कोलकाता/चेन्नई,23 अप्रैल (युआईटीवी)- देश की राजनीति के लिए अहम माने जा रहे पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनावों का बिगुल बज चुका है। गुरुवार सुबह से ही दोनों राज्यों में मतदान की प्रक्रिया शुरू हो गई है,जिसके साथ ही लोकतंत्र के इस बड़े उत्सव में जनता की भागीदारी साफ तौर पर नजर आ रही है। तमिलनाडु में सभी 234 विधानसभा सीटों पर एक ही चरण में मतदान हो रहा है,जबकि पश्चिम बंगाल में चुनाव दो चरणों में संपन्न कराए जा रहे हैं। पहले चरण में 152 सीटों पर मतदान जारी है,जबकि शेष 142 सीटों पर दूसरे चरण में वोट डाले जाएँगे।
सुबह से ही मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। खासकर ग्रामीण और शहरी इलाकों में लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा है। पश्चिम बंगाल के बेरहामपुर जैसे क्षेत्रों में बड़ी संख्या में मतदाता अपने घरों से निकलकर मतदान केंद्रों तक पहुँचे और अपने मताधिकार का प्रयोग किया। कई जगहों पर महिलाओं और युवाओं की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही,जो लोकतंत्र के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाती है।
चुनाव के मद्देनजर दोनों राज्यों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। संवेदनशील और अति संवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है,ताकि मतदान शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके। प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित किया गया है कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या हिंसा की स्थिति न बने और मतदाता बिना किसी डर के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें। चुनाव आयोग की निगरानी में पूरे मतदान प्रक्रिया पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
इस बीच देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मतदाताओं से बड़ी संख्या में मतदान करने की अपील की है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर संदेश साझा करते हुए पश्चिम बंगाल के मतदाताओं से कहा कि वे लोकतंत्र के इस उत्सव में पूरी शक्ति के साथ भाग लें। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं और महिलाओं से अपील की कि वे बढ़-चढ़कर मतदान करें और लोकतंत्र को मजबूत बनाने में अपनी भूमिका निभाएँ। प्रधानमंत्री ने अपने दूसरे संदेश में तमिलनाडु के मतदाताओं से भी यही आग्रह किया कि वे इस पवित्र कर्तव्य में पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लें और अधिक से अधिक संख्या में मतदान केंद्रों तक पहुंचें।
प्रधानमंत्री के अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी पश्चिम बंगाल के पहले चरण के मतदान को राज्य के वर्तमान और भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि इस बार का चुनाव केवल सरकार चुनने का अवसर नहीं है,बल्कि यह राज्य के भविष्य की दिशा तय करने वाला भी है। उन्होंने मतदाताओं,विशेषकर युवाओं से अपील की कि वे अधिक संख्या में मतदान करें और एक मजबूत तथा विकसित राज्य के निर्माण में योगदान दें।
राजनीतिक दृष्टि से दोनों राज्यों के चुनाव बेहद अहम माने जा रहे हैं। पश्चिम बंगाल में जहाँ विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है,वहीं तमिलनाडु में भी सत्ता परिवर्तन को लेकर सियासी हलचल तेज है। दोनों ही राज्यों में चुनावी प्रचार के दौरान नेताओं ने जनता से कई बड़े वादे किए हैं,जिन पर अब मतदाता अपने फैसले की मुहर लगा रहे हैं।
मतदान के दौरान कई जगहों पर पहली बार वोट डालने वाले युवा मतदाताओं में खासा उत्साह देखा गया। यह वर्ग न केवल चुनाव प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभा रहा है,बल्कि अपने मुद्दों को लेकर भी जागरूक नजर आ रहा है। रोजगार,शिक्षा,स्वास्थ्य और विकास जैसे मुद्दे मतदाताओं के बीच प्रमुख चर्चा का विषय बने हुए हैं। वहीं महिलाओं की बढ़ती भागीदारी यह संकेत दे रही है कि अब वे भी राजनीतिक प्रक्रिया में अपनी भूमिका को लेकर गंभीर हैं।
चुनाव आयोग की ओर से मतदाताओं को जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान चलाए गए थे,जिनका असर अब मतदान केंद्रों पर दिखाई दे रहा है। मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से लेकर मतदान केंद्र तक पहुँचने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। दिव्यांग और बुजुर्ग मतदाताओं के लिए भी सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं,जिससे वे बिना किसी परेशानी के मतदान कर सकें।
हालाँकि,कुछ क्षेत्रों से हल्की-फुल्की शिकायतों की खबरें भी सामने आई हैं,लेकिन कुल मिलाकर मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से जारी है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियाँ हर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को तुरंत नियंत्रित करने के लिए तैयार हैं।
इन चुनावों के नतीजे न केवल संबंधित राज्यों की राजनीति को प्रभावित करेंगे,बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है। ऐसे में सभी राजनीतिक दलों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जनता किसे अपना समर्थन देती है। आने वाले दिनों में दूसरे चरण के मतदान और फिर मतगणना के साथ यह स्पष्ट हो जाएगा कि सत्ता की बागडोर किसके हाथ में जाएगी।
फिलहाल,लोकतंत्र के इस महापर्व में जनता की सक्रिय भागीदारी यह दर्शाती है कि देश के नागरिक अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति सजग हैं। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में जारी मतदान ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि भारत का लोकतंत्र मजबूत है और जनता इसकी सबसे बड़ी ताकत है।
