लॉस एंजिल्स,16 जून (युआईटीवी)- फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप ‘जी’ में सोमवार को लॉस एंजिल्स स्टेडियम में खेला गया ईरान और न्यूजीलैंड के बीच मुकाबला रोमांच,संघर्ष और शानदार वापसी का बेहतरीन उदाहरण बन गया। न्यूजीलैंड दो बार बढ़त लेने के बावजूद अपनी पहली विश्व कप जीत दर्ज नहीं कर सका और मुकाबला 2-2 की बराबरी पर समाप्त हुआ। ईरान की ओर से रामिन रेजाईन ने एक गोल करने के साथ दूसरे गोल की भूमिका निभाकर टीम को हार से बचाने में अहम योगदान दिया। वहीं न्यूजीलैंड के लिए एलिजा जस्ट ने दो गोल दागे,लेकिन उनकी मेहनत जीत में नहीं बदल सकी।
मुकाबले की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने आक्रामक इरादे दिखाए। न्यूजीलैंड ने शुरुआती मिनटों में तेज हमलों से ईरान को चौंका दिया। मैच का पहला बड़ा मौका ईरान को मिला,जब मेहदी तारेमी ने गोल पर खतरनाक शॉट लगाया,लेकिन न्यूजीलैंड के गोलकीपर मैक्स क्रोकॉम्बे ने शानदार बचाव कर अपनी टीम को शुरुआती झटके से बचा लिया। इसी बचाव के कुछ क्षण बाद न्यूजीलैंड ने जवाबी हमला किया और एलिजा जस्ट ने जोरदार लो-शॉट लगाकर गेंद को गोलपोस्ट के अंदर पहुँचा दिया। इस गोल में कप्तान क्रिस वुड की अहम भूमिका रही,जिन्होंने शानदार पास देकर मौका बनाया।
गोल खाने के बाद ईरान ने बराबरी की कोशिशें तेज कर दीं,लेकिन न्यूजीलैंड का आत्मविश्वास बढ़ चुका था। क्रिस वुड लगातार ईरान के डिफेंस पर दबाव बनाते रहे। उन्होंने एक और शानदार मूव तैयार किया,जब उन्होंने सरप्रीत सिंह को गेंद दी। सिंह ने गोल पर शॉट लगाया,लेकिन ईरान के अनुभवी गोलकीपर अलीरेजा बेइरानवंद ने बेहतरीन बचाव करते हुए अपनी टीम को दूसरा गोल खाने से बचा लिया।
ईरान धीरे-धीरे मैच में लौटने लगा। मेहदी तारेमी ने मिडफील्ड और अटैक के बीच शानदार तालमेल बनाया और न्यूजीलैंड की रक्षापंक्ति को परेशान करना शुरू किया। पहले हाफ के वॉटर ब्रेक से ठीक पहले उन्होंने लगभग 20 गज की दूरी से जोरदार शॉट लगाया,जो गोलपोस्ट से टकराकर वापस आ गया। यह मौका ईरान के लिए बराबरी के बेहद करीब पहुँचने वाला था और इससे टीम का आत्मविश्वास भी बढ़ा।
वॉटर ब्रेक के बाद ईरान ने पूरी ऊर्जा के साथ वापसी की। टीम ने गेंद पर नियंत्रण बढ़ाया और न्यूजीलैंड के डिफेंस पर लगातार दबाव बनाना शुरू किया। आखिरकार उसका प्रयास सफल हुआ। रामिन रेजाईन ने शानदार रन लगाते हुए डिफेंस लाइन को तोड़ा और अपने बूट के बाहरी हिस्से से बेहद शांत अंदाज में गेंद को गोलकीपर के पार भेज दिया। इस खूबसूरत गोल के साथ स्कोर 1-1 हो गया और मुकाबला फिर से बराबरी पर आ गया।
पहले हाफ के अंत तक दोनों टीमों ने और भी मौके बनाए,लेकिन कोई भी बढ़त हासिल नहीं कर सका। दूसरे हाफ की शुरुआत में न्यूजीलैंड ने फिर से आक्रामक रुख अपनाया और उसका फायदा भी मिला। कप्तान क्रिस वुड ने एक बार फिर अपनी सूझबूझ दिखाई और एलिजा जस्ट को शानदार पास दिया। जस्ट ने आगे बढ़ चुके गोलकीपर अलीरेजा बेइरानवंद के ऊपर से बेहतरीन चिप शॉट लगाकर गेंद को नेट में पहुँचा दिया। यह उनका मैच का दूसरा गोल था और न्यूजीलैंड एक बार फिर 2-1 से आगे हो गया।
