समय रैना और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (तस्वीर क्रेडिट@JaikyYadav16)

महाराष्ट्र साइबर सेल ने लॉन्च किया साइबर जागरूकता अभियान,समय रैना के मजाक पर ठहाकों से गूँजा कार्यक्रम

मुंबई,27 अगस्त (युआईटीवी)- महाराष्ट्र साइबर सेल ने बुधवार को साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक विशेष अभियान के तहत साइबर-अवेयरनेस शॉर्ट फिल्म, ‘डिजिटल अरेस्ट’ और ‘महाराष्ट्र साइबर एंथम’ लॉन्च किया। इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ मनोरंजन जगत की कई प्रमुख हस्तियां और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर भी शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य आम लोगों को तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों,ऑनलाइन धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट जैसी ठगी की तकनीकों के प्रति जागरूक करना और उन्हें सतर्क रहने का संदेश देना था।

कार्यक्रम में अभिनेता आशीष विद्यार्थी, पंकज त्रिपाठी, शरद केलकर, सोनाली बेंद्रे, जावेद जाफरी, मंगेश देसाई, गायिका सुनिधि चौहान और कॉमेडियन समय रैना समेत मनोरंजन जगत से जुड़े कई चेहरे मौजूद रहे। इन सभी हस्तियों ने साइबर जागरूकता अभियान में अपनी भूमिका निभाई और लोगों से ऑनलाइन ठगी से सावधान रहने की अपील की। अभियान के दौरान महाराष्ट्र की साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 को भी प्रमुखता से बताया गया। अधिकारियों और कलाकारों ने लोगों से साइबर अपराध का शिकार होने पर तुरंत हेल्पलाइन से संपर्क करने का आग्रह किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने साइबर अपराध से निपटने में जन-जागरूकता को बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि केवल कानून-व्यवस्था की कार्रवाई के जरिए साइबर अपराध पर पूरी तरह लगाम लगाना मुश्किल है। इसके लिए आम नागरिकों को भी डिजिटल दुनिया में बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी होना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कलाकारों,अभिनेताओं और गायकों की पहुंच समाज के बड़े वर्ग तक है,इसलिए उनके माध्यम से साइबर अपराध के खिलाफ संदेश ज्यादा प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुँचाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने मनोरंजन जगत से जुड़े लोगों की भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि जब लोकप्रिय चेहरे किसी सामाजिक अभियान का हिस्सा बनते हैं तो उसका संदेश तेजी से लोगों तक पहुँचता है। साइबर अपराध के मामले लगातार बदल रहे हैं और अपराधी नई-नई तकनीकों का इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में जागरूकता ही लोगों को ठगी से बचाने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदमों में से एक है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अनजान लिंक पर क्लिक करने,संदिग्ध कॉल का जवाब देने या किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ संवेदनशील बैंकिंग जानकारी साझा करने से बचें।

कार्यक्रम के दौरान डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराध के तरीकों को लेकर भी जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया। डिजिटल अरेस्ट के मामलों में ठग अक्सर खुद को पुलिस,जाँच एजेंसी या किसी अन्य सरकारी विभाग का अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं। इसके बाद पीड़ित को वीडियो कॉल या फोन पर लगातार निगरानी में रहने का दबाव बनाया जाता है और पैसे ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया जाता है। साइबर सेल की ओर से लोगों को यह संदेश देने की कोशिश की गई कि कोई भी वास्तविक कानून-व्यवस्था एजेंसी फोन या वीडियो कॉल के जरिए किसी व्यक्ति को इस तरह ‘डिजिटल अरेस्ट’ नहीं करती।

कार्यक्रम में मौजूद कॉमेडियन समय रैना ने अपने अंदाज में माहौल को हल्का कर दिया। उन्होंने कार्यक्रम से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का धन्यवाद किया। इस दौरान उन्होंने महाराष्ट्र साइबर सेल को लेकर ऐसा मजाक किया कि कार्यक्रम में मौजूद कई लोग हँस पड़े। समय रैना ने कहा कि उनके फोन में महाराष्ट्र साइबर का नंबर पहले से ही सेव है, क्योंकि उन्हें वहाँ से अक्सर कॉल आते रहते हैं।

समय रैना ने मजाकिया अंदाज में कहा, “सम्मान के लिए धन्यवाद सर। महा साइबर के साथ मेरा नाता बहुत पुराना है। 1930 वाकई एक शानदार नंबर है।” उनकी इस टिप्पणी के बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच हँसी का माहौल बन गया। उन्होंने आगे महाराष्ट्र साइबर सेल की सक्रियता का जिक्र करते हुए कहा कि यह विभाग काफी सक्रिय है और चाहे कोई व्यक्ति देश में हो या विदेश में, साइबर सेल उसे पकड़ ही लेगा।

