कोलंबो,28 अगस्त (युआईटीवी)- भारत और श्रीलंका के बीच सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब में खेला गया दो मैचों की टेस्ट सीरीज का दूसरा और आखिरी मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हो गया। पाँचवें दिन श्रीलंका ने अपनी दूसरी पारी में नौ विकेट के नुकसान पर 429 रन बना लिए थे। इसके बाद दोनों टीमों ने मुकाबले को ड्रॉ करने पर सहमति जताई। इस नतीजे के साथ भारतीय टीम ने दो मैचों की सीरीज 1-0 से अपने नाम कर ली। भारत ने सीरीज का पहला टेस्ट 165 रन से जीतकर बढ़त हासिल की थी,जबकि दूसरे मुकाबले में श्रीलंका ने शानदार संघर्ष करते हुए हार टाल दी।
भारतीय टीम की कोशिश थी कि पाँचवें दिन श्रीलंका के बचे हुए चार विकेट जल्दी हासिल किए जाएँ और इसके बाद मिले आसान लक्ष्य का पीछा करते हुए मुकाबले को जीत के साथ खत्म किया जाए। हालाँकि,मेजबान टीम के बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों को आखिरी दिन काफी देर तक मैदान पर रोके रखा। खासतौर पर सोनल दिनुषा ने एक बार फिर शानदार बल्लेबाजी करते हुए शतक जड़ा और भारतीय टीम की जीत की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया। दिनुषा ने पहली पारी के बाद दूसरी पारी में भी शतक लगाकर श्रीलंका को मुश्किल स्थिति से बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मुकाबले में टॉस जीतकर भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था। टीम ने अपनी पहली पारी नौ विकेट के नुकसान पर 503 रन बनाकर घोषित कर दी। भारतीय बल्लेबाजी की शुरुआत अच्छी रही और टीम के मध्यक्रम ने भी बेहतरीन योगदान दिया। देवदत्त पड्डिकल और कप्तान शुभमन गिल के बीच 120 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई। दोनों बल्लेबाजों ने श्रीलंकाई गेंदबाजों का डटकर सामना किया और भारतीय पारी को मजबूत स्थिति में पहुँचाया।
देवदत्त पड्डिकल ने शानदार शतक लगाते हुए 12 चौकों की मदद से 117 रन बनाए। उनकी पारी ने भारतीय टीम को बड़े स्कोर की नींव दी। कप्तान शुभमन गिल ने भी 50 रन की उपयोगी पारी खेली। वहीं,विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ने 63 रन बनाए और ध्रुव जुरेल के साथ मिलकर भारतीय पारी को मजबूती दी। पंत और जुरेल के बीच 112 रन की साझेदारी हुई। ध्रुव जुरेल ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 115 रन बनाए और भारत को 500 रन के पार पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई।
श्रीलंका की ओर से असिथा फर्नांडो भारतीय बल्लेबाजों के सामने सबसे प्रभावी गेंदबाज रहे। उन्होंने चार विकेट हासिल किए। प्रभात जयसूर्या और केशरा नुवानथा को दो-दो विकेट मिले। हालाँकि,भारतीय बल्लेबाजों के बड़े स्कोर के सामने श्रीलंकाई टीम पहली पारी में दबाव में नजर आई।
भारत के 503 रन के जवाब में श्रीलंका की पहली पारी 290 रन पर सिमट गई। मेजबान टीम की शुरुआत बेहद खराब रही और सिर्फ 35 रन के स्कोर तक उसके तीन बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे। ऐसे समय में पसिंदु सूरियाबंदारा ने जिम्मेदारी सँभाली। उन्होंने कामिंदु मेंडिस के साथ चौथे विकेट के लिए 87 रन की साझेदारी कर श्रीलंका को शुरुआती संकट से बाहर निकाला। सूरियाबंदारा ने 80 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली, जबकि कामिंदु मेंडिस ने 32 रन बनाए।
हालाँकि,इसके बाद श्रीलंका के विकेट लगातार गिरते रहे। टीम ने 173 रन के स्कोर तक सात विकेट गंवा दिए थे और ऐसा लग रहा था कि वह बड़ी मुश्किल में फँस जाएगी। इसी स्थिति में सोनल दिनुषा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए पारी को सँभाला। उन्होंने निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ महत्वपूर्ण साझेदारियाँ कीं और टीम को 290 रन तक पहुँचाया।
दिनुषा ने केशरा नुवानथा के साथ 57 रन की साझेदारी की। इसके बाद उन्होंने लाहिरू कुमारा के साथ 58 रन जोड़े। दिनुषा ने 103 रन की शानदार पारी खेली और श्रीलंका को फॉलोऑन से बचाने के करीब पहुँचाया,लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने आखिरकार मेजबान टीम की पहली पारी 290 रन पर समाप्त कर दी। श्रीलंका भारत के पहली पारी के स्कोर से 213 रन पीछे रह गया और उसे फॉलोऑन खेलने के लिए मजबूर होना पड़ा।
