वाशिंगटन,9 मई (युआईटीवी)- डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव और परमाणु वार्ता को लेकर बड़ा बयान दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि उन्हें तेहरान की ओर से आज रात एक संदेश मिलने की उम्मीद है,जिसके बाद दोनों देशों के बीच बातचीत की दिशा को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है,जब परमाणु समझौते,क्षेत्रीय सुरक्षा और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चिंताएँ बढ़ रही हैं।
व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में मरीन वन हेलीकॉप्टर में सवार होने से पहले मीडिया से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्हें आज रात एक पत्र या संदेश मिलने वाला है और उसके बाद आगे की स्थिति साफ हो जाएगी। उन्होंने कहा, “देखते हैं क्या होता है।” हालाँकि,राष्ट्रपति ने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह संदेश किस स्तर पर भेजा जाएगा और उसमें क्या विषय शामिल होंगे,लेकिन उनके बयान ने अमेरिका-ईरान संबंधों को लेकर नई अटकलों को जन्म दे दिया है।
जब पत्रकारों ने ट्रंप से पूछा कि क्या ईरान जानबूझकर परमाणु वार्ता की प्रक्रिया को धीमा कर रहा है,तो उन्होंने कहा कि जल्द ही स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। ट्रंप ने संकेत दिए कि अगर बातचीत आगे नहीं बढ़ी या अमेरिका की अपेक्षाओं के अनुरूप परिणाम नहीं निकले,तो वाशिंगटन अपना रुख और सख्त कर सकता है। उन्होंने कहा कि यदि चीजें ठीक नहीं हुईं, तो अमेरिका “दूसरा रास्ता” अपनाने के लिए तैयार रहेगा।
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने बयान में “प्रोजेक्ट फ्रीडम” का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यदि मौजूदा बातचीत विफल होती है,तो अमेरिका “प्रोजेक्ट फ्रीडम प्लस” की ओर बढ़ सकता है। हालांकि उन्होंने इस योजना के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी,लेकिन उनके शब्दों से संकेत मिला कि अमेरिका भविष्य में और आक्रामक रणनीति अपना सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान ईरान पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।
अमेरिका और ईरान के बीच पिछले कई वर्षों से तनावपूर्ण संबंध रहे हैं। परमाणु कार्यक्रम,प्रतिबंधों,क्षेत्रीय प्रभाव और मध्य पूर्व की राजनीति को लेकर दोनों देशों के बीच लगातार मतभेद बने हुए हैं। हाल के महीनों में दोनों पक्षों के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत की खबरें सामने आई थीं,लेकिन वार्ता की गति और संभावित समझौते को लेकर अब भी अनिश्चितता बनी हुई है।
ट्रंप ने अपनी बातचीत के दौरान रूस-यूक्रेन युद्ध का भी जिक्र किया और इसे द्वितीय विश्व युद्ध के बाद की सबसे गंभीर घटनाओं में से एक बताया। उन्होंने कहा कि यदि रूस और यूक्रेन के बीच जारी सीमित अवधि के युद्धविराम को आगे बढ़ाया जाता है,तो वह इसका स्वागत करेंगे। जब उनसे पूछा गया कि क्या मौजूदा सीजफायर तीन दिनों से ज्यादा समय तक चल सकता है,तो उन्होंने कहा कि ऐसा संभव है और वह चाहते हैं कि युद्ध जल्द से जल्द रुके।
राष्ट्रपति ने कहा कि लगातार जारी संघर्ष ने हजारों लोगों की जान ली है और इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ा है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका शांति प्रयासों को समर्थन देने के लिए तैयार है,लेकिन उन्होंने इस बारे में कोई ठोस नीति या नई पहल की घोषणा नहीं की। ट्रंप ने कहा कि दुनिया को अब लंबे संघर्षों के बजाय स्थायी समाधान की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों के अलावा ट्रंप ने अमेरिका की घरेलू स्थिति को लेकर भी अपनी सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि देश की अर्थव्यवस्था मजबूत स्थिति में है और रोजगार के आँकड़े बेहद सकारात्मक हैं। ट्रंप ने कहा कि इस समय अमेरिका में पहले की तुलना में अधिक लोग काम कर रहे हैं और हाल में जारी रोजगार संबंधी आँकड़े “जबरदस्त” रहे हैं। उन्होंने अपनी आर्थिक नीतियों को इसका प्रमुख कारण बताया।
राष्ट्रपति ने सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर भी प्रतिक्रिया दी। हाल के दिनों में हंता वायरस के मामलों को लेकर बढ़ी चिंताओं पर ट्रंप ने कहा कि प्रशासन स्थिति पर करीब से नजर रख रहा है। उन्होंने लोगों को आश्वस्त करने की कोशिश करते हुए कहा कि यह वायरस कोविड-19 की तरह तेजी से नहीं फैलता और स्वास्थ्य अधिकारी इस मामले को गंभीरता से देख रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि विशेषज्ञ इस वायरस को लंबे समय से जानते हैं और स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
डॉ. मार्टी मकारी से जुड़ी रिपोर्टों के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा कि उन्होंने इसके बारे में पढ़ा जरूर है,लेकिन फिलहाल उन्हें इस विषय की ज्यादा जानकारी नहीं है। उन्होंने इस मामले पर विस्तार से टिप्पणी करने से बचते हुए कहा कि वह पहले पूरी जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं।
अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति पर बात करते हुए ट्रंप ने लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा के साथ अपनी हालिया मुलाकात का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच बेहद अच्छी बातचीत हुई। हालाँकि,उन्होंने बैठक के एजेंडे या उसमें हुई चर्चाओं के बारे में कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका और ब्राजील के बीच आर्थिक और पर्यावरणीय मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने को लेकर चर्चा हुई हो सकती है।
जब यूनाइटेड किंगडम में हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों के बारे में सवाल पूछा गया,तो ट्रंप ने सीधे टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वह इस विषय पर टिप्पणी करना उचित नहीं समझते और इसे वहीं के नेताओं पर छोड़ना चाहते हैं। हालाँकि,उन्होंने यह जरूर कहा कि वह “हर चीज से खुश” हैं और उनकी सरकार कई क्षेत्रों में अच्छा काम कर रही है।
राष्ट्रपति ट्रंप के इन बयानों को ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है,जब अमेरिका एक साथ कई वैश्विक चुनौतियों का सामना कर रहा है। ईरान के साथ परमाणु तनाव, रूस-यूक्रेन युद्ध,वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के बीच व्हाइट हाउस की रणनीति पर दुनिया की नजर बनी हुई है। ट्रंप के हालिया बयान यह संकेत देते हैं कि अमेरिका आने वाले दिनों में विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर और अधिक आक्रामक तथा निर्णायक रुख अपना सकता है।