इसके बाद समय रैना ने अपने ही अंदाज में कहा कि पहली बार ऐसा हुआ है कि साइबर सेल का कोई अधिकारी सुबह एक कॉमेडियन के घर गया, उसे घर से उठाया और इस बार उसका सम्मान किया गया। उनकी इस टिप्पणी ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को हँसा दिया। समय रैना के बयान में हास्य के साथ-साथ उनके और महाराष्ट्र साइबर सेल के बीच पहले से जुड़े एक संदर्भ की ओर भी इशारा था,जिसे लेकर सोशल मीडिया पर भी चर्चा होती रही है।

दरअसल,समय रैना का नाम पहले भी महाराष्ट्र साइबर सेल से जुड़े एक मामले में सामने आ चुका है। उनके लोकप्रिय कार्यक्रम से जुड़े एक विवाद के बाद साइबर सेल की कार्रवाई और पूछताछ की खबरें सुर्खियों में रही थीं। इसी पुराने संदर्भ को उन्होंने कार्यक्रम के दौरान अपने चुटीले अंदाज में इस्तेमाल किया। हालाँकि,इस बार वह स्वयं साइबर जागरूकता अभियान का हिस्सा बनकर मंच पर मौजूद थे और लोगों को साइबर अपराध से बचने का संदेश दे रहे थे।

महाराष्ट्र साइबर सेल की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में मनोरंजन जगत के अलग-अलग क्षेत्रों के कलाकारों की मौजूदगी इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता को केवल सरकारी अभियान तक सीमित रखने के बजाय इसे व्यापक जन-अभियान बनाने की कोशिश की जा रही है। अभिनेता और गायक अपने प्रशंसकों तथा सोशल मीडिया दर्शकों के बीच बड़ी पहुँच रखते हैं। ऐसे में उनके माध्यम से हेल्पलाइन नंबर और साइबर सुरक्षा से जुड़े संदेश बड़ी संख्या में लोगों तक पहुँच सकते हैं।

साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच 1930 हेल्पलाइन लोगों के लिए महत्वपूर्ण सहायता माध्यम है। यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी होती है, तो जल्द से जल्द शिकायत दर्ज कराना महत्वपूर्ण होता है,ताकि संबंधित एजेंसियाँ लेनदेन को रोकने और धन की रिकवरी की कोशिश कर सकें। अभियान के दौरान नागरिकों से साइबर ठगी का शिकार होने पर घबराने के बजाय तुरंत शिकायत करने और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की अपील की गई।

महाराष्ट्र साइबर सेल का यह अभियान ऐसे समय में सामने आया है,जब साइबर ठग लगातार नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। कभी बैंक अधिकारी बनकर, कभी पुलिस या जाँच एजेंसी का अधिकारी बनकर और कभी नौकरी,निवेश या पुरस्कार का लालच देकर लोगों से पैसे ऐंठे जाते हैं। डिजिटल अरेस्ट जैसी ठगी में अपराधी डर और दबाव का इस्तेमाल करते हैं,जिससे पढ़े-लिखे और तकनीकी रूप से जागरूक लोग भी कई बार उनके जाल में फँस जाते हैं।

इसी चुनौती को देखते हुए साइबर सेल ने जागरूकता अभियान में मनोरंजन जगत की लोकप्रिय हस्तियों को शामिल किया है। कार्यक्रम में लॉन्च की गई शॉर्ट फिल्म और साइबर एंथम के जरिए लोगों तक साइबर सुरक्षा का संदेश सरल और प्रभावी तरीके से पहुँचाने की कोशिश की गई है। अधिकारियों का मानना है कि सरकारी भाषा की तुलना में कलाकारों और लोकप्रिय चेहरों के माध्यम से दिया गया संदेश आम लोगों पर अधिक प्रभाव डाल सकता है।

कुल मिलाकर,महाराष्ट्र साइबर सेल का यह कार्यक्रम साइबर अपराध के खिलाफ तकनीकी कार्रवाई के साथ-साथ जन-जागरूकता को मजबूत करने की दिशा में एक प्रयास के रूप में सामने आया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जहाँ नागरिकों को साइबर अपराध के खिलाफ सतर्क रहने का संदेश दिया,वहीं मनोरंजन जगत की हस्तियों ने भी अभियान को अपना समर्थन दिया। कार्यक्रम में समय रैना के मजाक ने माहौल को हल्का जरूर किया,लेकिन उनके बयान के पीछे साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता का गंभीर संदेश भी नजर आया। अब अभियान के जरिए लोगों तक यह बात पहुँचाने की कोशिश की जा रही है कि ऑनलाइन दुनिया में थोड़ी सी सतर्कता और समय पर शिकायत कई लोगों को बड़े आर्थिक नुकसान से बचा सकती है।