हैदराबाद,14 सितंबर (युआईटीवी)- विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की जोड़ी ने पर्दे पर अपनी खास केमिस्ट्री से दर्शकों के बीच अलग पहचान बनाई है। ‘गीता गोविंदम’ और ‘डियर कॉमरेड’ जैसी फिल्मों में दोनों को साथ देखने के बाद अब प्रशंसक एक बार फिर इस जोड़ी की वापसी का इंतजार कर रहे हैं। दोनों कलाकार आगामी फिल्म ‘राणाबली’ में साथ नजर आने वाले हैं। फिल्म को लेकर पहले से ही काफी उत्सुकता बनी हुई है और अब इसके निर्देशक राहुल सांकृत्यायन ने रश्मिका मंदाना के किरदार को लेकर एक बेहद निजी और भावनात्मक जानकारी साझा की है।
फिल्म में रश्मिका मंदाना ‘जयम्मा’ नाम की महिला का किरदार निभा रही हैं। निर्देशक राहुल सांकृत्यायन ने बताया है कि इस किरदार का नाम उन्होंने अपनी मां के नाम पर रखा है। उनके मुताबिक,फिल्म की कहानी लिखने के दौरान वह अपने अतीत और पुरानी यादों में चले गए थे। जब उन्होंने महिला मुख्य किरदार को आकार देना शुरू किया,तो उन्हें इस किरदार के साथ व्यक्तिगत जुड़ाव महसूस हुआ। इसी वजह से उन्होंने इसका नाम अपनी माँ के नाम पर ‘जयम्मा’ रखा।
राहुल सांकृत्यायन ने सोशल मीडिया पर रश्मिका के हिस्से की शूटिंग पूरी होने की जानकारी साझा करते हुए किरदार के पीछे की सोच के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि ‘राणाबली’ की कहानी लिखते समय कई पुरानी यादें उनके साथ जुड़ती चली गईं। महिला मुख्य किरदार को लिखते हुए उन्हें लगा कि इस पात्र के साथ उनका एक बेहद निजी रिश्ता बन रहा है। यही वजह रही कि उन्होंने अपनी माँ के नाम को फिल्म की नायिका के किरदार के लिए चुना।
निर्देशक के अनुसार, ‘जयम्मा’ केवल एक ऐतिहासिक दौर की महिला नहीं है,बल्कि उसका व्यक्तित्व समय की सीमाओं से आगे जाता है। उन्होंने किरदार को इस तरह तैयार करने की कोशिश की है कि वह जिस दौर में रहती है,उसकी परिस्थितियों को दर्शाने के साथ-साथ आज की महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बने। जयम्मा की सोच, उसका साहस और मुश्किल परिस्थितियों में अपने फैसले लेने की क्षमता उसके किरदार को खास बनाती है।
राहुल सांकृत्यायन ने बताया कि उन्होंने जयम्मा को केवल कहानी को आगे बढ़ाने वाला किरदार नहीं बनाया है। उसके व्यक्तित्व में ऐसे कई पहलू शामिल किए गए हैं,जो दर्शकों को उसके साथ भावनात्मक रूप से जोड़ने में मदद करेंगे। भले ही कहानी एक अलग ऐतिहासिक दौर में स्थापित है,लेकिन जयम्मा की सोच और उसका आत्मविश्वास आज के समय में भी प्रासंगिक नजर आएगा। यही वजह है कि निर्देशक को उम्मीद है कि यह किरदार दर्शकों के बीच लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
जयम्मा के व्यक्तित्व के साथ-साथ फिल्म में उसके लुक और आसपास की दुनिया पर भी काफी मेहनत की गई है। निर्देशक ने बताया कि किरदार के पहनावे और रूप-रंग को उस दौर के अनुरूप तैयार किया गया है। इसके लिए रेशम और सूती कपड़ों के साथ जरी, पुराने समय के रंगों और प्राचीन शैली के सोने के आभूषणों जैसे तत्वों का इस्तेमाल किया गया है। इन चीजों के जरिए फिल्म की दुनिया को ऐतिहासिक माहौल देने की कोशिश की गई है।
रश्मिका मंदाना की भूमिका को लेकर निर्देशक ने अभिनेत्री की जमकर तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि रश्मिका ने सिर्फ जयम्मा का किरदार निभाया नहीं,बल्कि उसे अपने अभिनय से पूरी तरह जीवंत कर दिया। निर्देशक के मुताबिक,अभिनेत्री ने किरदार की भावनाओं,उसकी मजबूती और उसके व्यक्तित्व को इस तरह पर्दे पर उतारा कि जयम्मा एक यादगार चरित्र बन गया। उन्होंने यह भी कहा कि रश्मिका के हिस्से की शूटिंग पूरी होने के बाद पूरी टीम उन्हें जरूर याद करेगी।