भारत की ओर से प्रसिद्ध कृष्णा और मानव सुथार ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए तीन-तीन विकेट हासिल किए। सारांश जैन को दो सफलताएँ मिलीं। भारतीय गेंदबाजों ने पहली पारी में श्रीलंकाई बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा और टीम को बड़ी बढ़त हासिल करने में मदद की।
फॉलोऑन खेलने उतरी श्रीलंका की दूसरी पारी की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही। मेजबान टीम ने 63 रन के स्कोर तक अपने दो विकेट गंवा दिए थे। भारतीय टीम को उम्मीद थी कि वह जल्द ही श्रीलंका के बाकी बल्लेबाजों को भी पवेलियन भेज देगी और मुकाबले में जीत हासिल कर लेगी। लेकिन एक बार फिर पसिंदु सूरियाबंदारा ने टीम को संभाल लिया।
सूरियाबंदारा ने कामिंदु मेंडिस के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 115 रन की शानदार साझेदारी की। इस साझेदारी ने श्रीलंका को संकट से बाहर निकाला और टीम का स्कोर 178 रन तक पहुँचाया। सूरियाबंदारा ने 92 रन की बेहतरीन पारी खेली और अपने शतक से केवल आठ रन दूर रह गए। उनके आउट होने के बाद भी श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने संघर्ष जारी रखा।
चौथे दिन का खेल समाप्त होने तक श्रीलंका ने दूसरी पारी में छह विकेट के नुकसान पर 229 रन बना लिए थे। उस समय मेजबान टीम के पास केवल 16 रन की बढ़त थी। ऐसे में भारतीय टीम को पाँचवें दिन केवल चार विकेट हासिल करने थे और उसे उम्मीद थी कि वह कम लक्ष्य का पीछा कर मुकाबला जीत लेगी। भारतीय गेंदबाजों के लिए यह स्थिति बेहद अनुकूल दिखाई दे रही थी,लेकिन अंतिम दिन श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने भारतीय टीम की रणनीति को सफल नहीं होने दिया।
पाँचवें दिन सोनल दिनुषा ने एक बार फिर मोर्चा सँभाला और दूसरी पारी में भी शतक पूरा कर लिया। लगातार दूसरी पारी में शतक लगाने वाले दिनुषा ने श्रीलंका को भारत के खिलाफ मुकाबला बचाने की मजबूत स्थिति में पहुँचाया। उन्होंने धैर्य के साथ बल्लेबाजी की और भारतीय गेंदबाजों को विकेट के लिए तरसाया। उनके अलावा निचले क्रम के बल्लेबाजों ने भी समय बिताकर भारत को जीत से दूर रखा।
श्रीलंका ने दिन का खेल आगे बढ़ने के साथ अपने स्कोर को लगातार मजबूत किया और नौ विकेट खोकर 429 रन तक पहुँच गया। भारतीय टीम आखिरी चार विकेट हासिल नहीं कर सकी। जैसे-जैसे समय बीतता गया,भारत के लिए लक्ष्य हासिल करने के लिए पर्याप्त समय बचना मुश्किल होता गया। आखिरकार दोनों टीमों ने ड्रॉ पर सहमति जताई और मुकाबला बिना किसी निर्णायक नतीजे के समाप्त हुआ।
हालाँकि,दूसरे टेस्ट में जीत नहीं मिलने के बावजूद भारतीय टीम के लिए सीरीज का परिणाम पूरी तरह उसके पक्ष में रहा। पहले टेस्ट में भारत ने श्रीलंका को 165 रन से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली थी। दूसरे टेस्ट में श्रीलंका को सीरीज बराबर करने के लिए हर हाल में जीत दर्ज करनी थी,लेकिन भारतीय टीम के खिलाफ वह ऐसा नहीं कर सकी। ड्रॉ के साथ भारत ने सीरीज 1-0 से अपने नाम कर ली।
इस मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने पहली पारी में दमदार प्रदर्शन किया, जबकि गेंदबाजों ने श्रीलंका को पहली पारी में 290 रन पर समेटकर मैच पर पकड़ बनाई। हालाँकि,फॉलोऑन के बाद श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने जबरदस्त जुझारूपन दिखाया। खासकर सोनल दिनुषा और पसिंदु सूरियाबंदारा के प्रदर्शन ने मेजबान टीम को हार से बचाने में बड़ी भूमिका निभाई।
दूसरे टेस्ट का सबसे बड़ा आकर्षण सोनल दिनुषा का लगातार दूसरी पारी में शतक रहा। पहली पारी में 103 रन बनाने के बाद दूसरी पारी में भी शतक लगाकर उन्होंने श्रीलंका की उम्मीदों को जीवित रखा। वहीं,भारतीय टीम ने मुकाबला जीतने का मौका गंवाने के बावजूद सीरीज अपने नाम कर ली। इस तरह दो टेस्ट मैचों की सीरीज का समापन भारत की 1-0 की जीत के साथ हुआ,जबकि श्रीलंका ने दूसरे मुकाबले में शानदार संघर्ष करके मैच को ड्रॉ कराने में सफलता हासिल की।
