कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी (तस्वीर क्रेडिट@DragonSG001)

कनाडा के नानकसर गुरुद्वारे में चाकूबाजी पर प्रधानमंत्री की कड़ी प्रतिक्रिया,बोले- पूजा स्थल पर किसी को असुरक्षित महसूस नहीं होना चाहिए

ओटावा,22 अगस्त (युआईटीवी)- कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अल्बर्टा प्रांत के एडमोंटन स्थित नानकसर गुरुद्वारे में हुए चाकू से हमले की कड़ी निंदा की है। इस घटना में दो लोग घायल हुए हैं। प्रधानमंत्री ने हमले को बेहद दुखद और चौंकाने वाला बताया और पीड़ितों के साथ-साथ एडमोंटन के सिख समुदाय के प्रति अपनी एकजुटता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को अपने धार्मिक स्थल पर कभी भी असुरक्षित महसूस नहीं करना चाहिए। प्रधानमंत्री ने घटना के बाद त्वरित कार्रवाई के लिए एडमोंटन पुलिस सेवा की भी सराहना की।

शनिवार सुबह एडमोंटन के उत्तर-पूर्वी बाहरी इलाके में स्थित नानकसर गुरुसिख मंदिर में यह घटना हुई। पुलिस और समुदाय के प्रतिनिधियों के अनुसार,घटना के समय गुरुद्वारे में एक शादी समारोह से पहले सुबह की प्रार्थना चल रही थी। इसी दौरान एक व्यक्ति गुरुद्वारे के अंदर पहुँचा और वहाँ मौजूद लोगों के साथ विवाद के बाद दो लोगों पर चाकू से हमला कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और आपातकालीन सेवाएँ मौके पर पहुँचीं।

प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर घटना को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि एडमोंटन के नानकसर गुरुद्वारे में सुबह हुआ हमला बेहद दुखद है। उन्होंने घटना में घायल हुए दोनों लोगों और इस भयावह घटना से सदमे में आए पूरे समुदाय के प्रति संवेदना जताई। प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी को भी अपने पूजा स्थल पर असुरक्षित महसूस नहीं करना चाहिए। उन्होंने घटना के बाद तेजी से कार्रवाई करने के लिए एडमोंटन पुलिस सेवा का आभार जताया।

प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है,जब कनाडा में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। गुरुद्वारे में हुई हिंसा ने स्थानीय सिख समुदाय के बीच चिंता पैदा कर दी है। समुदाय के लिए गुरुद्वारा केवल पूजा का स्थान नहीं होता, बल्कि सामाजिक,धार्मिक और सामुदायिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र भी होता है। ऐसे स्थान पर हिंसक घटना होना समुदाय के लिए विशेष रूप से परेशान करने वाला माना जा रहा है।

पुलिस के अनुसार,घटना एडमोंटन में 14 स्ट्रीट और हॉर्स हिल रोड के पास स्थित नानकसर गुरुसिख मंदिर में सुबह करीब पाँच बजे के बाद हुई। पुलिस को घटना की सूचना मिलने के बाद अधिकारी तत्काल मौके पर पहुँचे। वहाँ एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया। आपातकालीन चिकित्सा दल ने चाकू से घायल हुए दोनों लोगों का उपचार किया। दोनों को गंभीर चोटें आने की जानकारी सामने आई है। हालाँकि,पुलिस ने अभी हमले के पीछे की वास्तविक वजह को लेकर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।

इससे पहले गुरुद्वारा प्रबंधन से जुड़े प्रतिनिधियों ने बताया था कि हमला उस समय हुआ जब शादी समारोह से पहले सुबह की अरदास चल रही थी। उनके अनुसार,एक व्यक्ति गुरुद्वारे में दाखिल हुआ और उसने प्रार्थना में व्यवधान पैदा किया। वहाँ मौजूद लोगों ने पहले उससे बातचीत कर स्थिति को शांत करने की कोशिश की,लेकिन वह सहयोग नहीं कर रहा था। इसके बाद लोगों ने उसे नियंत्रित करने की कोशिश की और इसी दौरान विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसी झड़प के दौरान उस व्यक्ति ने दो लोगों पर चाकू से हमला कर दिया।

घटना के बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। हालाँकि,हमले की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस इस बात की जाँच कर रही है कि आरोपी गुरुद्वारे में क्यों आया था और क्या उसका किसी घायल व्यक्ति या वहाँ मौजूद अन्य लोगों के साथ पहले से कोई विवाद था। जाँच एजेंसियाँ घटना की परिस्थितियों और हमले के संभावित मकसद का पता लगाने में जुटी हैं।

