विशाखापत्तनम स्टील प्लांट हादसे के पीड़ितों के लिए विशेष राहत पैकेज,मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये और नौकरी का ऐलान (तस्वीर क्रेडिट@Anitha_TDP)

विशाखापत्तनम स्टील प्लांट हादसे के पीड़ितों के लिए विशेष राहत पैकेज,मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये और नौकरी का ऐलान

विशाखापत्तनम,9 जून (युआईटीवी)- विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में हुए भीषण औद्योगिक हादसे के बाद केंद्र सरकार ने पीड़ित परिवारों के लिए विशेष राहत और मुआवजा पैकेज की घोषणा की है। केंद्रीय इस्पात एवं भारी उद्योग राज्य मंत्री भूपति राजू श्रीनिवास वर्मा ने दुर्घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों के साथ घटना की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने बताया कि केंद्रीय इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी के साथ विचार-विमर्श के बाद इस्पात मंत्रालय ने मृतकों और घायलों के लिए व्यापक सहायता पैकेज तैयार किया है,ताकि प्रभावित परिवारों को कठिन समय में आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा मिल सके।

सोमवार को हुए इस दर्दनाक हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। विशाखापत्तनम स्टील प्लांट के स्टील मेल्टिंग शॉप परिसर में उस समय बड़ा विस्फोट हो गया,जब अत्यधिक तापमान वाले पिघले हुए स्टील को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाया जा रहा था। अधिकारियों के अनुसार,दुर्घटना शाम लगभग 4:15 बजे स्टील मेल्टिंग शॉप-2 और स्टील ट्रांसफर कैरियर-3 हीट फैसिलिटी में हुई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक,लगभग 1,500 डिग्री सेल्सियस तापमान वाले पिघले हुए स्टील को ले जा रही लैडल,यानी विशेष धातु पात्र,में अचानक विस्फोट हो गया। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास काम कर रहे श्रमिक इसकी चपेट में आ गए।

इस हादसे में आठ श्रमिकों की मौत हो गई,जबकि कई अन्य कर्मचारी घायल हो गए। दुर्घटना की खबर सामने आते ही राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ उनका उपचार जारी है। हादसे की गंभीरता को देखते हुए केंद्र और राज्य स्तर पर उच्च अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया और जाँच के निर्देश दिए गए।

दुर्घटना के बाद केंद्रीय इस्पात एवं भारी उद्योग राज्य मंत्री भूपति राजू श्रीनिवास वर्मा तत्काल सड़क मार्ग से विशाखापत्तनम स्टील प्लांट पहुँचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी प्राप्त की। मंत्री ने अधिकारियों से हादसे के कारणों,सुरक्षा व्यवस्थाओं और राहत कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट माँगी। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराना है।

मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने मृतकों और घायलों के लिए विशेष मुआवजा पैकेज की घोषणा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पैकेज सभी प्रभावितों पर समान रूप से लागू होगा,चाहे वे स्थायी कर्मचारी हों या संविदा कर्मी। सरकार का मानना है कि हादसे से प्रभावित प्रत्येक परिवार को समान संवेदनशीलता और सम्मान के साथ सहायता मिलनी चाहिए।

घोषित राहत पैकेज के तहत हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक कर्मचारी के परिजनों को सेवानिवृत्ति लाभों के अतिरिक्त 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी। इसके अलावा मृतक के परिवार के एक सदस्य को राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड में रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का कहना है कि इससे प्रभावित परिवारों को दीर्घकालिक आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और वे भविष्य की चुनौतियों का सामना बेहतर ढंग से कर सकेंगे।

मुआवजा पैकेज में बच्चों के भविष्य को भी विशेष महत्व दिया गया है। राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड की नीति के अनुसार,मृतक कर्मचारियों के बच्चों की शिक्षा का पूरा खर्च कंपनी द्वारा वहन किया जाएगा। इससे उन परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी,जिनके कमाने वाले सदस्य की इस दुर्घटना में मृत्यु हो गई है। सरकार का मानना है कि बच्चों की शिक्षा प्रभावित न हो,इसके लिए विशेष प्रावधान आवश्यक हैं।

इसके साथ ही मृतकों के परिवारों को कंपनी के आवास में रहने की सुविधा भी जारी रहेगी। जो परिवार पहले से राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड के आवासों में रह रहे हैं,उन्हें वहाँ रहने की अनुमति दी जाएगी। वहीं जो परिवार कंपनी आवास से बाहर रह रहे हैं,उन्हें भी आवश्यकता के अनुसार आवास उपलब्ध कराने का विकल्प दिया जाएगा। इस निर्णय का उद्देश्य प्रभावित परिवारों को आवास संबंधी किसी प्रकार की कठिनाई से बचाना है।

घायलों के लिए भी सरकार ने विशेष सहायता की घोषणा की है। प्रत्येक घायल कर्मचारी को तत्काल 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही उनके उपचार का पूरा खर्च राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड प्रबंधन द्वारा वहन किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं और उनके स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जा रही है।

केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से भी अतिरिक्त सहायता देने का निर्णय लिया है। इसके तहत मृतकों के परिवारों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। सरकार ने आश्वासन दिया है कि प्रभावित परिवारों को हर स्तर पर सहायता उपलब्ध कराई जाएगी और किसी भी प्रकार की जरूरत को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।

इस बीच केंद्रीय इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी और नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने भी दुर्घटनास्थल का दौरा किया। दोनों मंत्रियों ने अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने घायलों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। मंत्रियों ने कहा कि हादसे के कारणों की गहन जांच कराई जाएगी और यदि कहीं सुरक्षा मानकों में कमी पाई जाती है,तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

विशाखापत्तनम स्टील प्लांट देश के प्रमुख इस्पात उत्पादन केंद्रों में से एक है और यहाँ हजारों कर्मचारी कार्यरत हैं। ऐसे में इस दुर्घटना ने औद्योगिक सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण सवाल भी खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि उच्च तापमान पर संचालित होने वाले इस्पात संयंत्रों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन अत्यंत आवश्यक है,क्योंकि छोटी सी चूक भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

इस दुखद घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,उपराष्ट्रपति और कई अन्य वरिष्ठ नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। सभी नेताओं ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। साथ ही सरकार ने भरोसा दिलाया है कि हादसे की निष्पक्ष जाँच होगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में हुआ यह हादसा औद्योगिक क्षेत्र के लिए एक गंभीर चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। हालाँकि,केंद्र सरकार द्वारा घोषित राहत पैकेज ने प्रभावित परिवारों को कुछ हद तक सहारा देने का प्रयास किया है,लेकिन अपने प्रियजनों को खोने का दर्द लंबे समय तक उनके साथ रहेगा। अब सभी की नजरें जाँच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा और भविष्य के लिए सुरक्षा उपायों को और मजबूत बनाया जा सकेगा।