सीरियाई सेना (तस्वीर क्रेडिट@myshaakhter)

दक्षिणी सीरिया के स्वैदा में भीषण झड़पें,संघर्षविराम खतरे में, 1,120 से अधिक लोगों की मौत,सांप्रदायिक हिंसा बढ़ी

दमिश्क,21 जुलाई (युआईटीवी)- दक्षिणी सीरिया के स्वैदा इलाके में ड्रुज लड़ाकों और अंतरिम सरकार समर्थित बेदुइन ट्रायबल फोर्स के बीच भीषण झड़पों ने पूरे क्षेत्र में तनाव और अस्थिरता को बढ़ा दिया है। कार्यकर्ताओं के अनुसार,इन झड़पों ने पहले से ही नाजुक संघर्षविराम को और अधिक खतरे में डाल दिया है। ब्रिटेन स्थित सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स ने जानकारी दी है कि बड़ी संख्या में जनजातीय लड़ाके बुस्तान,दामा और नजरा गाँवों में एकत्रित हुए हैं। उनका उद्देश्य पास के ड्रुज इलाकों पर बड़े हमले की तैयारी करना बताया जा रहा है।

सिन्हुआ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार,दमिश्क-स्वैदा हाईवे पर स्थित अरीका और उम्म अल-जैतून कस्बों में सबसे भीषण लड़ाई देखी गई। इस दौरान जनजातीय बंदूकधारियों ने कथित तौर पर घरों को जलाया और संपत्ति लूट ली। इससे पहले से तनावपूर्ण माहौल और अधिक बिगड़ गया और दो प्रमुख सड़कों को सुरक्षा कारणों से बंद करना पड़ा। बताया जा रहा है कि हिंसा के चलते स्थानीय लोगों में भय और असुरक्षा की स्थिति पैदा हो गई है और कई परिवारों को अपने घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा है।

दोनों पक्षों के बीच पहले से तय कैदियों की अदला-बदली की योजना भी हिंसा की वजह से रद्द कर दी गई। सीरियन ऑब्जर्वेटरी ने कहा कि कैदियों के आदान-प्रदान के लिए चुनी गई जगह के पास मोर्टार शेल्स गिरे,जो संभवतः जनजातीय इलाकों से दागे गए थे। इस घटना ने दोनों पक्षों के बीच अविश्वास को और गहरा कर दिया है, जिससे संघर्षविराम को लागू करना और मुश्किल हो गया है।

सीरियन ऑब्जर्वेटरी की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि 13 जुलाई को झड़पें शुरू होने के बाद से अब तक कम-से-कम 1,120 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 100 से ज्यादा आम नागरिक,कई ड्रुज लड़ाके और दर्जनों सरकारी सैनिक शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार,मारे गए लोगों में महिलाओं और बच्चों की भी संख्या है,जो इस हिंसा की गंभीरता और अमानवीयता को दर्शाती है।

इसी बीच,सीरियाई प्रशासन ने शनिवार को तत्काल और पूर्ण संघर्षविराम की घोषणा की थी। प्रशासन का कहना है कि यह कदम दक्षिणी सीरिया में चल रही घातक सांप्रदायिक झड़पों को रोकने और राष्ट्रीय एकता बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। प्रशासन ने जारी एक आधिकारिक बयान में कहा, “यह संघर्षविराम राष्ट्रीय और मानवीय दायित्व है। इसका मकसद नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और शांति की दिशा में ठोस कदम उठाना है।”

सरकार ने सभी पक्षों से अपील की है कि वे दुश्मनी खत्म करें और मानवीय सहायता की सुरक्षित आपूर्ति को सुनिश्चित करें। सिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार,सीरियाई अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि दक्षिणी प्रांत स्वैदा में दोबारा राज्य का नियंत्रण बहाल किया जाएगा। विस्थापित नागरिकों की सुरक्षित वापसी और कानून-व्यवस्था की बहाली को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

सीरियाई प्रशासन ने चेतावनी दी है कि संघर्षविराम का कोई भी उल्लंघन राष्ट्रीय संप्रभुता का उल्लंघन माना जाएगा और इसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने यह भी दोहराया कि किसी भी तरह की बाहरी दखलअंदाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और राज्य की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएँगे।

इन झड़पों के बीच इजरायल ने भी हाल ही में बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं। इजरायल का दावा है कि उसने सीरिया की सीमा पर मौजूद कुछ ठिकानों को निशाना बनाया,जो कथित तौर पर ईरानी समर्थित लड़ाकों के नियंत्रण में थे। हालाँकि, इन हमलों ने स्वैदा क्षेत्र में पहले से बिगड़ी स्थिति को और जटिल बना दिया है। क्षेत्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि अगर संघर्षविराम विफल रहा,तो सीरिया के दक्षिणी हिस्से में एक बार फिर व्यापक स्तर पर गृहयुद्ध भड़क सकता है।

स्वैदा,जो मुख्य रूप से ड्रुज समुदाय का गढ़ है,पिछले कुछ वर्षों से अपेक्षाकृत शांत था। हालाँकि,हाल के महीनों में बेदुइन ट्राइबल फोर्स और ड्रुज लड़ाकों के बीच तनाव बढ़ता गया। ड्रुज लड़ाकों का आरोप है कि बेदुइन जनजातियाँ अंतरिम सरकार और बाहरी ताकतों के इशारे पर उनके इलाकों में दखल दे रही हैं। दूसरी ओर, जनजातीय नेता दावा करते हैं कि ड्रुज लड़ाके सरकारी ठिकानों पर हमले कर रहे हैं और उनकी गतिविधियाँ राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं।

संयुक्त राष्ट्र ने भी इस हिंसा पर गहरी चिंता व्यक्त की है और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। यूएन ने चेतावनी दी है कि अगर संघर्ष जारी रहा,तो हजारों लोग विस्थापित हो सकते हैं और क्षेत्र में मानवीय संकट गहरा सकता है। वर्तमान में कई अंतर्राष्ट्रीय राहत एजेंसियाँ स्वैदा में फँसे लोगों तक भोजन और दवाइयाँ पहुँचाने की कोशिश कर रही हैं,लेकिन लगातार जारी झड़पों की वजह से राहत कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

फिलहाल,सीरियाई सरकार के संघर्षविराम की घोषणा के बावजूद जमीनी हालात गंभीर बने हुए हैं। सवाल यह है कि क्या सरकार दोनों पक्षों को वास्तव में बातचीत की मेज पर ला पाएगी या फिर हिंसा का यह दौर और लंबा खींच जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर जल्द ही शांति स्थापित नहीं हुई,तो दक्षिणी सीरिया में अस्थिरता और हिंसा की नई लहर उठ सकती है,जिसका असर पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र पर पड़ सकता है।