मेलानिया ट्रंप (तस्वीर क्रेडिट@maibortpetit)

मेलानिया ट्रंप की बड़ी पहल,फोस्टर केयर में पले युवाओं के लिए नई छात्रवृत्तियों का ऐलान

वॉशिंगटन,21 अगस्त (युआईटीवी)- अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने सरकारी देखरेख यानी फोस्टर केयर सिस्टम में पले-बढ़े युवाओं के लिए एक नई शिक्षा पहल के तहत छात्रवृत्तियों की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य ऐसे युवाओं को उच्च शिक्षा हासिल करने,अपने लिए बेहतर करियर बनाने और लंबे समय में आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के अवसर उपलब्ध कराना है। इस कार्यक्रम के तहत इंडियाना यूनिवर्सिटी और पर्ड्यू यूनिवर्सिटी को राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा पहल में शामिल किया गया है। व्हाइट हाउस में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान मेलानिया ट्रंप ने ‘फॉस्टरिंग द फ्यूचर’ पहल को अमेरिका में फोस्टर केयर से जुड़े युवाओं के भविष्य के साथ जोड़ा। उन्होंने बताया कि इंडियाना यूनिवर्सिटी और पर्ड्यू यूनिवर्सिटी अब उन 26 शैक्षणिक संस्थानों के गठबंधन का हिस्सा बनेंगे,जो फोस्टर केयर सिस्टम से जुड़े युवाओं को उच्च शिक्षा हासिल करने,कॉलेज के बाद करियर शुरू करने और आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनने में सहायता प्रदान कर रहे हैं।

मेलानिया ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के लिए सबसे बड़ा निवेश केवल तकनीक,बुनियादी ढाँचे या पूँजी बाजार में नहीं है,बल्कि देश के बच्चों में है। उन्होंने इस पहल को अमेरिका के भविष्य से जोड़ते हुए कहा कि आने वाले समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता,रोबोटिक्स और नई औद्योगिक तकनीकें रोजगार के स्वरूप को तेजी से बदलेंगी। ऐसे में देश की भविष्य की ताकत इस बात पर निर्भर करेगी कि वह अपने युवाओं को इस बदलती दुनिया के लिए कितना बेहतर तैयार करता है।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय के नेता आज की कक्षाओं में पढ़ रहे हैं और इनमें फोस्टर केयर सिस्टम में बड़े हो रहे बच्चे भी शामिल हैं। मेलानिया ने जोर देकर कहा कि इन युवाओं की प्रतिभा किसी भी दूसरे युवा से कम नहीं है और उन्हें आगे बढ़ने के लिए उचित अवसर तथा समर्थन मिलना चाहिए।

‘फॉस्टरिंग द फ्यूचर’ कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ऐसे योग्य और प्रतिभाशाली युवाओं की पहचान करना है,जिन्हें आर्थिक,सामाजिक या पारिवारिक परिस्थितियों के कारण शिक्षा और करियर के क्षेत्र में अतिरिक्त चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। पहल के तहत कोशिश की जा रही है कि फोस्टर केयर सिस्टम से बाहर निकलने के बाद भी युवाओं को अकेला न छोड़ दिया जाए,बल्कि उन्हें कॉलेज की पढ़ाई,रोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में लगातार सहयोग दिया जाए।

मेलानिया ट्रंप ने कहा कि इस पहल का लक्ष्य सरल लेकिन प्रभावशाली है। फोस्टर केयर समुदाय से जुड़े हर युवा को कॉलेज की शिक्षा हासिल करने,एक सार्थक करियर शुरू करने और लंबे समय तक आर्थिक रूप से स्वतंत्र रहने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी युवा की पारिवारिक या सामाजिक परिस्थिति उसकी क्षमता और भविष्य की संभावनाओं को तय नहीं करनी चाहिए।

इस पहल के तहत इंडियाना यूनिवर्सिटी और पर्ड्यू यूनिवर्सिटी में दी जाने वाली छात्रवृत्तियों के लिए वित्तीय सहायता फॉक्स स्पोर्ट्स और इंडीकार की ओर से प्रदान की जाएगी। इससे इन दोनों विश्वविद्यालयों में पढ़ने की इच्छा रखने वाले फोस्टर केयर से जुड़े योग्य युवाओं को उच्च शिक्षा की लागत से जुड़ी बाधाओं को दूर करने में मदद मिल सकेगी।

फॉक्स स्पोर्ट्स के अध्यक्ष और कार्यकारी निर्माता एरिक शैंक्स ने इस साझेदारी को युवाओं के भविष्य से जोड़ते हुए कहा कि उनकी कंपनी को इंडीकार के अपने साझेदारों के साथ मिलकर इंडियाना यूनिवर्सिटी और पर्ड्यू यूनिवर्सिटी में छात्रवृत्ति उपलब्ध कराने पर गर्व है। उनका कहना था कि फोस्टर केयर से जुड़े युवाओं को अपने भविष्य के निर्माण के लिए जरूरी संसाधन और समर्थन उपलब्ध कराना इस साझेदारी का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।

इंडीकार के मालिक और पेंस्के एंटरटेनमेंट के चेयरमैन रोजर पेंस्के ने भी इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम शिक्षा और अगली पीढ़ी के प्रति अमेरिका की प्रतिबद्धता का महत्वपूर्ण संदेश देता है। उनके अनुसार,युवाओं को बेहतर शिक्षा और अवसर उपलब्ध कराना देश के भविष्य को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

