लंदन,1 सितंबर (युआईटीवी)- इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में 194 रनों की करारी हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने बड़ा फैसला लिया है। तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में लगातार दो मुकाबले गंवाकर 0-2 से पिछड़ने वाली पाकिस्तानी टीम में बीच दौरे पर ही बड़े बदलाव किए गए हैं। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने करीब आधी टीम में फेरबदल करते हुए सात प्रमुख खिलाड़ियों को इंग्लैंड से वापस बुलाने का फैसला किया है। इसके अलावा मुख्य कोच सरफराज अहमद और गेंदबाजी कोच उमर गुल को भी उनकी जिम्मेदारियों से हटा दिया गया है।
लॉर्ड्स टेस्ट में पाकिस्तान की बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों ही उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सकीं। इंग्लैंड ने मुकाबले में 194 रनों से जीत दर्ज कर तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। पाकिस्तान के लिए सऊद शकील ने दूसरी पारी में 97 रनों की संघर्षपूर्ण पारी खेलकर टीम को बचाने की कोशिश की,लेकिन उनके अलावा कोई बल्लेबाज इंग्लैंड के गेंदबाजों का मजबूती से सामना नहीं कर सका। पूरी पाकिस्तानी टीम 194 रनों पर सिमट गई और उसे एक और शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा।
इस हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने तीसरे टेस्ट से पहले टीम में व्यापक बदलाव करने का फैसला किया है। बोर्ड के निर्णय के मुताबिक मोहम्मद रिजवान, इमाम-उल-हक, सलमान अली आग़ा,आमिर जमाल, ख़ुर्रम शहज़ाद, अली उस्मान और ओवैस जफर को स्वदेश वापस बुलाया जा रहा है। इन खिलाड़ियों की जगह सात नए खिलाड़ियों को इंग्लैंड भेजा जाएगा,ताकि अंतिम टेस्ट में टीम को नई ऊर्जा के साथ मैदान पर उतारा जा सके।
तीसरे टेस्ट से पहले टीम में शामिल किए जाने वाले खिलाड़ियों में साइम अयूब, अब्दुल्ला फ़ज़ल, अराफ़ात मिन्हास, इमरान जूनियर, साद बेग, इमरान रंधावा और रज़ाउल्लाह के नाम शामिल हैं। बोर्ड का यह फैसला बताता है कि लगातार खराब प्रदर्शन के बाद टीम प्रबंधन अब नए खिलाड़ियों को मौका देकर परिस्थितियों को बदलने की कोशिश कर रहा है।
खिलाड़ियों में बदलाव के साथ पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने कोचिंग स्टाफ में भी बड़ा फेरबदल किया है। मुख्य कोच सरफराज अहमद और गेंदबाजी कोच उमर गुल को उनके पदों से हटा दिया गया है। सीमित ओवरों की टीम के मुख्य कोच माइक हेसन को अब टेस्ट टीम की जिम्मेदारी भी सौंप दी गई है। इस तरह हेसन अब पाकिस्तान की सफेद गेंद के साथ-साथ लाल गेंद वाली टीम की कोचिंग की जिम्मेदारी सँभालेंगे।
गेंदबाजी विभाग की जिम्मेदारी एशले नोफ्के को दी गई है। उन्हें टीम का नया गेंदबाजी कोच नियुक्त किया गया है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को उम्मीद होगी कि कोचिंग स्टाफ में बदलाव और नए खिलाड़ियों की एंट्री से टीम के प्रदर्शन में सुधार आएगा।
लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज इमाम-उल-हक को लेकर भी विवाद खड़ा हुआ था। मैच के दौरान पिंडली में चोट की समस्या के बावजूद उनके मैदान से बाहर जाकर नेट्स पर अभ्यास करने के फैसले पर इंग्लैंड के पूर्व तेज गेंदबाज और कमेंटेटर स्टुअर्ट ब्रॉड ने सवाल उठाए। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी पाकिस्तानी खिलाड़ियों के रवैये और प्रदर्शन को लेकर आलोचना तेज हो गई।
पाकिस्तान के लिए इंग्लैंड दौरा लंबे समय से चुनौतीपूर्ण रहा है। टीम पिछले करीब 30 वर्षों से ब्रिटेन की धरती पर टेस्ट सीरीज जीतने में सफल नहीं रही है। मौजूदा सीरीज में भी पाकिस्तान की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। पहले टेस्ट में हार के बाद टीम को उम्मीद थी कि वह लॉर्ड्स में वापसी करेगी,लेकिन दूसरा मुकाबला भी गंवाने के बाद अब उसके पास सीरीज बचाने का कोई मौका नहीं है।
लॉर्ड्स टेस्ट में पाकिस्तान को जीत के लिए 386 रनों का लक्ष्य मिला था। टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और लगातार विकेट गिरते चले गए। सऊद शकील ने एक छोर सँभालते हुए 97 रन बनाए और टीम को जीत के करीब ले जाने की कोशिश की,लेकिन दूसरे छोर से उन्हें पर्याप्त सहयोग नहीं मिला। आखिरकार पूरी टीम 194 रनों पर आउट हो गई। इंग्लैंड ने 194 रनों से जीत दर्ज कर सीरीज अपने नाम कर ली।
इस हार ने पाकिस्तान टीम की बल्लेबाजी की कमजोरियों को एक बार फिर उजागर कर दिया। शीर्ष क्रम के बल्लेबाज बड़ी पारियाँ खेलने में नाकाम रहे और दबाव की स्थिति में टीम बिखरती नजर आई। गेंदबाजी विभाग भी इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखने में सफल नहीं रहा। नतीजा यह हुआ कि पाकिस्तान को दोनों टेस्ट मैचों में हार झेलनी पड़ी।
अब पाकिस्तान के सामने सीरीज का तीसरा और अंतिम टेस्ट है। सीरीज पहले ही इंग्लैंड के नाम हो चुकी है,लेकिन पाकिस्तान के लिए यह मुकाबला सम्मान बचाने का आखिरी मौका होगा। टीम में किए गए बड़े बदलावों के बाद सभी की निगाहें नए खिलाड़ियों पर होंगी। नए चेहरों को अंतर्राष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट के दबाव के बीच कैसा प्रदर्शन करने का मौका मिलता है,यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के लिए भी यह बदलाव बेहद अहम हैं। दौरे के बीच सात खिलाड़ियों को वापस बुलाना और कोचिंग स्टाफ में बदलाव करना सामान्य परिस्थितियों में बड़ा कदम माना जाता है। इससे साफ है कि बोर्ड मौजूदा प्रदर्शन से बेहद निराश है और टीम में तत्काल सुधार चाहता है।
तीसरे टेस्ट से पहले पाकिस्तान को अपनी रणनीति पर नए सिरे से काम करना होगा। नए खिलाड़ियों के साथ टीम को इंग्लैंड की परिस्थितियों में खुद को ढालना होगा। बल्लेबाजों से बड़ी और जिम्मेदार पारियों की उम्मीद होगी,जबकि गेंदबाजों को इंग्लैंड के मजबूत बल्लेबाजी क्रम के खिलाफ अनुशासित प्रदर्शन करना होगा।
फिलहाल पाकिस्तान 0-2 से सीरीज गंवा चुका है और उसके सामने तीसरे टेस्ट में हार से बचने की चुनौती है। टीम में बड़े बदलाव के बाद यह मुकाबला खिलाड़ियों के साथ-साथ नए कोचिंग संयोजन के लिए भी परीक्षा होगा। लगातार हार और लंबे समय से चले आ रहे विदेशी जमीन पर खराब रिकॉर्ड के बीच पाकिस्तान क्रिकेट में अब बदलाव का दौर शुरू हो गया है। तीसरे टेस्ट का नतीजा यह बताएगा कि इन बड़े फैसलों का तत्काल असर टीम के प्रदर्शन पर कितना पड़ता है।
