मुंबई,11 जून (युआईटीवी)- बहुचर्चित फिल्म ‘काला हिरण’ एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है। फिल्म की रिलीज डेट में बदलाव करते हुए निर्माताओं ने इसे तय समय से पहले सिनेमाघरों में उतारने का फैसला किया है। पहले यह फिल्म 20 जून को रिलीज होने वाली थी,लेकिन अब इसे 12 जून को दर्शकों के सामने पेश किया जाएगा। निर्माता अमित जानी ने इसकी आधिकारिक घोषणा करते हुए कहा है कि फिल्म अब निर्धारित तिथि से पहले रिलीज होगी और दर्शकों को लंबे इंतजार की जरूरत नहीं पड़ेगी। रिलीज डेट में बदलाव के साथ ही फिल्म को लेकर चल रहा विवाद भी और तेज हो गया है।
जानी फायरफॉक्स फिल्म्स के बैनर तले बनाई गई यह फिल्म वर्ष 1998 के चर्चित काला हिरण शिकार मामले और उससे जुड़े घटनाक्रमों पर आधारित बताई जा रही है। फिल्म के निर्माताओं का दावा है कि इसमें बिश्नोई समुदाय के संघर्ष,वन्यजीव संरक्षण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और न्याय की लड़ाई को प्रमुखता से दिखाया गया है। हाल ही में जारी किए गए फिल्म के फर्स्ट लुक ने भी लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। फिल्म के पोस्टर और प्रचार सामग्री में अपराध,रोमांच,संघर्ष और न्याय की तलाश जैसे विषयों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया है।
फिल्म का निर्देशन भरत एस. श्रीनाते ने किया है। निर्माताओं का कहना है कि फिल्म केवल एक घटना का चित्रण नहीं है,बल्कि यह उन सामाजिक और सांस्कृतिक पहलुओं को भी सामने लाने का प्रयास करती है,जो वर्षों से चर्चा का विषय रहे हैं। हालाँकि,फिल्म की कहानी को लेकर आधिकारिक रूप से बहुत अधिक जानकारी साझा नहीं की गई है,लेकिन इसके विषय और पात्रों को लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही हैं।
रिलीज से पहले ही फिल्म विवादों में घिर गई है। फिल्म को लेकर सबसे बड़ी चर्चा उस समय शुरू हुई,जब यह खबर सामने आई कि इसमें कथित तौर पर अभिनेता सलमान खान और बिश्नोई समाज से जुड़े विवाद को दिखाया गया है। इसी के बाद अभिनेता की कानूनी टीम की ओर से फिल्म निर्माताओं को एक कानूनी नोटिस भेजा गया। नोटिस में फिल्म की विषयवस्तु पर आपत्ति जताते हुए कहा गया कि इससे अभिनेता की छवि और उनके व्यक्तिगत अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
कानूनी नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया कि काला हिरण शिकार मामला अभी राजस्थान हाईकोर्ट में विचाराधीन है। ऐसे में इस विषय पर आधारित फिल्म का निर्माण और उसका प्रचार-प्रसार कानूनी दृष्टि से संवेदनशील माना जा सकता है। नोटिस के जरिए निर्माताओं को सावधानी बरतने और विवादित विषयों को लेकर स्पष्टीकरण देने की माँग की गई है।
इस घटनाक्रम के बाद फिल्म निर्माता अमित जानी ने सार्वजनिक रूप से अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि फिल्म का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं है,बल्कि एक ऐतिहासिक और सामाजिक रूप से महत्वपूर्ण घटनाक्रम को दर्शकों के सामने लाना है। उन्होंने दावा किया कि कानूनी नोटिस मिलने के बाद उन्हें और उनकी टीम को कई प्रकार के दबावों का सामना करना पड़ा।
अमित जानी के अनुसार, नोटिस जारी होने के बाद पिछले कुछ घंटों के दौरान उन्हें हजारों धमकी भरे संदेश प्राप्त हुए। उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर उनके खिलाफ अभियान चलाने की कोशिश की गई और कई फोन कॉल्स के जरिए भी दबाव बनाया गया। निर्माता का आरोप है कि फिल्म को रोकने के लिए भय का माहौल बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी पक्ष को फिल्म की सामग्री पर आपत्ति है,तो वह कानूनी प्रक्रिया का पालन कर सकता है,लेकिन धमकियों और दबाव की राजनीति स्वीकार नहीं की जा सकती। अमित जानी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी विवाद का समाधान कानून के दायरे में रहकर होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी टीम किसी भी कानूनी प्रक्रिया का सामना करने के लिए तैयार है।
निर्माता ने यह भी दोहराया कि फिल्म का मूल उद्देश्य बिश्नोई समुदाय के संघर्ष और उनके संकल्प को उजागर करना है। उनके अनुसार,यह कहानी केवल एक कानूनी मामले तक सीमित नहीं है,बल्कि इसमें उन लोगों की भावनाओं और संघर्षों को भी दिखाया गया है जिन्होंने वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के लिए वर्षों तक आवाज उठाई है। उनका मानना है कि इस विषय को बड़े पर्दे पर लाना समाज के लिए महत्वपूर्ण है।
फिल्म की रिलीज डेट आगे बढ़ाए जाने को लेकर भी विभिन्न तरह की चर्चाएँ हो रही हैं। कुछ लोगों का मानना है कि विवादों के कारण निर्माताओं ने फिल्म को जल्दी रिलीज करने का फैसला किया है,ताकि बढ़ती चर्चा का लाभ उठाया जा सके। वहीं निर्माता पक्ष का कहना है कि यह निर्णय पूरी तरह व्यावसायिक और रणनीतिक कारणों से लिया गया है तथा इसका विवाद से कोई संबंध नहीं है।
फिल्म जगत के जानकारों का मानना है कि विवादों के बीच रिलीज होने वाली फिल्मों को अक्सर अतिरिक्त जनचर्चा मिलती है। हालाँकि,इसके साथ कानूनी और सामाजिक चुनौतियां भी जुड़ी होती हैं। ‘काला हिरण’ के मामले में भी यही स्थिति दिखाई दे रही है,जहाँ फिल्म की कहानी से अधिक चर्चा उसके इर्द-गिर्द चल रहे विवादों की हो रही है।
इस बीच दर्शकों के बीच फिल्म को लेकर उत्सुकता लगातार बढ़ रही है। सोशल मीडिया पर फिल्म का नाम लगातार चर्चा में बना हुआ है और कई लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि आखिर फिल्म में किस तरह से घटनाओं को प्रस्तुत किया गया है। वहीं दूसरी ओर विरोध करने वाले पक्ष यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि किसी भी व्यक्ति की छवि या न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।
फिलहाल फिल्म निर्माता अपने निर्णय पर कायम दिखाई दे रहे हैं और उन्होंने साफ कर दिया है कि फिल्म को निर्धारित नई तारीख 12 जून को रिलीज किया जाएगा। विवाद, कानूनी नोटिस और बढ़ती बहस के बावजूद निर्माताओं का कहना है कि वे पीछे हटने वाले नहीं हैं और दर्शकों के सामने अपनी कहानी रखने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
अब सभी की निगाहें फिल्म की रिलीज और उसके बाद सामने आने वाली प्रतिक्रियाओं पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि विवादों से घिरी यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कैसा प्रदर्शन करती है और दर्शक इसकी कहानी को किस नजरिए से देखते हैं। इतना तय है कि रिलीज से पहले ही ‘काला हिरण’ ने मनोरंजन जगत और सामाजिक विमर्श दोनों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा दी है।
