नई दिल्ली,9 जुलाई (युआईटीवी)- भारतीय महिला क्रिकेट टीम और इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम के बीच 10 जुलाई से ऐतिहासिक लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर एकमात्र चार दिवसीय टेस्ट मैच खेला जाएगा। इस मुकाबले से पहले भारतीय टीम को बड़ा झटका लगा है। शीर्ष क्रम की बल्लेबाज प्रतीका रावल चोट के कारण इस महत्वपूर्ण टेस्ट से बाहर हो गई हैं। उनकी अनुपस्थिति भारतीय बल्लेबाजी क्रम के लिए चुनौती मानी जा रही है। भारतीय टीम प्रबंधन ने उनके स्थान पर अनुभवी बल्लेबाज प्रिया पुनिया को टीम में शामिल किया है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि प्रिया पुनिया को टेस्ट पदार्पण का अवसर मिलता है या नहीं और वह इस बड़े मंच पर अपनी छाप छोड़ने में कितनी सफल रहती हैं।
प्रतीका रावल को पिछले सप्ताह इंग्लैंड ए के खिलाफ टॉन्टन में खेले गए दूसरे एकदिवसीय मुकाबले के दौरान चोट लगी थी। क्षेत्ररक्षण करते समय उनके घुटने में गंभीर कट लग गया था। चोट इतनी गहरी थी कि उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा और वह बाद में बल्लेबाजी के लिए भी नहीं उतर सकीं। प्रारंभिक उपचार के बाद चिकित्सकीय जाँच में उनके घुटने पर टांके लगाने पड़े। इसके बाद टीम प्रबंधन ने उनकी फिटनेस पर लगातार नजर रखी,लेकिन समय पर पूरी तरह फिट नहीं होने के कारण उन्हें टेस्ट मैच से बाहर करने का फैसला लिया गया।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम के मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने प्रतीका रावल की चोट की पुष्टि करते हुए बताया कि उनके घुटने में गहरा कट लगा है और इस कारण टांके लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि टीम प्रबंधन ने चिकित्सकीय सलाह को ध्यान में रखते हुए जोखिम नहीं लेने का फैसला किया है। इसी वजह से प्रिया पुनिया को टीम में शामिल किया गया है,ताकि बल्लेबाजी विभाग में संतुलन बनाए रखा जा सके।
प्रिया पुनिया लंबे समय से घरेलू क्रिकेट और भारत ए टीम के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन करती रही हैं। हालाँकि,उन्हें अभी तक टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण का अवसर नहीं मिला है, लेकिन हाल के समय में उनके प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया है। इंग्लैंड दौरे पर भारत ए टीम की तीन मैचों की श्रृंखला में उन्होंने दो महत्वपूर्ण अर्धशतक लगाए थे और अपनी तकनीकी क्षमता का परिचय दिया था। ऐसे में माना जा रहा है कि यदि उन्हें अंतिम एकादश में जगह मिलती है,तो वह शीर्ष क्रम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
हालाँकि,भारतीय टीम में बल्लेबाजी क्रम को लेकर प्रतिस्पर्धा भी कम नहीं है। तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए हरलीन देओल और यास्तिका भाटिया भी मजबूत दावेदार मानी जा रही हैं। टीम प्रबंधन को परिस्थितियों और रणनीति के अनुसार अंतिम एकादश का चयन करना होगा। फिर भी प्रिया पुनिया के हालिया प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें मौका मिलने की संभावना काफी मजबूत मानी जा रही है।
प्रतीका रावल के लिए चोटें लगातार उनके करियर में बड़ी बाधा बनती रही हैं। यह पहला अवसर नहीं है,जब किसी महत्वपूर्ण टूर्नामेंट से पहले उन्हें चोट के कारण बाहर होना पड़ा हो। इससे पहले भी वह महिला एकदिवसीय विश्व कप 2025 से चोट के कारण बाहर हो गई थीं। उस समय उनकी जगह शेफाली वर्मा को टीम में शामिल किया गया था। इसके अलावा वह महिला प्रीमियर लीग 2025 में भी चोट के कारण हिस्सा नहीं ले सकी थीं। लगातार चोटों के कारण उनके अंतरराष्ट्रीय करियर की लय प्रभावित हुई है,हालाँकि,टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि वह पूरी तरह फिट होकर जल्द वापसी करेंगी।
इंग्लैंड के खिलाफ यह टेस्ट मैच भारतीय महिला टीम के लिए कई मायनों में बेहद खास है। वर्ष 2026 में यह टीम का दूसरा टेस्ट मुकाबला होगा। सबसे बड़ी बात यह है कि पहली बार प्रतिष्ठित लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर महिला टेस्ट मैच आयोजित किया जा रहा है। क्रिकेट जगत में लॉर्ड्स को खेल का सबसे ऐतिहासिक मैदान माना जाता है और यहाँ खेलने का अवसर हर खिलाड़ी के लिए विशेष महत्व रखता है। ऐसे में दोनों टीमों के खिलाड़ियों के लिए यह मुकाबला यादगार बनने वाला है।
भारतीय महिला टीम हाल के समय में सीमित ओवरों के क्रिकेट में मिश्रित प्रदर्शन करती रही है। विशेष रूप से महिला टी20 विश्व कप 2026 में टीम उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सकी थी और सेमीफाइनल तक पहुँचने से पहले ही उसका अभियान समाप्त हो गया था। इस निराशाजनक प्रदर्शन के बाद टीम अब टेस्ट क्रिकेट में दमदार वापसी कर आत्मविश्वास हासिल करना चाहेगी।
मुख्य कोच अमोल मजूमदार और टीम प्रबंधन भी इस टेस्ट को भविष्य की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण मान रहे हैं। उनका प्रयास रहेगा कि युवा खिलाड़ियों और अनुभवी क्रिकेटरों का संतुलित संयोजन तैयार किया जाए,जिससे टीम चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी अच्छा प्रदर्शन कर सके। इंग्लैंड की परिस्थितियों में टेस्ट क्रिकेट हमेशा कठिन माना जाता है,इसलिए बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों की परीक्षा होगी।
दूसरी ओर इंग्लैंड महिला टीम अपने घरेलू मैदान और परिस्थितियों का पूरा लाभ उठाने की कोशिश करेगी। ऐसे में भारतीय टीम के सामने चुनौती आसान नहीं होगी। हालाँकि,भारतीय खिलाड़ियों ने पिछले कुछ वर्षों में विदेशी परिस्थितियों में भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया है, जिससे टीम का मनोबल मजबूत है।
फिलहाल भारतीय टीम की सबसे बड़ी चिंता प्रतीका रावल की अनुपस्थिति है,क्योंकि वह शीर्ष क्रम की भरोसेमंद बल्लेबाज मानी जाती हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि उनकी जगह टीम में शामिल की गई प्रिया पुनिया को अंतिम एकादश में मौका मिलता है या नहीं। यदि उन्हें पदार्पण का अवसर मिलता है,तो यह उनके करियर का सबसे बड़ा मौका होगा। वहीं भारतीय टीम इस ऐतिहासिक लॉर्ड्स टेस्ट में जीत दर्ज कर न केवल श्रृंखला की शानदार शुरुआत करना चाहेगी,बल्कि हालिया निराशाजनक प्रदर्शन को पीछे छोड़ते हुए नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का भी प्रयास करेगी।
