मुंबई,16 सितंबर (युआईटीवी)- दक्षिण भारतीय सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता सूर्या और अभिनेत्री ज्योतिका ने अपनी शादी की 20वीं सालगिरह को बेहद खास अंदाज में मनाया है। शादी के दो दशक पूरे होने के मौके पर दोनों ने एक निजी समारोह में एक बार फिर एक-दूसरे के साथ जीवन बिताने की कसमें लीं। इस बार इस खास समारोह का अंदाज उनकी पहली शादी से अलग रहा। दोनों ने हिंदू रीति-रिवाजों के बजाय ईसाई परंपरा के अनुसार शादी की और एक-दूसरे से दोबारा अपने रिश्ते को निभाने के वादे किए। इस खास मौके की झलक ज्योतिका ने सोशल मीडिया पर साझा की,जिसके बाद उनके प्रशंसकों के बीच इस समारोह की चर्चा होने लगी।
सूर्या और ज्योतिका की शादी 11 सितंबर 2006 को हुई थी। दोनों ने अपने रिश्ते के 20 साल पूरे कर लिए हैं और इसी खास अवसर को यादगार बनाने के लिए दोबारा शादी करने का फैसला किया। इस समारोह में उनके परिवार की भी मौजूदगी रही। ज्योतिका द्वारा साझा किए गए वीडियो में उनके बच्चों की भी खूबसूरत झलक देखने को मिली। यह पूरा समारोह बेहद निजी और भावनात्मक नजर आया,जिसमें परिवार के साथ दोनों ने अपने रिश्ते के दो दशक पूरे होने का जश्न मनाया।
ज्योतिका ने जो वीडियो साझा किया है,उसमें वह सफेद रंग के खूबसूरत गाउन में नजर आ रही हैं। उनके साथ उनका बेटा भी दिखाई देता है और दोनों चर्च की ओर बढ़ते हुए नजर आते हैं। वहीं उनकी बेटी सूर्या के साथ खड़ी दिखाई देती है। इस दौरान सूर्या सफेद सूट जैकेट और काले रंग की पतलून में नजर आए। दोनों का लुक बेहद सादगी भरा लेकिन खास अवसर के अनुरूप दिखाई दिया। समारोह के दौरान सूर्या और ज्योतिका ने एक-दूसरे से अपनी प्रतिज्ञाएं दोहराईं। इस भावुक पल में दोनों की आँखों में रिश्ते के दो दशक पूरे होने की भावनाएँ साफ दिखाई दीं।
वीडियो में उनकी शादी और साथ बिताए वर्षों की तस्वीरों का एक मोंटाज भी शामिल है। इन तस्वीरों के जरिए उनके रिश्ते के अलग-अलग पड़ावों की झलक देखने को मिलती है। वहीं दोबारा शादी के दौरान उनके बच्चों की मौजूदगी ने इस पल को परिवार के लिए और भी खास बना दिया। ज्योतिका ने इस अवसर को सिर्फ शादी की रस्म के तौर पर नहीं, बल्कि दो दशक लंबे रिश्ते, प्यार, समझ, संघर्ष और साथ का उत्सव बताया है।
ज्योतिका ने अपने पोस्ट में लिखा कि यह 20 साल के प्यार और तकरार का जश्न है और इसी के साथ दोबारा ली गई कसमें भी हैं। उन्होंने अपने रिश्ते को किसी परफेक्ट शादी की कहानी के रूप में पेश करने के बजाय उसकी वास्तविकता को सामने रखा। अभिनेत्री ने कहा कि यह समारोह खामियों, समझौतों, एक-दूसरे को समझने, कई कुर्बानियों और निस्वार्थ प्रेम का जश्न है। उनके अनुसार, यह उस रिश्ते का उत्सव है,जिसे दोनों ने मिलकर बनाया है और जिसके साथ वे आज एक-दूसरे के लिए खास बन चुके हैं।
ज्योतिका ने अपने संदेश में रिश्तों की वास्तविकता पर भी बात की। उनका कहना है कि कोई भी रिश्ता पूरी तरह परफेक्ट नहीं होता और जिंदगी में हर चीज में कुछ न कुछ अधूरापन रहता है। उन्होंने आसमान और जमीन का उदाहरण देते हुए लिखा कि इतना विशाल आसमान भी जमीन को छू नहीं सकता। ऐसे में उन खाली जगहों को भरना लोगों पर निर्भर करता है। उनके शब्दों में यह विचार उनके और सूर्या के रिश्ते की समझ को भी दर्शाता है,जिसमें कमियों के बावजूद एक-दूसरे को स्वीकार करना और साथ आगे बढ़ना महत्वपूर्ण है।
अभिनेत्री ने इस खास मौके पर अपनी जिंदगी के प्रति आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वह खुद को भाग्यशाली मानती हैं क्योंकि हर सुबह वह ऐसे व्यक्ति की बाहों में जागती हैं,जो उनकी हिफाजत करता है। उन्होंने अपने बच्चों के लिए भी आभार जताया और कहा कि उन्होंने उनकी जिंदगी को एक अर्थ दिया तथा उन्हें जीने की वजह दी। उनके इस संदेश से साफ है कि 20 साल की वैवाहिक यात्रा में परिवार उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण आधार रहा है।
