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व्हाट्सएप ने कई अकाउंट किए रिव्यू में,बिना पूर्व सूचना कार्रवाई से यूजर्स परेशान, सोशल मीडिया पर बढ़ीं शिकायतें

नई दिल्ली, 4 अगस्त (युआईटीवी)- मेटा समर्थित मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप पर इन दिनों कई उपयोगकर्ताओं को अपने अकाउंट तक सीमित पहुँच मिलने की शिकायत सामने आई है। बड़ी संख्या में यूजर्स ने दावा किया है कि उनके व्हाट्सएप अकाउंट अचानक “रिव्यू” में डाल दिए गए हैं,जिसके कारण वे ऐप के कई महत्वपूर्ण फीचर्स का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। इस कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कंपनी से जल्द समाधान की माँग की है। कई उपयोगकर्ताओं का कहना है कि उन्हें इस कार्रवाई से पहले किसी प्रकार की चेतावनी या सूचना नहीं दी गई।

प्रभावित उपयोगकर्ताओं के अनुसार,जब वे अपने व्हाट्सएप अकाउंट को खोलने का प्रयास कर रहे हैं,तब स्क्रीन पर एक नोटिफिकेशन दिखाई दे रहा है,जिसमें लिखा है कि उनका अकाउंट समीक्षा के अधीन है। इस संदेश में यह भी बताया गया है कि अकाउंट की गतिविधियों और डिवाइस से जुड़ी जानकारी की जाँच की जा रही है,ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उपयोगकर्ता ने प्लेटफॉर्म की सेवा शर्तों का पालन किया है। नोटिफिकेशन के अनुसार,सामान्य परिस्थितियों में समीक्षा प्रक्रिया लगभग 24 घंटे के भीतर पूरी कर ली जाती है और उसके बाद उपयोगकर्ता को परिणाम की जानकारी दी जाती है।

व्हाट्सएप की ओर से दिखाए जा रहे इस नोटिफिकेशन में “अकाउंट की दिक्कतों के बारे में जानें” नाम का एक विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है। इस अनुभाग में जिम्मेदारी के साथ व्हाट्सएप का उपयोग करने से संबंधित दिशा-निर्देश दिए गए हैं। साथ ही चोरी हुए मोबाइल फोन,हैक या समझौता किए गए अकाउंट और सुरक्षा संबंधी अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा की गई हैं,ताकि उपयोगकर्ता अपने अकाउंट की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें।

सोमवार शाम से इस समस्या की शिकायतें तेजी से सामने आने लगीं। कई उपयोगकर्ताओं ने बताया कि वे सामान्य रूप से व्हाट्सएप का उपयोग कर रहे थे,लेकिन अचानक उनका अकाउंट समीक्षा में चला गया और वे संदेश भेजने,प्राप्त करने या अन्य सुविधाओं का उपयोग करने में असमर्थ हो गए। कुछ उपयोगकर्ताओं का कहना है कि उनका पूरा पेशेवर काम व्हाट्सएप पर निर्भर है और इस तरह की अचानक कार्रवाई से उन्हें भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म एक्स पर भी बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी समस्या साझा की। एक उपयोगकर्ता ने लिखा कि उसका व्हाट्सएप अकाउंट बिना किसी स्पष्ट कारण के बंद कर दिया गया। उसने बताया कि उसने तुरंत अपील भी कर दी है,लेकिन फिलहाल उसे केवल एक सामान्य संदेश दिखाई दे रहा है,जिसमें बताया गया है कि समीक्षा प्रक्रिया सामान्यतः 24 घंटे के भीतर पूरी होगी। उपयोगकर्ता ने कंपनी से तत्काल सहायता की माँग करते हुए कहा कि उसका महत्वपूर्ण व्यक्तिगत और व्यावसायिक संवाद इसी प्लेटफॉर्म के माध्यम से होता है।

