नई दिल्ली,13 जून (युआईटीवी)- देश में पेपर लीक,भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और बढ़ती बेरोजगारी के मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने एक बड़े राष्ट्रव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। पार्टी ने इस अभियान के पहले चरण की घोषणा करते हुए कहा है कि देशभर के छात्रों और युवाओं को जोड़ने के लिए व्यापक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएँगे। कांग्रेस का मानना है कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों, परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों और रोजगार के सीमित अवसरों ने करोड़ों युवाओं के भविष्य को संकट में डाल दिया है। इसी मुद्दे को राष्ट्रीय बहस के केंद्र में लाने के लिए पार्टी अब सड़कों से लेकर संसद तक संघर्ष करने की तैयारी में है।
कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने अभियान की रूपरेखा पेश करते हुए बताया कि इसकी शुरुआत 17 जून को राजस्थान के कोटा शहर से होगी। कोटा को देश का सबसे बड़ा कोचिंग हब माना जाता है,जहाँ लाखों छात्र विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं। ऐसे में कांग्रेस ने अपने अभियान की शुरुआत इसी शहर से करने का फैसला किया है,ताकि छात्रों की समस्याओं और चुनौतियों को सीधे तौर पर सामने लाया जा सके।
इस अभियान का नेतृत्व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी करेंगे। कांग्रेस के अनुसार राहुल गांधी देशभर में छात्र सम्मेलनों की एक श्रृंखला आयोजित करेंगे,जिनमें छात्रों, शिक्षकों,युवा संगठनों और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं से प्रभावित अभ्यर्थियों को आमंत्रित किया जाएगा। पार्टी का कहना है कि इन सम्मेलनों के माध्यम से युवाओं को अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा और उनकी समस्याओं को राष्ट्रीय मंच पर उठाया जाएगा।
कोटा में पहले सम्मेलन के बाद राहुल गांधी उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में छात्रों से संवाद करेंगे। इसके बाद बिहार की राजधानी पटना और फिर दिल्ली में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएँगे। कांग्रेस का दावा है कि इन सम्मेलनों के जरिए उन लाखों युवाओं की आवाज को सामने लाया जाएगा,जिनके सपने बार-बार परीक्षा घोटालों,पेपर लीक और भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं के कारण प्रभावित हुए हैं।
The Indian National Congress announces the first phase of a nationwide campaign against paper leaks, exam irregularities, unemployment, and the systematic betrayal of India’s youth by the Modi government.
Here is the statement by Congress General Secretary (Org.) Shri… pic.twitter.com/d0THgzZZPg
— Congress (@INCIndia) June 13, 2026
केसी वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के मार्गदर्शन और राहुल गांधी के नेतृत्व में शुरू किया जा रहा यह अभियान केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं,बल्कि देश के युवाओं के भविष्य से जुड़ा आंदोलन है। उनके अनुसार बीते कुछ वर्षों में कई राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएँ सामने आई हैं,जिससे छात्रों का भरोसा व्यवस्था पर कमजोर हुआ है। लाखों अभ्यर्थी वर्षों तक तैयारी करते हैं,लेकिन परीक्षा रद्द होने या परिणामों में देरी जैसी समस्याओं के कारण उनका करियर प्रभावित होता है।
कांग्रेस का कहना है कि आज देश का युवा दोहरी चुनौती का सामना कर रहा है। एक ओर प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर सवाल उठ रहे हैं,वहीं दूसरी ओर रोजगार के अवसरों की कमी भी गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। पार्टी का आरोप है कि सरकार इन मुद्दों का स्थायी समाधान निकालने में विफल रही है और इसी वजह से युवाओं में निराशा बढ़ रही है।
राहुल गांधी को लेकर कांग्रेस ने दावा किया कि वह छात्रों और युवाओं की समस्याओं को लगातार प्रमुखता से उठाते रहे हैं। पार्टी के अनुसार राहुल गांधी ने संसद से लेकर सार्वजनिक मंचों तक पेपर लीक,भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ियों और युवाओं के रोजगार के मुद्दे पर लगातार सरकार से जवाब माँगा है। अब इन सवालों को जनआंदोलन का रूप देने के लिए कांग्रेस देशभर में युवाओं के बीच जाएगी।
पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया है कि अभियान केवल सभाओं और सम्मेलनों तक सीमित नहीं रहेगा। कांग्रेस की छात्र इकाई राष्ट्रीय छात्र संघ,युवा कांग्रेस,प्रदेश कांग्रेस समितियाँ,जिला कांग्रेस समितियाँ और स्थानीय संगठन मिलकर बड़े पैमाने पर छात्रों तक पहुँचने का प्रयास करेंगे। इसके लिए प्रत्यक्ष संपर्क अभियान चलाया जाएगा,जिसमें विश्वविद्यालयों,कॉलेजों, स्कूलों,कोचिंग संस्थानों और युवा केंद्रों में जाकर छात्रों से संवाद किया जाएगा।
इसके अलावा सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी व्यापक उपयोग किया जाएगा। कांग्रेस का कहना है कि युवाओं तक पहुँचने के लिए डिजिटल निमंत्रण,ऑनलाइन अभियान,लाइव कार्यक्रमों का प्रसारण और सोशल मीडिया संवाद जैसे कई माध्यम अपनाए जाएँगे। पार्टी का मानना है कि आज के दौर में बड़ी संख्या में युवा डिजिटल माध्यमों से जुड़े हुए हैं,इसलिए उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी प्लेटफॉर्म का उपयोग जरूरी है।
केसी वेणुगोपाल ने कहा कि राहुल गांधी का मानना है कि देश के युवाओं की आकांक्षाओं और सपनों की बलि भ्रष्टाचार,प्रशासनिक अक्षमता या राजनीतिक उदासीनता की वजह से नहीं चढ़नी चाहिए। इसी सोच के साथ यह अभियान शुरू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य किसी एक राजनीतिक विचारधारा तक सीमित नहीं है,बल्कि उन सभी छात्रों और युवाओं को एक मंच पर लाना है,जो परीक्षा प्रणाली में सुधार और रोजगार के बेहतर अवसरों की माँग कर रहे हैं।
कांग्रेस का कहना है कि इस अभियान के दौरान प्रभावित छात्रों को अपने अनुभव साझा करने का अवसर मिलेगा। पार्टी चाहती है कि जिन युवाओं ने पेपर लीक,परीक्षा रद्द होने, परिणामों में देरी या भर्ती प्रक्रियाओं में कथित गड़बड़ियों का सामना किया है,वे खुलकर अपनी बात रखें। इससे सरकार पर जवाबदेही तय करने का दबाव बनेगा और समस्या की गंभीरता भी देश के सामने आएगी।
पार्टी ने उन प्रमुख मांगों को भी दोहराया है,जिन्हें राहुल गांधी पहले कई बार उठा चुके हैं। इनमें राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा यानी नीट की प्रक्रिया का विकेंद्रीकरण,परीक्षा शुल्क समाप्त करने की माँग,पेपर लीक रैकेट में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मामलों में उच्च स्तर पर जवाबदेही तय करना शामिल है। कांग्रेस का मानना है कि जब तक दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होगी,तब तक परीक्षा प्रणाली में लोगों का विश्वास पूरी तरह बहाल नहीं हो सकेगा।
साथ ही कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री की जवाबदेही का मुद्दा भी उठाया है। पार्टी का कहना है कि लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों के लिए केवल निचले स्तर के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराना पर्याप्त नहीं है,बल्कि शीर्ष स्तर पर भी जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस का यह अभियान आने वाले समय में युवाओं से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में ला सकता है। बेरोजगारी,शिक्षा और भर्ती प्रक्रियाओं की पारदर्शिता जैसे विषय पहले से ही देश में व्यापक चर्चा का हिस्सा हैं। ऐसे में कांग्रेस इन मुद्दों को लेकर एक व्यापक जनआंदोलन खड़ा करने की कोशिश कर रही है।
पार्टी ने यह भी संकेत दिया है कि वह आगामी संसद सत्र में युवाओं से जुड़े इन मुद्दों पर व्यापक चर्चा की माँग करेगी। कांग्रेस चाहती है कि संसद में पेपर लीक,परीक्षा सुधार,भर्ती प्रक्रिया और रोजगार के अवसरों को लेकर विस्तृत बहस हो तथा युवाओं के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक विधायी कदम उठाए जाएं।
फिलहाल कांग्रेस का यह अभियान राजनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कोटा से शुरू होने वाला यह आंदोलन आने वाले हफ्तों में देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुँचेगा और यह देखना दिलचस्प होगा कि छात्रों और युवाओं के बीच इसे कितना समर्थन मिलता है। इतना तय है कि पेपर लीक,परीक्षा में गड़बड़ी और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर कांग्रेस अब आक्रामक रणनीति अपनाने के मूड में दिखाई दे रही है।
