भारत में कारोबार समेटेगी ओपनडोर (तस्वीर क्रेडिट@LayoffAI)

भारत में कारोबार समेटेगी ओपनडोर,पुनर्गठन के तहत सैकड़ों कर्मचारियों पर पड़ेगा असर,250 कर्मचारियों की नौकरी पर संकट

नई दिल्ली,11 जून (युआईटीवी)- अमेरिका की रियल एस्टेट प्रौद्योगिकी कंपनी ओपनडोर ने भारत में अपने परिचालन को बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कंपनी के इस फैसले से भारत में कार्यरत सैकड़ों कर्मचारियों पर प्रभाव पड़ने की संभावना है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी काज नेजातियन ने आधिकारिक रूप से घोषणा करते हुए कहा है कि भारत में मौजूद भूमिकाओं को अब चरणबद्ध तरीके से अमेरिका स्थानांतरित किया जाएगा,ताकि कंपनी अपने ग्राहकों के अधिक निकट रहकर संचालन कर सके। इस निर्णय को ओपनडोर की व्यापक पुनर्गठन योजना का हिस्सा माना जा रहा है,जिसके तहत कंपनी अपने व्यवसाय मॉडल को अधिक सरल,तकनीक-आधारित और दक्ष बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

कंपनी की ओर से कर्मचारियों को भेजे गए संदेश और सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा किए गए वक्तव्य में मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने भारत में कार्यरत कर्मचारियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि कंपनी ने यहाँ अपना संचालन बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि कंपनी के ग्राहक मुख्य रूप से अमेरिका में हैं और ऐसे में परिचालन गतिविधियों का भी ग्राहकों के करीब होना अधिक व्यावहारिक और प्रभावी माना गया है।

ओपनडोर पिछले कुछ वर्षों से तकनीक के माध्यम से घर खरीदने और बेचने की प्रक्रिया को आसान बनाने के क्षेत्र में काम कर रही है। कंपनी ने डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए रियल एस्टेट लेनदेन को सरल बनाने का प्रयास किया है और इसी मॉडल के तहत उसने भारत में भी बड़ी संख्या में कर्मचारियों को नियुक्त किया था। भारत में मौजूद टीमें विभिन्न परिचालन कार्यों,ग्राहक सहायता,तकनीकी विकास और अन्य प्रक्रियाओं को सँभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही थीं।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी के अनुसार,कुछ महीने पहले जब कंपनी ने अपने नए कारोबारी ढाँचे ‘ओपनडोर 2.0’ की शुरुआत की थी, उस समय भारत में लगभग 250 कर्मचारी कार्यरत थे। हालाँकि,इसके बाद कंपनी ने धीरे-धीरे कई भूमिकाओं को अमेरिका स्थानांतरित करना शुरू कर दिया था। अब पुनर्गठन के अंतिम चरण में शेष पदों को भी अमेरिका ले जाने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

इस फैसले का सबसे बड़ा असर भारत में कार्यरत कर्मचारियों पर पड़ेगा। हालाँकि,कंपनी ने यह स्पष्ट किया है कि कुछ कर्मचारी अस्थायी रूप से कार्यरत रहेंगे,ताकि परिचालन से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों का सुचारू हस्तांतरण सुनिश्चित किया जा सके। इसके बावजूद अधिकांश कर्मचारियों को कंपनी से अलग होना पड़ेगा,जिससे रोजगार को लेकर चिंता बढ़ गई है।

काज नेजातियन ने अपने संदेश में यह भी स्पष्ट किया कि भारत में कारोबार बंद करने का फैसला कर्मचारियों के प्रदर्शन या उनकी क्षमता से जुड़ा हुआ नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत में कार्यरत कर्मचारियों ने कंपनी के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और उनकी प्रतिभा तथा पेशेवर क्षमता पर कोई सवाल नहीं है। उन्होंने भारतीय कर्मचारियों को प्रतिभाशाली,मेहनती और समर्पित बताते हुए कहा कि कंपनी उन्हें किसी भी अन्य संगठन के लिए पूरे विश्वास के साथ सिफारिश कर सकती है।

उन्होंने कहा कि कंपनी के लिए यह निर्णय आसान नहीं था,क्योंकि भारत की टीम ने कई वर्षों तक ओपनडोर की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कंपनी के कई महत्वपूर्ण परिचालन कार्य भारत से संचालित होते रहे हैं और यहाँ की टीमों ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। इसके बावजूद कंपनी ने दीर्घकालिक रणनीतिक लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है।

कंपनी ने प्रभावित कर्मचारियों को सहायता देने की भी घोषणा की है। इसके तहत सेवा समाप्ति पैकेज,नई नौकरी की तलाश में सहयोग और अन्य आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी। कंपनी का कहना है कि वह यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेगी कि कर्मचारियों के लिए संक्रमण की प्रक्रिया यथासंभव सहज और सम्मानजनक हो।

