मौके पर पहुँचे तथा मलबा हटाकर लोगों की तलाश शुरू कर दी। अधिकारियों ने कहा कि बचाव अभियान पूरी सावधानी के साथ चलाया जा रहा है,ताकि किसी भी फँसे हुए व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार,भूकंप में घायल हुए लोगों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। हालाँकि,प्रशासन ने अभी तक घायलों की कुल संख्या और उनकी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है। चिकित्सा दल लगातार प्रभावित लोगों का उपचार कर रहे हैं और अस्पतालों को भी आपात स्थिति के लिए तैयार रखा गया है।
पुलिस और दमकल अधिकारियों ने बताया कि उन्हें स्थानीय समयानुसार शाम करीब छह बजे कई आपातकालीन कॉल प्राप्त हुईं। कॉल करने वालों ने बताया कि एयॉन मॉल कुमामोटो से विस्फोट जैसी तेज आवाज सुनाई दी और उसके बाद सफेद धुआँ उठता दिखाई दिया। इसके बाद राहत एजेंसियों ने तत्काल घटनास्थल पर पहुँचकर स्थिति का आकलन शुरू किया और प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया।
भूकंप का असर परिवहन व्यवस्था पर भी पड़ा। यात्सुशिरो स्टेशन के पास एक मालगाड़ी पटरी से उतरकर पलट गई। हालाँकि,राहत की बात यह रही कि इस घटना में ट्रेन चालक को कोई चोट नहीं आई। रेलवे अधिकारियों ने प्रभावित मार्गों का निरीक्षण शुरू कर दिया है और ट्रैक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बाद ही सेवाओं को पूरी तरह बहाल करने का निर्णय लिया जाएगा।
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, कुमामोटो क्षेत्र में लगभग 50 लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा कई इलाकों से लोगों के अपने घरों में फँसे होने की सूचनाएँ भी मिली हैं। दमकल विभाग,पुलिस और आपदा प्रबंधन एजेंसियाँ इन स्थानों पर पहुँचकर राहत एवं बचाव कार्य चला रही हैं। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं का पालन करने की अपील की है।
क्योडो समाचार एजेंसी के अनुसार,भूकंप मंगलवार को स्थानीय समयानुसार शाम लगभग 4 बजकर 27 मिनट पर आया। इसकी गहराई लगभग दस किलोमीटर दर्ज की गई। जापान की मौसम एजेंसी ने बताया कि सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में भूकंप की तीव्रता जापान के भूकंपीय पैमाने पर अधिकतम सात दर्ज की गई,जो अत्यंत शक्तिशाली मानी जाती है। इस स्तर के भूकंप से इमारतों,सड़कों और अन्य बुनियादी ढाँचों को गंभीर नुकसान पहुँचने की आशंका रहती है।
भूकंप के बाद दक्षिण-पश्चिमी जापान के एरिएक सागर और यात्सुशिरो सागर के तटीय क्षेत्रों के लिए लगभग एक मीटर ऊँची सुनामी की चेतावनी भी जारी की गई। प्रशासन ने समुद्र तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए। हालाँकि,अधिकारियों ने लगातार स्थिति की निगरानी करते हुए लोगों को समय-समय पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई।
इस बीच परमाणु ऊर्जा संयंत्रों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई,लेकिन अधिकारियों ने राहत की खबर दी। कागोशिमा प्रांत स्थित सेंडाई परमाणु ऊर्जा संयंत्र और सागा प्रांत के जेनकाई परमाणु ऊर्जा संयंत्रों ने किसी भी प्रकार की तकनीकी गड़बड़ी या असामान्य स्थिति की सूचना नहीं दी है। संबंधित एजेंसियों ने बताया कि दोनों संयंत्र सुरक्षित हैं और उनकी निगरानी लगातार की जा रही है।
फिलहाल कुमामोटो और आसपास के क्षेत्रों में राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। प्रशासन प्रभावित लोगों तक भोजन,चिकित्सा सहायता और आवश्यक राहत सामग्री पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। वहीं दुनिया के विभिन्न देशों की ओर से जापान के प्रति संवेदना और समर्थन के संदेश लगातार आ रहे हैं। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी का बयान भी इसी वैश्विक एकजुटता का प्रतीक है,जिसमें उन्होंने इस कठिन समय में जापान के लोगों के साथ खड़े रहने का भरोसा दिया है। अब सभी की निगाहें राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति और प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति सामान्य होने की दिशा में उठाए जा रहे कदमों पर टिकी हैं।