ज्योतिका ने अपनी प्रतिज्ञाओं में खुद के स्वास्थ्य को लेकर भी एक खास वादा किया। उन्होंने कहा कि वह स्वस्थ रहने की कसम खाती हैं क्योंकि उनके अनुसार यही वास्तविक संपत्ति है,जिसे इंसान अपने जीवन में अर्जित करता है। उन्होंने रिश्तों और परिवार की तुलना ईंटों से बने घर से करते हुए कहा कि सबसे शानदार घर में भी कभी न कभी रिसाव, दीमक या मरम्मत की जरूरत पड़ती है। उसी तरह किसी भी रिश्ते में कमियां और मुश्किलें हो सकती हैं,लेकिन उन्हें समय-समय पर समझदारी और प्रयास से ठीक करना जरूरी होता है।
अभिनेत्री ने खुद को एक बेहतर माँ बनाए रखने की भी बात कही। उन्होंने इस जिम्मेदारी को केवल खाना बनाने,सफाई करने या बच्चों की मदद करने तक सीमित नहीं किया। उनके लिए एक माँ होने का सबसे खूबसूरत हिस्सा अपने बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाना और उन्हें परिवार के प्यार की कहानी से जोड़कर रखना है। उन्होंने कहा कि वह ऐसी मुस्कान बनाए रखने की कोशिश करेंगी,जो उनके बच्चों को उनके माता-पिता की प्रेम कहानी की याद दिलाती रहे।
ज्योतिका की प्रतिज्ञाओं में सूर्या के लिए उनका प्यार और दोस्ती खास तौर पर दिखाई दी। उन्होंने अपने पति को संबोधित करते हुए कहा कि वह हमेशा वही नासमझ पत्नी बनी रहना चाहती हैं,जो कभी उनसे लड़ती है और फिर खुद ही मान जाती है। उनके अनुसार, यह सब इसलिए है,ताकि हर बार वह सूर्या के और करीब आ सकें। उन्होंने अपने रिश्ते में दोस्ती को सबसे ज्यादा महत्व देने की बात कही।
ज्योतिका ने कहा कि जिंदगी में ऐसा साथी मिलना बड़ी किस्मत की बात है,जो बराबरी का साथी हो,राजदार हो, साथ में बातें और गपशप कर सके और सबसे बढ़कर एक अच्छा दोस्त हो। उन्होंने अपने रिश्ते की खूबसूरती इसी बात में देखी कि सूर्या उनके पति होने के साथ-साथ उनके बच्चों के पिता और उनके सबसे अच्छे दोस्त भी हैं। उनकी यह बात शादी के दो दशक बाद भी रिश्ते में दोस्ती और आपसी समझ की अहमियत को सामने लाती है।
सूर्या और ज्योतिका का रिश्ता दक्षिण भारतीय फिल्म जगत में लंबे समय से प्रशंसकों के बीच चर्चा में रहा है। दोनों ने एक साथ फिल्मों में काम किया और इसी दौरान उनके बीच नजदीकियाँ बढ़ीं। बाद में दोनों ने शादी कर अपने रिश्ते को नई दिशा दी। शादी के बाद दोनों ने अपने परिवार और पेशेवर जीवन के बीच संतुलन बनाए रखा। दोनों के बच्चे भी हैं और ज्योतिका अक्सर अपने परिवार से जुड़े खास पलों की झलक प्रशंसकों के साथ साझा करती रही हैं।
20वीं सालगिरह पर दोबारा शादी करने का यह अंदाज इसलिए भी खास रहा क्योंकि दोनों ने अपने पहले विवाह से अलग परंपरा को चुना। ईसाई रीति से आयोजित इस समारोह में सफेद गाउन,चर्च की ओर बढ़ती ज्योतिका, सूर्या का सफेद सूट और परिवार की मौजूदगी ने पूरे आयोजन को एक अलग रूप दिया। समारोह की तस्वीरों और वीडियो में दोनों के बीच लंबे समय से कायम भावनात्मक जुड़ाव की झलक भी दिखाई दी।
ज्योतिका का पूरा संदेश केवल दोबारा शादी करने तक सीमित नहीं था। उन्होंने अपने शब्दों के जरिए यह बताने की कोशिश की कि लंबे रिश्ते की खूबसूरती उसकी पूर्णता में नहीं,बल्कि एक-दूसरे की कमियों को समझने और साथ मिलकर उन्हें स्वीकार करने में है। उनके लिए 20 साल का रिश्ता केवल खुशियों का सफर नहीं रहा,बल्कि इसमें मतभेद, समझौते, त्याग और एक-दूसरे को समझने के कई पड़ाव भी शामिल रहे हैं।
अंत में ज्योतिका ने आने वाले 20 वर्षों के लिए भी अपने रिश्ते के प्रति एक खास भावना व्यक्त की। उन्होंने अपने और सूर्या के रिश्ते को ‘अधूरे हम, पर पूरी समझ’ के रूप में देखा। उनके शब्दों में यह स्वीकारोक्ति है कि कोई भी इंसान और कोई भी रिश्ता पूरी तरह संपूर्ण नहीं होता, लेकिन आपसी सम्मान, दोस्ती, प्रेम और समझ के जरिए दो लोग एक मजबूत साथ बना सकते हैं।
सूर्या और ज्योतिका की 20वीं सालगिरह पर हुई यह दोबारा शादी उनके लिए केवल एक समारोह नहीं,बल्कि साथ बिताए दो दशकों को फिर से याद करने और आने वाले वर्षों के लिए नए संकल्प लेने का अवसर रही। परिवार की मौजूदगी,बच्चों की भागीदारी और एक-दूसरे के लिए कही गई भावुक प्रतिज्ञाओं ने इस खास दिन को यादगार बना दिया। दोनों की यह नई प्रतिज्ञा उनके रिश्ते में प्यार के साथ-साथ दोस्ती, सम्मान, समझ और साथ निभाने की भावना को भी सामने लाती है।
