डोनाल्ड ट्रंप (तस्वीर क्रेडिट@rashtra_press)

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बढ़ा तनाव,डोनाल्ड ट्रंप ने ओमान को दी चेतावनी

वॉशिंगटन,28 मई (युआईटीवी)- अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनावपूर्ण संबंधों के बीच अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर नई कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ओमान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि वह ईरान के साथ चल रही संवेदनशील बातचीत में किसी भी तरह का ऐसा कदम न उठाए,जिससे इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते पर किसी एक देश का नियंत्रण स्थापित हो सके। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अंतर्राष्ट्रीय जलमार्ग है और इस पर किसी भी देश का नियंत्रण स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका इस पूरे क्षेत्र पर लगातार नजर रखेगा और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा।

व्हाइट हाउस में आयोजित कैबिनेट बैठक के दौरान पत्रकारों ने ट्रंप से उस कथित प्रस्ताव के बारे में सवाल किया,जिसमें दावा किया गया था कि ईरान और ओमान मिलकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का संचालन सँभाल सकते हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने कहा कि यह समुद्री रास्ता पूरी दुनिया के लिए खुला रहेगा और इसे कोई नियंत्रित नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि यह अंतर्राष्ट्रीय पानी है और इसकी स्वतंत्रता बनाए रखना जरूरी है। ट्रंप ने यह भी जोड़ा कि अमेरिका इस मुद्दे को अपनी व्यापक रणनीतिक बातचीत का हिस्सा मानता है और वह क्षेत्र में किसी भी असंतुलन को स्वीकार नहीं करेगा।

डोनाल्ड ट्रंप की यह टिप्पणी उस समय सामने आई,जब ईरानी सरकारी मीडिया में एक कथित अनौपचारिक मसौदे की खबर सामने आई। इस रिपोर्ट में दावा किया गया था कि ईरान और अमेरिका के बीच एक संभावित समझौते का प्रारूप तैयार किया गया है। मसौदे के अनुसार,एक महीने के भीतर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में व्यापारिक जहाजों की आवाजाही सामान्य स्थिति में बहाल कर दी जाएगी और ईरान तथा ओमान संयुक्त रूप से इस समुद्री क्षेत्र के संचालन की जिम्मेदारी सँभालेंगे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर लगी कुछ पाबंदियों को हटाने और क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी कम करने पर विचार कर सकता है।

हालाँकि,अमेरिकी प्रशासन ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि ऐसा कोई समझौता नहीं हुआ है और मीडिया में चल रही खबरें भ्रामक हैं। इसके बावजूद इस रिपोर्ट ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई बहस को जन्म दे दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक है और यहाँ किसी भी तरह का तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजार और व्यापार पर गहरा असर डाल सकता है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है और दुनिया के बड़े हिस्से का तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है। इसलिए इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा और संचालन को लेकर अमेरिका,ईरान और खाड़ी देशों के बीच लंबे समय से रणनीतिक प्रतिस्पर्धा बनी हुई है। अमेरिका लगातार यह दावा करता रहा है कि वह इस क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और समुद्री सुरक्षा की रक्षा के लिए मौजूद है,जबकि ईरान इसे अपने क्षेत्रीय प्रभाव का हिस्सा मानता है।

इसी बीच ओमान की भूमिका भी काफी अहम मानी जा रही है। ओमान लंबे समय से अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है। हाल ही में ओमान के विदेश मंत्री सैयद बद्र बिन हमद अल बुसेदी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने ईरान के उप विदेश मंत्री काजम गरीबाबादी से मुलाकात की। इस बैठक में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही की स्वतंत्रता और क्षेत्र की मौजूदा सुरक्षा स्थिति पर चर्चा की गई। ओमान के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि दोनों देशों ने अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत समुद्री मार्गों की सुरक्षा और व्यापारिक गतिविधियों को बनाए रखने के मुद्दे पर विचार-विमर्श किया।

बयान में यह भी कहा गया कि हाल के घटनाक्रमों को देखते हुए दोनों पक्षों ने समुद्री सुरक्षा,व्यापार और वैश्विक सप्लाई चेन को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की। माना जा रहा है कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव और संभावित सैन्य टकराव की आशंकाओं के बीच ओमान स्थिति को शांत बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।

बैठक के दौरान ओमान के विदेश मंत्री को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची का एक मौखिक संदेश भी सौंपा गया। यह संदेश मुख्य रूप से ईरान-अमेरिका वार्ता और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़ा था। संदेश में कहा गया कि ईरान और ओमान दोनों स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की सुरक्षित और स्थायी आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ईरान ने यह भी संकेत दिया कि वह क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के पक्ष में है,लेकिन उसके हितों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी केवल ओमान के लिए नहीं,बल्कि ईरान को अप्रत्यक्ष संदेश देने की कोशिश भी है। अमेरिका यह स्पष्ट करना चाहता है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे संवेदनशील समुद्री मार्ग पर किसी भी तरह का क्षेत्रीय नियंत्रण या शक्ति संतुलन में बदलाव उसे स्वीकार नहीं होगा। वहीं ईरान लगातार यह दिखाने की कोशिश कर रहा है कि क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था में उसकी भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

मध्य पूर्व में पहले से ही तनावपूर्ण माहौल के बीच इस मुद्दे ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार,तेल आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच टकराव बढ़ता है,तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। फिलहाल सभी की नजरें आने वाले दिनों में अमेरिका,ईरान और ओमान के बीच होने वाली बातचीत और संभावित कूटनीतिक कदमों पर टिकी हुई हैं।