प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी (तस्वीर क्रेडिट@narendramodi)

भारत-कनाडा रिश्तों में नई ऊर्जा: पीएम नरेंद्र मोदी और मार्क कार्नी की हैदराबाद हाउस में अहम मुलाकात

नई दिल्ली, 2 मार्च (युआईटीवी)- भारत और कनाडा के संबंधों को नई दिशा देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में अपने कनाडाई समकक्ष मार्क कार्नी से विस्तृत वार्ता की। यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है,जब दोनों देशों के संबंध एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़े हैं और हाल के महीनों में आए तनाव के बाद अब सकारात्मक संवाद के जरिए आगे बढ़ने की कोशिशें तेज हुई हैं। बैठक का मुख्य फोकस द्विपक्षीय साझेदारी को मजबूत करना,आपसी विश्वास को पुनर्स्थापित करना और भविष्य की दिशा तय करना रहा।

हैदराबाद हाउस में हुई इस शिखर वार्ता के बाद दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों और एमओयू का आदान-प्रदान प्रस्तावित है। इसके बाद दोनों प्रधानमंत्री संयुक्त प्रेस वक्तव्य जारी करेंगे,जिसमें बैठक के प्रमुख बिंदुओं और सहमति के क्षेत्रों की जानकारी दी जाएगी। तय कार्यक्रम के अनुसार दोपहर एक बजकर पचास मिनट पर भारत मंडपम में भारत-कनाडा सीईओ फोरम की शुरुआत होगी,जिसमें दोनों देशों के शीर्ष उद्योगपति और कारोबारी प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस मंच पर व्यापार और निवेश के नए अवसरों पर चर्चा की जाएगी और दोनों प्रधानमंत्रियों की उपस्थिति इसे विशेष महत्व देगी। शाम छह बजे प्रधानमंत्री कार्नी अपने देश के लिए रवाना होंगे।

प्रधानमंत्री कार्नी का यह दौरा व्यापार और निवेश,ऊर्जा सहयोग,महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति,कृषि,शिक्षा,शोध और नवाचार तथा लोगों के बीच संबंधों जैसे अहम स्तंभों की समीक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कनाडा प्राकृतिक संसाधनों और आवश्यक मिनरल्स के क्षेत्र में समृद्ध देश है,जबकि भारत तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में ऊर्जा सुरक्षा और तकनीकी सहयोग को प्राथमिकता दे रहा है। ऐसे में दोनों देशों के बीच परस्पर पूरक सहयोग की संभावनाएँ व्यापक हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस,स्वच्छ ऊर्जा और प्रतिभा आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में नई साझेदारी की दिशा में भी बातचीत आगे बढ़ने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री कार्नी ने नई दिल्ली पहुँचने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि वह प्रधानमंत्री मोदी से मिलने के लिए उत्साहित हैं और कनाडा तथा भारत दो आत्मविश्वासी और महत्वाकांक्षी देश हैं,जो मिलकर साहसिक कदम उठाना चाहते हैं। उन्होंने ऊर्जा,प्रतिभा,नवाचार और एआई के क्षेत्रों में नई साझेदारियाँ बनाने की बात कही,जिससे दोनों देशों के लोगों के लिए अधिक सुरक्षा और समृद्धि सुनिश्चित की जा सके।

इससे पहले कनाडाई प्रधानमंत्री ने भारत के विदेश मंत्री डॉ. सुब्रह्मण्यम जयशंकर से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की। मुलाकात के बाद डॉ. जयशंकर ने एक्स पर लिखा कि नई दिल्ली में प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से मिलकर उन्हें प्रसन्नता हुई और उन्होंने आगे की साझेदारी को मजबूत बनाने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना की। यह संकेत देता है कि दोनों पक्ष आपसी संवाद के जरिए विश्वास बहाली और सहयोग को प्राथमिकता देना चाहते हैं।

विदेश मंत्रालय के अनुसार प्रधानमंत्री कार्नी का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है,जब भारत और कनाडा के संबंध सामान्य होने की प्रक्रिया में हैं। दोनों देशों ने पहले भी यह सहमति जताई है कि वे आपसी सम्मान,लोगों के बीच मजबूत संबंध और बढ़ते आर्थिक सहयोग के आधार पर संतुलित और रचनात्मक साझेदारी को आगे बढ़ाएँगे। हालिया वार्ता को इसी सकारात्मक माहौल को मजबूत करने का अवसर माना जा रहा है।

भारत और कनाडा के बीच आर्थिक संबंधों की बात करें तो दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार में लगातार वृद्धि हुई है। कनाडा में भारतीय मूल की बड़ी आबादी रहती है,जो दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक सेतु का काम करती है। शिक्षा और शोध के क्षेत्र में भी हजारों भारतीय छात्र कनाडा में अध्ययनरत हैं,जिससे लोगों के बीच संबंध और मजबूत हुए हैं। ऐसे में इस उच्चस्तरीय मुलाकात का उद्देश्य न केवल सरकारी स्तर पर सहयोग बढ़ाना है,बल्कि समाज और उद्योग जगत के स्तर पर भी साझेदारी को नई गति देना है।

विश्लेषकों का मानना है कि यह मुलाकात दोनों देशों के लिए भविष्य की दिशा तय करने वाली साबित हो सकती है। वैश्विक स्तर पर बदलते भू-राजनीतिक समीकरण,ऊर्जा सुरक्षा की चुनौतियाँ और तकनीकी प्रतिस्पर्धा के इस दौर में भारत और कनाडा के बीच रणनीतिक सहयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। क्षेत्रीय और वैश्विक विकास के मुद्दों पर भी दोनों नेताओं ने अपने विचार साझा किए,जिससे यह स्पष्ट होता है कि वार्ता केवल द्विपक्षीय मुद्दों तक सीमित नहीं रही,बल्कि व्यापक वैश्विक संदर्भ में भी हुई।

हैदराबाद हाउस में हुई यह बैठक भारत-कनाडा संबंधों में नई ऊर्जा भरने का संकेत देती है। एमओयू आदान-प्रदान,सीईओ फोरम और संयुक्त प्रेस वक्तव्य के जरिए दोनों देश आने वाले समय में सहयोग के नए अध्याय की शुरुआत कर सकते हैं। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि इन चर्चाओं का ठोस परिणाम क्या निकलता है और क्या यह सकारात्मक संवाद दोनों देशों के रिश्तों को स्थायी मजबूती प्रदान कर पाता है।