लंदन दौरे पर तमिलनाडु को बड़ी निवेश सौगात (तस्वीर क्रेडिट@AVinthehousee)

लंदन दौरे पर तमिलनाडु को बड़ी निवेश सौगात, 15,300 करोड़ के प्रस्ताव से 10 हजार से ज्यादा रोजगार की उम्मीद

चेन्नई,16 सितंबर (युआईटीवी)- तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के लंदन दौरे के दौरान राज्य में बड़े निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं। तमिलनाडु सरकार और कई वैश्विक कंपनियों के बीच विनिर्माण संयंत्र, वैश्विक क्षमता केंद्र और अनुसंधान एवं विकास सुविधाएं स्थापित करने को लेकर समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। राज्य सरकार के अनुसार, 14 सितंबर को लंदन में मुख्यमंत्री की मौजूदगी में हुए इन समझौतों और निवेश प्रस्तावों के तहत 15,300 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्तावित है। इन परियोजनाओं से 10 हजार से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई गई है।

तमिलनाडु की निवेश प्रोत्साहन एजेंसी ‘गाइडेंस तमिलनाडु’ ने अलग-अलग कंपनियों के साथ इन समझौतों को आगे बढ़ाया है। प्रस्तावित निवेश में ऑटोमोबाइल और उसके कलपुर्जों से लेकर ऊर्जा उपकरण, डिजिटल इंजीनियरिंग, वैश्विक क्षमता केंद्र और तकनीकी सेवाओं तक कई क्षेत्र शामिल हैं। इससे राज्य में पारंपरिक विनिर्माण के साथ-साथ तकनीक आधारित उद्योगों के विस्तार की योजना भी सामने आती है।

इन निवेश प्रस्तावों में सबसे बड़ा हिस्सा समवर्धन मदरसन इंटरनेशनल और उसकी यूरोप तथा ब्रिटेन स्थित संयुक्त उपक्रम कंपनियों से जुड़ा है। कंपनी तमिलनाडु के अलग-अलग स्थानों पर डिजाइन, इंजीनियरिंग, विनिर्माण, असेंबली और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी सुविधाएं स्थापित करने के लिए करीब 11 हजार करोड़ रुपये निवेश करने की योजना बना रही है। इस परियोजना से लगभग 7 हजार रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इससे राज्य के ऑटोमोबाइल और औद्योगिक विनिर्माण क्षेत्र में वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

ब्रिटेन की विल्सन पावर सॉल्यूशंस ने भी तमिलनाडु में विस्तार की योजना बनाई है। कंपनी तिरुवल्लूर जिले में अपने विनिर्माण संयंत्र के विस्तार के लिए 300 करोड़ रुपये निवेश करने का समझौता कर चुकी है। कंपनी उच्च दक्षता वाले ट्रांसफॉर्मर और बिजली से जुड़े उपकरणों के क्षेत्र में काम करती है। प्रस्तावित विस्तार से करीब 400 नए रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। राज्य सरकार के अनुसार, इस परियोजना से नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों के निर्माण की क्षमता को भी बढ़ावा मिल सकता है।

तकनीक और डिजिटल सेवाओं से जुड़े क्षेत्र में भी तमिलनाडु के लिए महत्वपूर्ण समझौते हुए हैं। स्वीडन की सिग्मा टेक्नोलॉजी ग्रुप अपनी भारतीय इकाई श्रीजा सॉल्यूशंस के माध्यम से चेन्नई और तिरुचिरापल्ली में अपने वैश्विक क्षमता केंद्रों का विस्तार करेगी। इस विस्तार के जरिए एम्बेडेड सिस्टम,डिजिटलीकरण और औद्योगिक डिजिटल तकनीक जैसे क्षेत्रों में करीब 600 उच्च-मूल्य वाली नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है।

इसी क्रम में अर्न्स्ट एंड यंग ने चेन्नई के माउंट-पूनमल्ली रोड स्थित प्रस्तावित वैश्विक क्षमता केंद्र गलियारे में एक नया केंद्र स्थापित करने के लिए समझौता किया है। इसके लिए करीब 1,000 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है और इससे 2,000 से अधिक उच्च-मूल्य वाले रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। यह परियोजना तमिलनाडु में वैश्विक कंपनियों की तकनीकी और कॉरपोरेट सेवाओं से जुड़ी गतिविधियों के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

इसके अलावा यूरोप की एक प्रमुख ऑटोमोबाइल कलपुर्जा निर्माता कंपनी ने भारत में अपनी पहली विनिर्माण इकाई तमिलनाडु में स्थापित करने में रुचि दिखाई है। कंपनी ने राज्य में करीब 3,000 करोड़ रुपये के संभावित निवेश के लिए आशय पत्र सौंपा है। हालाँकि,कंपनी का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है। इस प्रस्ताव से तमिलनाडु के ऑटोमोबाइल विनिर्माण क्षेत्र में विदेशी निवेश की संभावनाओं को लेकर उम्मीद बढ़ी है।

मुख्यमंत्री के लंदन दौरे के दौरान हिंदुजा समूह के प्रतिनिधियों ने भी उनसे मुलाकात की। अशोक लेलैंड के चेयरमैन धीरज हिंदुजा ने अगस्त 2026 में आयोजित ‘वेट्ट्री’ निवेशक सम्मेलन के दौरान हुए 2,500 करोड़ रुपये के समझौते की प्रगति की जानकारी दी। इस दौरान समूह की ओर से पवन ऊर्जा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की इच्छा भी जताई गई। इससे संकेत मिलता है कि तमिलनाडु में मौजूदा औद्योगिक निवेश के साथ ऊर्जा क्षेत्र में नई संभावनाओं पर भी काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने इन निवेश प्रस्तावों को तमिलनाडु के युवाओं के लिए रोजगार और अवसरों से जोड़ते हुए कहा कि ये परियोजनाएँ राज्य में नई संभावनाओं का रास्ता खोल सकती हैं। उन्होंने ब्रिटेन और भारत के बीच व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते से आने वाले संभावित अवसरों का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार,वैश्विक कंपनियों के साथ साझेदारी से तमिलनाडु में औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों का विस्तार किया जा सकता है।

इन समझौतों के सामने आने के बाद तमिलनाडु सरकार का जोर अब निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने और परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में आगे बढ़ाने पर रहेगा। समझौता ज्ञापन और आशय पत्र निवेश की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होते हैं,लेकिन इनके बाद परियोजनाओं की स्थापना,मंजूरी और क्रियान्वयन की प्रक्रिया भी पूरी करनी होती है। ऐसे में आने वाले समय में इन प्रस्तावों के वास्तविक परियोजनाओं में बदलने और रोजगार सृजन पर नजर रहेगी।

कुल मिलाकर,लंदन दौरे के दौरान सामने आए निवेश प्रस्तावों ने तमिलनाडु के विनिर्माण, ऑटोमोबाइल, ऊर्जा और तकनीकी सेवाओं से जुड़े क्षेत्रों में विस्तार की संभावनाओं को रेखांकित किया है। बड़े औद्योगिक निवेश के साथ वैश्विक क्षमता केंद्रों और अनुसंधान आधारित गतिविधियों का विस्तार राज्य की अर्थव्यवस्था में अलग-अलग क्षेत्रों की भूमिका बढ़ाने की दिशा में एक कदम है। अब इन प्रस्तावों के क्रियान्वयन के साथ यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रस्तावित निवेश किस गति से परियोजनाओं में बदलते हैं और रोजगार के कितने अवसर वास्तव में सामने आते हैं।