न्यूजीलैंड की बेंच और समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। ऐसा लगने लगा कि टीम इतिहास रचने की ओर बढ़ रही है और विश्व कप में अपनी पहली जीत दर्ज कर सकती है। लेकिन ईरान ने हार नहीं मानी। टीम ने संयम बनाए रखा और बराबरी के लिए लगातार प्रयास जारी रखे।
मैच का निर्णायक मोड़ तब आया जब रामिन रेजाईन ने एक बार फिर अपनी काबिलियत दिखाई। उन्होंने दाएँ फ्लैंक से शानदार क्रॉस बॉक्स के अंदर भेजा,जहाँ मोहम्मद मोहेब्बी पहले से मौजूद थे। मोहेब्बी ने ऊँची छलांग लगाकर जोरदार हेडर मारा। गेंद पोस्ट से टकराकर गोल के अंदर चली गई और ईरान ने स्कोर 2-2 कर दिया। यह गोल टीम के लिए बेहद अहम साबित हुआ,क्योंकि इससे मुकाबला फिर से खुल गया और दोनों टीमों के बीच जीत के लिए संघर्ष शुरू हो गया।
आखिरी मिनटों में दोनों टीमों ने जीत का गोल खोजने की कोशिश की। न्यूजीलैंड ने क्रिस वुड के जरिए कुछ खतरनाक हमले किए,लेकिन ईरान का डिफेंस सतर्क रहा। स्टॉपेज टाइम में वुड को एक सुनहरा मौका मिला,जब उन्होंने बॉक्स के अंदर से हेडर लगाया, लेकिन गेंद सीधे गोलकीपर के हाथों में चली गई। इसके बाद रेफरी की अंतिम सीटी बजते ही मुकाबला 2-2 की बराबरी पर समाप्त हो गया।
इस परिणाम के बाद दोनों टीमों ने ग्रुप ‘जी’ में एक-एक अंक हासिल किया। न्यूजीलैंड के लिए यह नतीजा मिश्रित भावनाओं वाला रहा। टीम दो बार बढ़त में रही और जीत के करीब पहुँचीं,लेकिन वह उसे बरकरार नहीं रख सकी। दूसरी ओर ईरान के लिए यह ड्रॉ मनोबल बढ़ाने वाला साबित हुआ,क्योंकि उसने दो बार पिछड़ने के बावजूद शानदार वापसी की।
मैच के हीरो रामिन रेजाईन रहे, जिन्होंने न केवल एक गोल किया,बल्कि दूसरे गोल की नींव भी रखी। उनकी सक्रियता और आक्रामक खेल ने न्यूजीलैंड के डिफेंस को लगातार परेशान किया। वहीं एलिजा जस्ट ने अपने दो गोलों से साबित किया कि न्यूजीलैंड के पास भी ऐसे खिलाड़ी हैं,जो बड़े मंच पर असर छोड़ सकते हैं।
ग्रुप ‘जी’ में अब मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। न्यूजीलैंड का अगला मैच 22 जून को मिस्र के खिलाफ होगा,जहाँ वह अपनी पहली विश्व कप जीत की तलाश जारी रखेगा। वहीं ईरान का सामना बेल्जियम जैसी मजबूत टीम से होगा,जो इस ग्रुप को और भी प्रतिस्पर्धी बना देगा।
लॉस एंजिल्स में खेला गया यह मुकाबला विश्व कप 2026 के अब तक के सबसे मनोरंजक मैचों में गिना जा रहा है। दिन के चौथे ड्रॉ के रूप में खत्म हुए इस मैच ने यह साबित कर दिया कि इस विश्व कप में कोई भी टीम किसी को हल्के में नहीं ले सकती। छोटे देशों की टीमें भी बड़े मंच पर दिग्गजों को चुनौती देने का दम रखती हैं और यही फुटबॉल की सबसे बड़ी खूबसूरती है।
