राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और पीएम मोदी (तस्वीर क्रेडिट@bulbulroymishra)

मैक्रों के वीडियो में गूँजा ‘आरी-आरी’, भारत-फ्रांस दोस्ती को मिला नया सांस्कृतिक रंग

नई दिल्ली,15 जून (युआईटीवी)- भारत और फ्रांस के बीच लगातार मजबूत होते रणनीतिक और कूटनीतिक संबंधों के बीच फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का एक सोशल मीडिया वीडियो चर्चा का केंद्र बन गया है। इस वीडियो में राष्ट्रपति मैक्रों बॉलीवुड फिल्म ‘धुरंधर-2’ के सुपरहिट गीत ‘आरी-आरी’ की धुन पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और दोनों देशों के नागरिकों के बीच इसे भारत-फ्रांस मित्रता के एक नए और दिलचस्प प्रतीक के रूप में देखा जाने लगा।

वीडियो में दोनों नेताओं की मुलाकात के दौरान के कुछ विशेष क्षणों को दिखाया गया है। लोकप्रिय हिंदी गीत की पृष्ठभूमि ने इस वीडियो को और अधिक आकर्षक बना दिया है। आमतौर पर औपचारिक कूटनीतिक मुलाकातों से जुड़े वीडियो गंभीर और आधिकारिक होते हैं,लेकिन इस वीडियो ने एक अलग संदेश दिया। लोगों ने इसे केवल राजनीतिक साझेदारी नहीं,बल्कि सांस्कृतिक जुड़ाव और आपसी सम्मान के रूप में भी देखा।

सोशल मीडिया पर वीडियो को लाखों लोगों ने देखा और साझा किया। कई लोगों ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यह दिखाता है कि भारतीय संस्कृति और बॉलीवुड की लोकप्रियता अब दुनिया के सबसे प्रभावशाली नेताओं तक पहुँच चुकी है। वहीं कुछ लोगों ने इसे दोनों देशों के बीच बढ़ते विश्वास और निकटता का प्रतीक बताया।

यह वीडियो ऐसे समय सामने आया है,जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच फ्रांस के शहर नीस में महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई। इस बैठक में दोनों नेताओं ने रक्षा,प्रौद्योगिकी,अंतरिक्ष,सुरक्षा,आतंकवाद-रोधी सहयोग और नवाचार जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि राष्ट्रपति मैक्रों के साथ उनकी बातचीत अत्यंत उपयोगी और परिणामदायी रही।

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि भारत और फ्रांस के बीच दशकों पुरानी मित्रता और विश्वास को ध्यान में रखते हुए दोनों देशों ने अपने संबंधों को एक विशिष्ट व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों का उद्देश्य केवल वर्तमान सहयोग को आगे बढ़ाना नहीं है,बल्कि भविष्य की चुनौतियों और अवसरों को ध्यान में रखते हुए नए क्षेत्रों में भी साझेदारी को मजबूत करना है।

प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी चर्चा का मुख्य केंद्र रक्षा और सुरक्षा सहयोग के साथ-साथ नई तकनीकों के क्षेत्र में साझेदारी को गहरा बनाना था। इसके अलावा अंतरिक्ष अनुसंधान,साइबर सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त प्रयासों पर भी दोनों नेताओं के बीच सहमति बनी। विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में भारत और फ्रांस के बीच बढ़ता सहयोग दोनों देशों के लिए रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है।

एक अन्य संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत और फ्रांस व्यापार तथा निवेश के क्षेत्र में अपने सहयोग को नई ऊँचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई गति प्रदान करेगा।

प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि दोनों देशों ने महत्वपूर्ण खनिजों और आधुनिक तकनीकों की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के लिए आर्थिक सुरक्षा संवाद शुरू करने का निर्णय लिया है। वर्तमान समय में महत्वपूर्ण खनिजों की वैश्विक माँग तेजी से बढ़ रही है और इन्हें भविष्य की औद्योगिक तथा तकनीकी प्रगति के लिए बेहद आवश्यक माना जा रहा है। ऐसे में भारत और फ्रांस का यह कदम रणनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों को भी दोनों देशों ने सहयोग के नए आयामों के रूप में चिन्हित किया है। दोनों नेताओं का मानना है कि इन क्षेत्रों में साझेदारी से न केवल दोनों देशों को लाभ मिलेगा,बल्कि मानव संसाधन विकास और नवाचार को भी बढ़ावा मिलेगा।

राष्ट्रपति मैक्रों ने भी इस मुलाकात की झलक सोशल मीडिया पर साझा की। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के साथ एक सेल्फी पोस्ट करते हुए केवल एक शब्द लिखा—‘नाइस’। यह पोस्ट भी कुछ ही समय में सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। प्रधानमंत्री मोदी ने इस पोस्ट को साझा करते हुए कहा कि नीस में राष्ट्रपति मैक्रों से मिलकर उन्हें खुशी हुई। उन्होंने अपनी यात्रा के पहले चरण को सफल और सार्थक बताया तथा विश्वास जताया कि भारत-फ्रांस साझेदारी आने वाले समय में नई ऊँचाइयों को छुएगी।

नीस में हुई इस बैठक के बाद दोनों देशों की ओर से एक संयुक्त बयान भी जारी किया गया। बयान में कहा गया कि दोनों नेताओं ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते को जल्द अंतिम रूप देने की आवश्यकता पर बल दिया। उनके अनुसार,यह समझौता दोनों पक्षों के लिए व्यापार और निवेश के क्षेत्र में नए अवसर पैदा करेगा और आर्थिक विकास को गति देगा।

संयुक्त बयान में यह भी कहा गया कि दोनों देशों ने लघु और मध्यम उद्योगों,विमानन तथा रेलवे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के विभिन्न उपायों पर चर्चा की। इसके अलावा कानपुर में एरोनॉटिक्स क्षेत्र में कौशल विकास के लिए उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने के समझौते का भी स्वागत किया गया। यह पहल भारत में उन्नत तकनीकी कौशल को बढ़ावा देने और युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करने में मददगार साबित हो सकती है।

दोनों देशों ने आर्थिक सुरक्षा संवाद की शुरुआत का स्वागत करते हुए महत्वपूर्ण खनिजों और अन्य रणनीतिक संसाधनों की आपूर्ति श्रृंखला को अधिक मजबूत और भरोसेमंद बनाने पर भी सहमति व्यक्त की। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में हाल के वर्षों में आई चुनौतियों को देखते हुए यह कदम दोनों देशों के लिए दीर्घकालिक लाभ लेकर आ सकता है।

फिलहाल राष्ट्रपति मैक्रों का ‘आरी-आरी’ गीत वाला वीडियो और प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी गर्मजोशी भरी तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं। कूटनीतिक सहयोग,आर्थिक साझेदारी और सांस्कृतिक जुड़ाव का यह अनोखा संगम भारत और फ्रांस के संबंधों को एक नई पहचान दे रहा है। यही कारण है कि इस मुलाकात को केवल एक औपचारिक बैठक नहीं,बल्कि दो मित्र देशों के बीच बढ़ती निकटता और विश्वास का प्रतीक माना जा रहा है।