एक अन्य उपयोगकर्ता सलोनी ने भी अपनी परेशानी साझा करते हुए लिखा कि उनका व्हाट्सएप अकाउंट बिना किसी पूर्व चेतावनी के अचानक बंद कर दिया गया। उन्होंने कहा कि वे केवल आधिकारिक व्हाट्सएप एप्लिकेशन का ही उपयोग करती हैं और कभी किसी अनधिकृत या संशोधित संस्करण का इस्तेमाल नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा कि उनका काम पूरी तरह व्हाट्सएप पर आधारित है और इस कार्रवाई के कारण उनके दैनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कंपनी से जल्द से जल्द समस्या का समाधान करने की अपील की।

हालाँकि,अब तक व्हाट्सएप या उसकी मूल कंपनी मेटा की ओर से इस विषय पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। कंपनी ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि कितने अकाउंट समीक्षा के दायरे में लाए गए हैं,किन कारणों से यह कार्रवाई की गई है या क्या यह किसी व्यापक तकनीकी या सुरक्षा अभियान का हिस्सा है। ऐसे में प्रभावित उपयोगकर्ताओं के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि व्हाट्सएप समय-समय पर अपने प्लेटफॉर्म की सुरक्षा बनाए रखने के लिए संदिग्ध गतिविधियों,स्पैम,स्वचालित संदेश भेजने वाले अकाउंट,अनधिकृत एप्लिकेशन के उपयोग या सेवा शर्तों के संभावित उल्लंघन की जाँच करता है। यदि किसी अकाउंट में असामान्य गतिविधि दिखाई देती है,तो उसे अस्थायी रूप से समीक्षा के दायरे में लाया जा सकता है। हालाँकि,विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि यदि वैध उपयोगकर्ताओं के अकाउंट भी बिना स्पष्ट कारण प्रभावित हो रहे हैं,तो कंपनी को अधिक पारदर्शिता के साथ जानकारी साझा करनी चाहिए।

इस घटनाक्रम ने एक बार फिर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ताओं के अधिकारों और पारदर्शिता को लेकर चर्चा तेज कर दी है। उपयोगकर्ताओं का कहना है कि यदि किसी अकाउंट पर कार्रवाई की जाती है,तो कंपनी को उसके पीछे का कारण स्पष्ट रूप से बताना चाहिए ताकि लोग अपनी गलती समझ सकें और आवश्यक सुधार कर सकें। केवल समीक्षा का सामान्य संदेश दिखाने से कई लोगों में भ्रम और चिंता की स्थिति पैदा हो रही है।

इस बीच,हाल के महीनों में व्हाट्सएप से जुड़े नियामकीय मुद्दे भी चर्चा में रहे हैं। जुलाई में सामने आई रिपोर्टों में कहा गया था कि भारत सरकार देश में संचालित मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के लिए एक समान नियामक ढाँचे पर विचार कर रही है। बताया गया था कि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय विभिन्न प्लेटफॉर्म के लिए अलग-अलग नियमों के बजाय एक साझा व्यवस्था तैयार करने की संभावना पर काम कर रहा है।

इन चर्चाओं की पृष्ठभूमि व्हाट्सएप के प्रस्तावित यूजरनेम फीचर को माना गया, जिसके तहत उपयोगकर्ता अपना मोबाइल नंबर साझा किए बिना भी एक-दूसरे से संपर्क कर सकेंगे। इस प्रस्ताव को लेकर सरकार की ओर से कुछ आपत्तियाँ सामने आई थीं और इसके बाद मैसेजिंग सेवाओं के लिए समान नियामकीय मानकों पर विचार की खबरें सामने आईं। हालाँकि,इस विषय पर अंतिम निर्णय की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

फिलहाल जिन उपयोगकर्ताओं के अकाउंट समीक्षा में हैं,वे व्हाट्सएप की अपील प्रक्रिया के पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं। अधिकांश मामलों में कंपनी की ओर से 24 घंटे के भीतर समीक्षा पूरी होने की बात कही गई है,लेकिन उपयोगकर्ताओं की अपेक्षा है कि कंपनी जल्द ही इस पूरे मामले पर आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करे। तब तक प्रभावित लोगों के लिए सबसे बड़ी चिंता यही बनी हुई है कि उनका अकाउंट कब सामान्य रूप से बहाल होगा और वे बिना किसी बाधा के अपने व्यक्तिगत तथा व्यावसायिक संचार को फिर से शुरू कर सकेंगे।