मुंबई,30 अगस्त (युआईटीवी)- मुंबई के विरार पूर्व में हुए दर्दनाक रमाबाई अपार्टमेंट हादसे ने पूरे महाराष्ट्र को हिलाकर रख दिया है। 26 अगस्त की रात को अचानक बहुमंजिला इमारत के गिर जाने से जहाँ 17 निर्दोष लोगों की मौत हो गई,वहीं 9 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इस हादसे ने न केवल इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया,बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और निर्माण कार्य में अनियमितताओं की परतें भी खोल दी हैं। अब इस मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पाँच लोगों को गिरफ्तार किया है।
शुरुआत में पुलिस ने बिल्डर नीतल साने को गिरफ्तार किया था,जिस पर निर्माण कार्य में लापरवाही और खराब सामग्री इस्तेमाल करने के आरोप लगे,लेकिन जैसे-जैसे जाँच आगे बढ़ी,वैसे-वैसे और चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। इसी क्रम में मुंबई क्राइम ब्रांच यूनिट 3 ने कार्रवाई करते हुए प्लॉट मालिक की दो बेटियों शुभांगी और संध्या पाटील,साथ ही सुरेंद्र और मंगेश पाटील को भी गिरफ्तार कर लिया। इन सभी पर आरोप है कि उन्होंने अवैध निर्माण में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भूमिका निभाई। शनिवार को इन पाँचों को वसई की सत्र न्यायालय में पेश किया जाएगा।
पुलिस जाँच में खुलासा हुआ है कि 2008-2009 में जमीन मालिक परशुराम दलवी और बिल्डर नीतल साने के बीच रमाबाई अपार्टमेंट निर्माण का समझौता हुआ था। इस डील के तहत चार मंजिला इमारत में 54 फ्लैट और 4 दुकानें बनीं,लेकिन निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों की भारी अनदेखी की गई, जिससे आज हादसे जैसी स्थिति बनी। इस्तेमाल की गई सामग्री घटिया गुणवत्ता की थी और सबसे अहम बात यह है कि इमारत का निर्माण बिना किसी वैध अनुमति के किया गया।
रात 12 बजकर 10 मिनट पर अचानक जोरदार धमाका हुआ और पूरी इमारत देखते ही देखते जमींदोज हो गई,जिससे चारों ओर अफरा-तफरी मच गई। चार मंजिला इमारत के मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए स्थानीय लोगों,पुलिस और दमकल विभाग को रातभर मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान 26 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया,लेकिन दुर्भाग्य से 17 लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी। कई परिवार पलभर में बर्बाद हो गए और इलाके में मातम छा गया।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हादसे पर गहरा दुख जताया और पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद देने की घोषणा की। इसके अलावा उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि इस मामले की पूरी सच्चाई सामने लाई जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी घटनाएँ केवल प्रशासनिक लापरवाही का ही परिणाम हैं और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
हादसे के बाद वसई-विरार महानगरपालिका के सहायक आयुक्त गिलसन घोंसलेविस ने बिल्डर नीतल गोपीनाथ साने और अन्य के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 और महाराष्ट्र प्रादेशिक एवं नगर रचना अधिनियम की तीन धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की। एफआईआर में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया कि इमारत का निर्माण अवैध था और किसी भी तरह की वैधानिक अनुमति नहीं ली गई थी।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह इमारत पूरी तरह से कानून तोड़कर बनाई गई थी। निर्माण के दौरान न तो गुणवत्ता पर ध्यान दिया गया और न ही सुरक्षा मानकों का पालन किया गया। यही वजह है कि इमारत महज कुछ ही वर्षों में जर्जर होकर गिर गई। इस लापरवाही का खामियाजा उन निर्दोष लोगों को भुगतना पड़ा,जिन्होंने अपनी पूरी जिंदगी की कमाई इस अपार्टमेंट के फ्लैट खरीदने में लगा दी थी।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि महानगरपालिका और संबंधित विभागों की मिलीभगत के बिना इस तरह का निर्माण संभव ही नहीं था। लोगों का कहना है कि बिल्डरों और जमीन मालिकों ने नियमों को ताक पर रखकर इमारत खड़ी की और अधिकारियों ने आँखें मूँद लीं। अब जबकि हादसा हो गया और लोग मारे गए,तब जाकर कार्रवाई की जा रही है। सवाल यह है कि आखिरकार इतनी बड़ी अनियमितता होने के बावजूद प्रशासन ने समय रहते कदम क्यों नहीं उठाए।
इस घटना ने एक बार फिर मुंबई और उसके उपनगरीय इलाकों में हो रहे अवैध निर्माणों की समस्या को उजागर किया है। हर साल बारिश के मौसम में इमारतें गिरने की घटनाएँ सामने आती हैं और कई लोग अपनी जान गंवा बैठते हैं। इसके बावजूद निर्माण माफिया और भ्रष्टाचार का गोरखधंधा थमता नजर नहीं आता। रमाबाई अपार्टमेंट हादसा भी इसी कड़ी का एक और उदाहरण बन गया है,जिसने कई मासूम लोगों की जिंदगी निगल ली।
फिलहाल इस मामले में पुलिस ने पाँच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और जाँच तेज कर दी गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं,लेकिन बड़ा सवाल यही है कि क्या इस बार दोषियों को सचमुच सजा मिलेगी और क्या पीड़ित परिवारों को न्याय मिल पाएगा। अगर ऐसा नहीं हुआ तो यह हादसा भी महज एक और फाइल बनकर सरकारी दफ्तरों में धूल फांकता रह जाएगा।
विरार अपार्टमेंट हादसा उन सभी लोगों के लिए चेतावनी है,जो अपनी मेहनत की कमाई से घर खरीदते हैं। उन्हें केवल चमक-दमक देखकर फ्लैट नहीं खरीदना चाहिए,बल्कि निर्माण की वैधता और गुणवत्ता की भी जाँच करनी चाहिए। साथ ही यह घटना प्रशासन के लिए भी सबक है कि अगर समय रहते नियमों का पालन सुनिश्चित नहीं किया गया,तो इस तरह की त्रासदियाँ भविष्य में भी दोहराई जाती रहेंगी।
