नई दिल्ली,3 जून (युआईटीवी)- पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए भीषण मिसाइल और ड्रोन हमले ने एक बार फिर क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई,जबकि कई अन्य भारतीय नागरिक घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद भारत सरकार ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए हमले की कड़ी निंदा की है और मृतक के परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की है। साथ ही भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने और नागरिक आबादी को निशाना बनाए जाने की घटनाओं को तुरंत रोकने की अपील की है।
विदेश मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि भारत पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और संघर्ष को लेकर लगातार चिंता व्यक्त करता रहा है। मंत्रालय ने दोहराया कि किसी भी सैन्य संघर्ष के दौरान नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाना अंतर्राष्ट्रीय मानवीय सिद्धांतों के खिलाफ है। भारत ने स्पष्ट रूप से कहा कि निर्दोष लोगों की जान को खतरे में डालने वाली ऐसी घटनाएँ क्षेत्र में शांति और स्थिरता के प्रयासों को कमजोर करती हैं।
सरकार ने हमले में जान गंवाने वाले भारतीय नागरिक के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस कठिन समय में भारत सरकार पूरी तरह से पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। मंत्रालय ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की है।
घटना के बाद कुवैत स्थित भारतीय दूतावास तुरंत सक्रिय हो गया। भारतीय अधिकारियों ने स्थानीय प्रशासन और चिकित्सा संस्थानों के साथ संपर्क स्थापित कर घायल भारतीय नागरिकों की स्थिति की जानकारी जुटानी शुरू कर दी। दूतावास की ओर से घायलों को आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ दस्तावेजी और अन्य प्रशासनिक सहायता भी प्रदान की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि भारतीय मिशन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित भारतीयों तथा उनके परिवारों से संपर्क में है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार,पश्चिम एशिया में मौजूद सभी भारतीय दूतावासों और मिशनों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। क्षेत्र में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मिशनों को आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है। भारतीय समुदाय को भी स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और किसी भी आपात स्थिति में भारतीय दूतावासों से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
बुधवार तड़के हुए इस हमले ने पूरे क्षेत्र में चिंता का माहौल पैदा कर दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार,कुवैत अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन हमलों का निशाना बनाया गया। हमले के दौरान एयरपोर्ट के यात्री टर्मिनल-1 को गंभीर क्षति पहुँची। विस्फोटों और हमलों के कारण टर्मिनल परिसर में अफरातफरी मच गई और बड़ी संख्या में यात्री तथा कर्मचारी प्रभावित हुए।
कुवैत के रक्षा मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल सऊद अब्दुलअजीज अल-ओतैबी ने बताया कि एयरपोर्ट के यात्री टर्मिनल पर कई ड्रोन हमले हुए,जिससे भवन को भारी नुकसान पहुँचा। हमले के दौरान कई लोग घायल हुए और कुछ क्षेत्रों में संचालन अस्थायी रूप से प्रभावित हुआ। सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत बचाव और राहत कार्य शुरू कर दिया तथा प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया।
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतर्राष्ट्रीय कानूनों और मानवीय सिद्धांतों का उल्लंघन बताया है। मंत्रालय ने आरोप लगाया कि बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन के माध्यम से किए गए हमलों ने नागरिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया,जिससे निर्दोष लोगों की जान खतरे में पड़ी। कुवैती अधिकारियों ने इस घटना को क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बताया है।
विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ता तनाव अब उन देशों को भी प्रभावित करने लगा है,जो सीधे संघर्ष का हिस्सा नहीं हैं। क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन हमलों की बढ़ती घटनाओं से नागरिक उड्डयन,व्यापारिक गतिविधियों और अंतर्राष्ट्रीय आवागमन पर भी असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। कुवैत जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रीय केंद्र पर हमला इस बात का संकेत माना जा रहा है कि संघर्ष का दायरा व्यापक होता जा रहा है।
भारत ने अपने बयान में एक बार फिर संवाद और कूटनीतिक समाधान की आवश्यकता पर बल दिया है। नई दिल्ली का मानना है कि सैन्य कार्रवाई और जवाबी हमलों का सिलसिला केवल मानवीय संकट को और गंभीर बनाएगा। भारत लंबे समय से पश्चिम एशिया में शांति,स्थिरता और बातचीत के माध्यम से विवादों के समाधान का समर्थन करता रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार,पश्चिम एशिया में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक कार्यरत हैं और कई देशों में भारतीय समुदाय की महत्वपूर्ण उपस्थिति है। ऐसे में क्षेत्र में बढ़ता तनाव भारत के लिए भी चिंता का विषय है। भारत सरकार लगातार अपने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
कुवैत एयरपोर्ट पर हुआ यह हमला केवल एक सुरक्षा घटना नहीं,बल्कि क्षेत्र में तेजी से बदलते भू-राजनीतिक हालात का भी संकेत है। एक भारतीय नागरिक की मौत और कई अन्य लोगों के घायल होने से भारत में भी चिंता बढ़ गई है। सरकार की ओर से राहत और सहायता प्रयास जारी हैं,जबकि कूटनीतिक स्तर पर भी स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है।
फिलहाल कुवैत में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है तथा हमले से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। भारतीय दूतावास प्रभावित नागरिकों की सहायता में जुटा हुआ है। वहीं अंतर्राष्ट्रीय समुदाय भी इस घटना पर नजर बनाए हुए है और क्षेत्र में शांति बहाल करने के प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दे रहा है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच यह घटना एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि संघर्ष का सबसे बड़ा खामियाजा अक्सर आम नागरिकों को ही भुगतना पड़ता है।