इस निर्णय के पीछे कंपनी का प्रमुख तर्क यह है कि परिचालन कार्यों को ग्राहकों के नजदीक रखने से सेवा की गुणवत्ता और कार्यकुशलता में सुधार हो सकता है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि जब कंपनी तेजी से विस्तार कर रही थी,तब विभिन्न प्रणालियों और प्रक्रियाओं को सँभालने के लिए भारत में बड़ी टीम का गठन किया गया था। उस समय कई कार्य मैनुअल प्रक्रियाओं के माध्यम से संचालित होते थे और बड़ी संख्या में कर्मचारियों की आवश्यकता थी।

लेकिन पिछले कुछ वर्षों में तकनीक के क्षेत्र में हुए विकास और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित समाधानों के उपयोग ने कंपनी के कार्य करने के तरीके को बदल दिया है। कंपनी ने अपनी विभिन्न प्रणालियों को एकीकृत कर दिया है और कई प्रक्रियाओं को स्वचालित बना दिया है। इससे परिचालन लागत कम हुई है और कम कर्मचारियों के साथ अधिक कार्य करने की क्षमता विकसित हुई है।

नेजातियन के अनुसार,कंपनी ने अमेरिका में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित छोटी लेकिन अधिक प्रभावी ग्राहक सेवा टीमों का निर्माण किया है। इन नई प्रणालियों के कारण बड़े पैमाने पर विदेशी परिचालन टीमों की आवश्यकता पहले की तुलना में काफी कम हो गई है। उनका कहना है कि तकनीक ने कंपनी को अधिक चुस्त और प्रभावी संगठन बनने में मदद की है।

उन्होंने यह भी कहा कि ओपनडोर 2.0 के तहत कंपनी आकार में भले ही छोटी हो रही हो,लेकिन उसका प्रभाव और क्षमता पहले से कहीं अधिक मजबूत होगी। कंपनी अब ऐसे मॉडल पर काम कर रही है,जिसमें जटिल प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाएगा और अलग-अलग उपकरणों तथा मैनुअल कार्यों पर निर्भरता कम की जाएगी।

कंपनी की भविष्य की रणनीति में एक ऐसा एकीकृत डिजिटल मंच तैयार करना शामिल है, जहाँ कर्मचारी और ग्राहक घर खरीदने,मरम्मत कराने और बेचने से जुड़ी पूरी प्रक्रिया को एक ही स्थान पर देख और प्रबंधित कर सकें। कंपनी का मानना है कि इससे ग्राहक अनुभव बेहतर होगा और परिचालन की गति भी बढ़ेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि ओपनडोर का यह फैसला वैश्विक कॉर्पोरेट जगत में तेजी से बढ़ रहे स्वचालन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रभाव को दर्शाता है। दुनिया भर में कई कंपनियाँ अपने परिचालन ढाँचे की समीक्षा कर रही हैं और उन क्षेत्रों में कर्मचारियों की संख्या कम कर रही हैं,जहाँ तकनीकी समाधान मानव संसाधनों की जगह ले सकते हैं। ऐसे में भारत जैसे देशों में स्थापित बैक-ऑफिस और परिचालन केंद्रों पर भी इसका असर दिखाई देने लगा है।

हालाँकि,यह भी सच है कि भारत लंबे समय से वैश्विक कंपनियों के लिए तकनीकी और परिचालन केंद्र के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। यहाँ उपलब्ध प्रतिभाशाली कार्यबल,लागत लाभ और मजबूत तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र के कारण अनेक बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने बड़े निवेश किए हैं। इसलिए ओपनडोर का यह निर्णय किसी व्यापक प्रवृत्ति का संकेत है या केवल कंपनी-विशेष की रणनीति का हिस्सा,यह आने वाले समय में अधिक स्पष्ट हो सकेगा।

कर्मचारियों की संख्या में कटौती और भारत से परिचालन समेटने के बावजूद कंपनी ने यह भरोसा दिलाया है कि उसकी वित्तीय स्थिति मजबूत बनी हुई है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कहा कि कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है और उसका लक्ष्य अब भी ग्राहकों के लिए घर खरीदने और बेचने की प्रक्रिया को अधिक सरल,तेज और पारदर्शी बनाना है।

उन्होंने अंत में भारत में कार्यरत कर्मचारियों के योगदान को याद करते हुए कहा कि कंपनी आज जिस मुकाम पर पहुँची है,उसमें भारतीय टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके समर्पण और मेहनत ने कंपनी को आगे बढ़ाने में अहम योगदान दिया है। अब कंपनी अपने अगले चरण में प्रवेश कर रही है, जहाँ तकनीक,स्वचालन और ग्राहक-केंद्रित सेवाओं के माध्यम से विकास की नई संभावनाओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

भारत में परिचालन बंद करने का यह फैसला कंपनी के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट हो गया है कि वैश्विक कारोबारी माहौल में कंपनियाँ लगातार अपनी रणनीतियों को बदल रही हैं और तकनीकी नवाचारों के अनुरूप अपने ढाँचे को नया स्वरूप दे रही हैं।