कनाडा के विपक्ष के नेता पियरे पोइलिवरे ने भी गुरुद्वारे में हुए हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने इसे भयावह घटना बताया और कहा कि इसके लिए जिम्मेदार व्यक्ति को अपने कृत्यों के लिए पूरी तरह जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से हमले के पीछे की वजहों का पता लगाने और पूरी सच्चाई सामने लाने की माँग की।

पियरे पोइलिवरे ने कहा कि कनाडा में प्रत्येक व्यक्ति को शांति और सुरक्षा के साथ अपने धर्म का पालन करने का अधिकार है। उन्होंने एडमोंटन के सिख समुदाय के प्रति अपना समर्थन व्यक्त करते हुए घायल लोगों के जल्द और पूरी तरह स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने कहा कि हिंसा के लिए जिम्मेदार व्यक्ति को न्याय व्यवस्था के तहत जवाबदेह बनाया जाना चाहिए और अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इस घटना के पीछे की वजह पूरी तरह सामने आए।

प्रधानमंत्री और विपक्ष के नेता,दोनों की प्रतिक्रियाओं में धार्मिक स्वतंत्रता और पूजा स्थलों की सुरक्षा पर जोर दिया गया है। कनाडा में विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोग बड़ी संख्या में रहते हैं और धार्मिक स्थलों को सामुदायिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। ऐसे में गुरुद्वारे के भीतर हुई हिंसा ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

घटना के बाद स्थानीय सिख समुदाय में भी बेचैनी का माहौल है। समुदाय के प्रतिनिधियों का कहना है कि लोग गुरुद्वारे में धार्मिक गतिविधियों,प्रार्थना,सेवा और सामाजिक कार्यक्रमों के लिए एकत्र होते हैं। इसलिए यहाँ आने वाले लोगों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना जरूरी है। समुदाय अब पुलिस की जाँच के नतीजों का इंतजार कर रहा है,ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हमले के पीछे क्या कारण था।

सिख समुदाय से जुड़े संगठनों ने भी घटना पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि किसी धार्मिक स्थल के भीतर इस तरह की हिंसा बेहद गंभीर मामला है। गुरुद्वारे लोगों के लिए आस्था,सेवा और सामुदायिक एकजुटता के केंद्र होते हैं और संगत को यहाँ बिना किसी भय के आने-जाने का अधिकार है।

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल भी उठाया है कि धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को किस तरह मजबूत किया जाए। हालाँकि,अभी यह स्पष्ट नहीं है कि हमला किसी धार्मिक या सामुदायिक वजह से किया गया था। पुलिस की जाँच पूरी होने के बाद ही हमले के मकसद के बारे में स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। फिलहाल अधिकारियों का ध्यान घायलों के उपचार,आरोपी से पूछताछ और घटना से जुड़े तथ्यों को जुटाने पर है।

एडमोंटन पुलिस सेवा ने लोगों से जाँच में सहयोग करने की अपील की है। पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जाँच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गुरुद्वारे में विवाद की शुरुआत कैसे हुई। साथ ही यह भी जाँच की जा रही है कि आरोपी के पास चाकू कैसे आया और क्या वह पहले से किसी योजना के तहत वहाँ पहुँचा था।

नानकसर गुरुद्वारे में हुई इस घटना के बाद कनाडा के राजनीतिक नेतृत्व की एकजुट प्रतिक्रिया सामने आई है। प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और विपक्ष के नेता पियरे पोइलिवरे दोनों ने हमले की निंदा करते हुए सिख समुदाय के साथ खड़े होने की बात कही है। दोनों नेताओं ने धार्मिक स्वतंत्रता और सुरक्षित पूजा स्थल के अधिकार को महत्वपूर्ण बताया है।

फिलहाल पुलिस की जाँच जारी है और हमले के मकसद को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। दो लोगों के घायल होने के बाद स्थानीय समुदाय इस घटना से सदमे में है। अब सबकी नजर पुलिस की आगे की कार्रवाई और जाँच रिपोर्ट पर है,जिससे यह पता चल सकेगा कि आखिर गुरुद्वारे में हुई इस हिंसक घटना के पीछे क्या वजह थी और इसके लिए जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ किस तरह की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।