तेहरान,19 अक्टूबर (युआईटीवी)- ईरान और इजरायल के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए चेतावनी दी है कि ईरान के पास भी अपने विरोधियों से हिसाब चुकता करने के लिए बहुत कुछ है। अराघची ने अपने बयान में नेतन्याहू को सीधे निशाने पर लिया और कहा कि पहले भी ईरान को कमजोर करने की कोशिश की गई थी,लेकिन उसका परिणाम इसके उलट निकला। उनके इस बयान से दोनों देशों के बीच जारी राजनीतिक और रणनीतिक टकराव को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है।
अराघची ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिए नेतन्याहू को जवाब दिया। उन्होंने कहा कि पिछली बार भी इजरायली प्रधानमंत्री ईरान के खिलाफ अपना अभियान पूरा करने के इरादे से आगे बढ़े थे,लेकिन अंत में ईरान पहले से अधिक मजबूत होकर सामने आया। ईरानी विदेश मंत्री ने सवाल उठाया कि क्या नेतन्याहू एक बार फिर अपनी किस्मत आजमाना चाहते हैं। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इजरायल को आगे बढ़ने से पहले सावधान रहना चाहिए,क्योंकि ईरान के भी कुछ अधूरे हिसाब बाकी हैं।
ईरानी विदेश मंत्री ने अपने बयान में नेतन्याहू की राजनीतिक मंशा पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इजरायली प्रधानमंत्री खुद को जेल जाने से बचाने के लिए अमेरिका को एक और युद्ध में धकेलने की कोशिश कर रहे हैं। अराघची के मुताबिक, नेतन्याहू को इस बात की परवाह नहीं है कि किसी नए संघर्ष का इजरायल पर क्या प्रभाव पड़ेगा और इससे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को किस तरह की राजनीतिक या रणनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
अराघची की टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर इजरायल और अमेरिका के बीच सहयोग तथा दोनों देशों की रणनीति लगातार चर्चा में बनी हुई है। इजरायल लंबे समय से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को अपने लिए गंभीर खतरा बताता रहा है। वहीं,ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर बाहरी दबाव और धमकियों का विरोध करता रहा है। ऐसे में नेतन्याहू के हालिया बयान और अराघची की प्रतिक्रिया ने दोनों देशों के बीच तनाव को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।
इस विवाद के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू के प्रति अपना समर्थन जताया है। इजरायल में 27 अक्टूबर को संसदीय चुनाव होने वाले हैं। चुनाव से पहले ट्रंप ने नेतन्याहू को मजबूत,बहादुर और शानदार नेता बताते हुए उनकी तारीफ की। ट्रंप के इस समर्थन पर नेतन्याहू ने भी सार्वजनिक रूप से आभार व्यक्त किया।
नेतन्याहू ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए ट्रंप को अपना मित्र बताया और कहा कि व्हाइट हाउस में इजरायल को उनसे बेहतर दोस्त कभी नहीं मिला। उन्होंने अमेरिका के साथ अपने सहयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देश मिलकर ईरान की सरकार को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे।
इजरायली प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि दोनों देशों ने मिलकर कई महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की हैं और अब अगले दो वर्षों में अपने मिशन को पूरा करने की दिशा में काम करेंगे। उन्होंने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को समाप्त करने की प्रतिबद्धता भी जताई। नेतन्याहू के इस बयान से स्पष्ट है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर इजरायल अपनी सख्त नीति जारी रखने के पक्ष में है।
इजरायल में आगामी संसदीय चुनाव के मद्देनजर नेतन्याहू को ट्रंप का समर्थन राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दूसरी ओर,ईरान ने इस तरह की बयानबाजी का जवाब देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि वह दबाव के आगे झुकने के लिए तैयार नहीं है। अराघची की चेतावनी इसी रुख को दर्शाती है।
फिलहाल,दोनों पक्षों के बयानों से क्षेत्र में तनाव कम होने के संकेत नहीं मिल रहे हैं। नेतन्याहू जहां ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करने की बात कर रहे हैं,वहीं अराघची ने चेतावनी दी है कि किसी भी नए टकराव के परिणाम इजरायल के लिए आसान नहीं होंगे। ऐसे में आने वाले दिनों में अमेरिका,इजरायल और ईरान के बीच होने वाली राजनीतिक गतिविधियों पर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी रहेगी।