‘राणाबली’ में विजय देवरकोंडा मुख्य भूमिका में नजर आएँगे। वह फिल्म में शीर्षक किरदार राणाबली की भूमिका निभा रहे हैं। वहीं रश्मिका मंदाना उनकी पत्नी जयम्मा के रूप में दिखाई देंगी। दोनों कलाकारों की लोकप्रिय जोड़ी को देखते हुए फिल्म को लेकर प्रशंसकों के बीच पहले से काफी उत्साह है। इससे पहले दोनों की साथ में आई फिल्मों ने दर्शकों के बीच उनकी जोड़ी को खास पहचान दिलाई थी। ऐसे में लंबे समय बाद दोनों को एक साथ देखने का मौका प्रशंसकों के लिए खास होने वाला है।
फिल्म की स्टारकास्ट में हॉलीवुड अभिनेता अर्नोल्ड वोस्लू भी शामिल हैं। वह फिल्म में सर थियोडोर हेक्टर नाम के खलनायक की भूमिका निभा रहे हैं। अर्नोल्ड वोस्लू को दर्शक ‘द ममी’ जैसी फिल्मों में उनके काम के लिए जानते हैं। ‘राणाबली’ के जरिए वह भारतीय सिनेमा की इस बड़े स्तर की परियोजना का हिस्सा बने हैं। उनका किरदार कहानी में किस तरह की चुनौती पेश करता है,इसे लेकर भी दर्शकों के बीच उत्सुकता बनी हुई है।
राहुल सांकृत्यायन के निर्देशन में बन रही ‘राणाबली’ को एक पीरियड एक्शन ड्रामा के तौर पर तैयार किया जा रहा है। फिल्म की कहानी ब्रिटिश शासन के दौर की पृष्ठभूमि में रखी गई है। कहानी में 19वीं सदी की वास्तविक ऐतिहासिक घटनाओं से प्रेरित परिस्थितियों को शामिल किया गया है। फिल्म का घटनाक्रम 1854 से 1878 के बीच के समय को आधार बनाता है। इस वजह से कहानी में उस दौर की सामाजिक,राजनीतिक और ऐतिहासिक परिस्थितियों की झलक देखने को मिलने की उम्मीद है।
फिल्म को बड़े स्तर पर तैयार किया जा रहा है और इसे पैन-इंडिया दर्शकों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। ऐतिहासिक पृष्ठभूमि,बड़े पैमाने का एक्शन,मजबूत किरदार और विजय देवरकोंडा तथा रश्मिका मंदाना की जोड़ी इसे खास बनाती है। फिल्म की कहानी में जहाँ राणाबली का संघर्ष केंद्र में रहेगा,वहीं जयम्मा का किरदार भी कथानक में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता नजर आएगा।
रश्मिका के किरदार को लेकर निर्देशक का खुलासा फिल्म के प्रति उत्सुकता बढ़ाने वाला है। किसी किरदार का नाम निजी रिश्ते और भावनाओं से जुड़ा होना उसके निर्माण के पीछे की सोच को भी दर्शाता है। राहुल सांकृत्यायन के लिए जयम्मा केवल पटकथा का एक पात्र नहीं,बल्कि उनकी माँ की याद और उनसे जुड़े भावनात्मक संसार का भी हिस्सा है। ऐसे में रश्मिका के अभिनय के जरिए यह किरदार पर्दे पर किस रूप में सामने आता है,इसे लेकर दर्शकों की निगाहें फिल्म पर टिकी हैं।
‘राणाबली’ की रिलीज को लेकर भी बदलाव किया गया है। फिल्म पहले 11 सितंबर को सिनेमाघरों में आने वाली थी,लेकिन अब इसकी रिलीज डेट आगे बढ़ा दी गई है। नई घोषणा के अनुसार विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना अभिनीत यह फिल्म 16 अक्टूबर को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। रिलीज डेट में बदलाव के बाद अब निर्माताओं के पास फिल्म के प्रचार और दर्शकों तक इसकी कहानी को पहुँचाने के लिए अतिरिक्त समय भी रहेगा।
फिलहाल ‘राणाबली’ को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा रश्मिका मंदाना के जयम्मा वाले किरदार की हो रही है। निर्देशक का अपनी माँ से जुड़े नाम को इस चरित्र से जोड़ना फिल्म के भावनात्मक पक्ष को मजबूत करता है। वहीं विजय देवरकोंडा और रश्मिका की लोकप्रिय जोड़ी, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, बड़े स्तर का एक्शन और अर्नोल्ड वोस्लू की मौजूदगी फिल्म की उम्मीदों को और बढ़ा रही है। अब दर्शकों को 16 अक्टूबर का इंतजार है, जब ‘राणाबली’ बड़े पर्दे पर अपनी ऐतिहासिक कहानी और किरदारों के साथ दस्तक देगी।
