होर्मुज जलडमरूमध्य में एक और तेल टैंकर बारूदी सुरंग से टकराया, इंजन रूम में लगी आग (तस्वीर क्रेडिट@DeshbandhuMp)

होर्मुज जलडमरूमध्य में एक और तेल टैंकर बारूदी सुरंग से टकराया,इंजन रूम में लगी आग

तेहरान,19 अक्टूबर (युआईटीवी)- होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा को लेकर तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। यहाँ एक और तेल टैंकर के समुद्री बारूदी सुरंग से टकराने की खबर सामने आई है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की नौसेना के अनुसार,जलडमरूमध्य के दक्षिणी हिस्से में हुए विस्फोट के बाद टैंकर के इंजन कक्ष में आग लग गई। ईरानी पक्ष ने आरोप लगाया है कि जहाज ने अपने जीपीएस और अन्य नेविगेशन प्रणालियाँ बंद कर रखी थीं और निर्धारित नियमों का पालन करने के बजाय प्रतिबंधित समुद्री मार्ग से गुजरने की कोशिश कर रहा था। हालाँकि,घटना में जहाज को हुए नुकसान और चालक दल की स्थिति को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

ईरानी नौसेना ने सोमवार तड़के इस घटना की जानकारी दी। उसके आधिकारिक समाचार मंच ‘सिपाह न्यूज’ पर जारी बयान के मुताबिक, टैंकर समुद्र में बारूदी सुरंग से टकराया, जिसके बाद उसके इंजन रूम में आग लग गई। ईरानी अधिकारियों का दावा है कि जहाज ने अपनी पहचान और स्थिति बताने वाली प्रणालियाँ बंद कर दी थीं। इसके कारण उसकी समुद्री गतिविधियों की निगरानी करना मुश्किल हो गया था।

ईरानी पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि टैंकर जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए ऐसे रास्ते का इस्तेमाल कर रहा था,जिसे अधिकृत मार्ग नहीं माना गया था। हालाँकि,जहाज की पहचान,उसके स्वामित्व और घटना की स्वतंत्र पुष्टि से जुड़ी जानकारी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में घटना के कारणों और इसके लिए जिम्मेदारी तय करने से पहले विस्तृत जाँच महत्वपूर्ण होगी।

टैंकर में आग लगने की घटना के बाद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य और उसके आसपास से गुजरने वाले जहाजों को चेतावनी दी है। ईरानी नौसेना के मुताबिक,यदि कोई जहाज अपनी नेविगेशन या पहचान संबंधी प्रणालियाँ बंद करके समुद्री क्षेत्र से गुजरने की कोशिश करता है,तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

समुद्री जहाजों में जीपीएस और अन्य नेविगेशन प्रणालियों का उपयोग उनकी स्थिति निर्धारित करने,रास्ता तय करने और सुरक्षित आवाजाही के लिए किया जाता है। पहचान संबंधी प्रणालियाँ दूसरे जहाजों और समुद्री निगरानी एजेंसियों को जहाज की गतिविधियों की जानकारी देने में भी मदद करती हैं। इन प्रणालियों को बंद करने से समुद्र में टक्कर, गलत मार्ग पर जाने और सुरक्षा संबंधी अन्य जोखिम बढ़ सकते हैं।

ईरानी नौसेना का कहना है कि जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को निर्धारित नियमों और मार्गों का पालन करना चाहिए। हालाँकि,मौजूदा तनावपूर्ण परिस्थितियों में समुद्री मार्गों पर नियंत्रण और जहाजों की आवाजाही को लेकर विवाद की आशंका भी बनी हुई है। इस घटना के बाद क्षेत्र में संचालित होने वाले तेल टैंकरों और अन्य व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ सकती है।

होर्मुज जलडमरूमध्य में यह घटना ऐसे समय हुई है,जब इससे पहले शनिवार को भी एक सुपरटैंकर के बारूदी सुरंग से टकराने और आग की चपेट में आने की जानकारी सामने आई थी। उस घटना को लेकर भी ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की नौसेना ने दावा किया था कि जहाज अनधिकृत रास्ते से गुजरने की कोशिश कर रहा था।

ईरानी पक्ष के अनुसार,उस सुपरटैंकर ने अपनी लोकेशन बताने वाली प्रणालियां और रडार बंद कर दिए थे। अधिकारियों ने आरोप लगाया था कि जहाज ने नियमों से बचते हुए जलडमरूमध्य पार करने की कोशिश की और उसे अमेरिकी सेना का समर्थन प्राप्त था। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि के बारे में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

लगातार दो घटनाओं की खबरों ने इस समुद्री मार्ग से होने वाली ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही बाधित होती है, तो इसका असर तेल और गैस के अंतर्राष्ट्रीय कारोबार पर पड़ सकता है। हालाँकि,मौजूदा घटनाओं से वैश्विक आपूर्ति पर कितना प्रभाव पड़ा है,इसका आकलन संबंधित आँकड़ों और आगे की परिस्थितियों के आधार पर ही किया जा सकेगा।

ईरान ने 28 फरवरी को होर्मुज जलडमरूमध्य पर निगरानी और नियंत्रण कड़ा कर दिया था। यह कदम ईरानी क्षेत्र पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद उठाया गया था। इसके बाद ईरान ने अमेरिका और इजरायल से जुड़े या उनके सहयोगी माने जाने वाले जहाजों की सुरक्षित आवाजाही पर रोक लगाने की घोषणा की थी।

इस घटनाक्रम ने पहले से संवेदनशील समुद्री क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया। होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा परिवहन मार्गों में से एक है। खाड़ी क्षेत्र से निकलने वाले बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस को अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाने के लिए इसी मार्ग का इस्तेमाल किया जाता है।

इसलिए यहाँ जहाजों की आवाजाही में किसी भी तरह की बाधा का असर केवल क्षेत्रीय सुरक्षा तक सीमित नहीं रहता। तेल की आपूर्ति में अनिश्चितता बढ़ने पर अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में कीमतों और परिवहन लागत पर भी दबाव पड़ सकता है। ऊर्जा आयात पर निर्भर देशों के लिए इस क्षेत्र की स्थिरता विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।

होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंग से टैंकर के टकराने की ताजा घटना ने समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंताओं को फिर बढ़ा दिया है। एक ओर ईरान जहाजों पर नियमों का उल्लंघन करने और नेविगेशन प्रणालियाँ बंद रखने के आरोप लगा रहा है,वहीं दूसरी ओर इन घटनाओं के कारणों और जिम्मेदारी को लेकर स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक बनी हुई है।

फिलहाल,टैंकर के इंजन कक्ष में आग लगने की घटना और इससे पहले सुपरटैंकर से जुड़ी खबरों के बाद क्षेत्र में जहाजों की सुरक्षा पर निगरानी बढ़ने की संभावना है। अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों और समुद्री व्यापार से जुड़े पक्षों की नजर इस बात पर रहेगी कि जलडमरूमध्य से आवाजाही कितनी सुरक्षित बनी रहती है और क्षेत्रीय तनाव आगे क्या रूप लेता है।