व्हाइट हाउस में आयोजित इस कार्यक्रम को इस सप्ताहांत होने वाली ‘फ्रीडम 250 इंडीकार ग्रांड प्रिक्स’ रेस से भी जोड़ा गया। कार्यक्रम के दौरान रेस में इस्तेमाल होने वाली एक इंडीकार कार को भी प्रदर्शित किया गया। इस आयोजन के जरिए शिक्षा, युवाओं के भविष्य और अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के समारोह को एक साथ जोड़ा गया है।

‘फ्रीडम 250’ रेस अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के समारोहों का हिस्सा है। आयोजकों के मुताबिक यह 250 मील लंबी रेस रविवार को नेशनल मॉल क्षेत्र के आसपास आयोजित की जानी है। रेस के दौरान इंडीकार कारें अमेरिकी राजधानी के कई प्रमुख स्थलों के आसपास से गुजरेंगी। इनमें अमेरिकी कैपिटल भवन और वॉशिंगटन मॉन्यूमेंट जैसे प्रसिद्ध स्थल शामिल हैं।

आयोजकों के अनुसार,रेस में शामिल कारों की गति 180 मील प्रति घंटे से अधिक हो सकती है। इस वजह से यह आयोजन केवल खेल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के बड़े समारोहों का भी हिस्सा होगा। व्हाइट हाउस में छात्रवृत्ति कार्यक्रम की घोषणा के साथ इस रेस को जोड़ना शिक्षा और राष्ट्रीय उत्सव को एक साझा मंच पर लाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

फोस्टर केयर सिस्टम में रहने वाले युवाओं के सामने अक्सर शिक्षा और रोजगार से जुड़ी कई चुनौतियाँ होती हैं। परिवार के स्थायी समर्थन की कमी,आर्थिक असुरक्षा और स्कूल से कॉलेज तथा फिर नौकरी की दुनिया में प्रवेश के दौरान मिलने वाली सीमित सहायता उनके लिए मुश्किलें बढ़ा सकती है। ऐसे में छात्रवृत्ति और संस्थागत सहयोग उनके लिए उच्च शिक्षा तक पहुँच आसान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

‘फॉस्टरिंग द फ्यूचर’ पहल इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए युवाओं को शिक्षा से रोजगार तक एक व्यापक रास्ता उपलब्ध कराने पर जोर देती है। इसका उद्देश्य केवल कॉलेज में दाखिला दिलाना नहीं है,बल्कि युवाओं को ऐसा समर्थन देना भी है,जिससे वे अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें,करियर की शुरुआत कर सकें और आर्थिक रूप से स्वतंत्र जीवन जी सकें।

मेलानिया ट्रंप ने अपने संबोधन में तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया का विशेष उल्लेख किया। कृत्रिम बुद्धिमत्ता और रोबोटिक्स जैसी तकनीकों के विस्तार से आने वाले वर्षों में कई पारंपरिक नौकरियों के स्वरूप में बदलाव आने की संभावना है। साथ ही नई तकनीक आधारित नौकरियों के अवसर भी बढ़ रहे हैं। ऐसे में युवाओं को आधुनिक कौशल से लैस करना अमेरिका के लिए महत्वपूर्ण चुनौती है। फोस्टर केयर से जुड़े युवाओं को इस बदलाव में पीछे न छूटने देने के लिए शिक्षा और कौशल विकास को विशेष महत्व दिया जा रहा है।

मेलानिया ट्रंप की पहल का एक महत्वपूर्ण संदेश यह भी है कि फोस्टर केयर में पले-बढ़े युवाओं को केवल सहायता पाने वाले समूह के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उनके भीतर भी नेतृत्व,प्रतिभा और नवाचार की क्षमता है। सही अवसर मिलने पर वे शिक्षा,उद्योग और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

इंडियाना यूनिवर्सिटी और पर्ड्यू यूनिवर्सिटी का इस गठबंधन में शामिल होना इस पहल के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इन संस्थानों के जरिए छात्रवृत्ति पाने वाले युवाओं को उच्च शिक्षा हासिल करने का अवसर मिलेगा और वे अपने पसंदीदा क्षेत्रों में आगे बढ़ सकेंगे।

कुल मिलाकर,मेलानिया ट्रंप की नई पहल का केंद्र फोस्टर केयर सिस्टम से जुड़े युवाओं को शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। इंडियाना यूनिवर्सिटी और पर्ड्यू यूनिवर्सिटी को 26 संस्थानों के गठबंधन में शामिल करने और छात्रवृत्ति के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने से इस कार्यक्रम का दायरा और मजबूत हुआ है। व्हाइट हाउस में आयोजित कार्यक्रम के दौरान इसे अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ से जुड़े इंडीकार आयोजन के साथ जोड़कर शिक्षा और राष्ट्रीय उत्सव दोनों को एक मंच पर लाया गया। पहल के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि अमेरिका का भविष्य केवल उसकी तकनीकी और आर्थिक ताकत में नहीं,बल्कि उन युवाओं में भी है,जिन्हें आज सही अवसर और समर्थन की जरूरत है।