यूरोप में बम की धमकियों से हवाई सेवाएँ प्रभावित (तस्वीर क्रेडिट@2021m2021)

यूरोप में एक दिन में 12 से ज्यादा यात्री विमानों को बम की धमकी,कई उड़ानों का बदला रास्ता; एयरपोर्ट्स पर मचा हड़कंप

लंदन,6 नवंबर (युआईटीवी)- यूरोप के कई देशों में गुरुवार को यात्री विमानों को बम से उड़ाने की धमकियाँ मिलने के बाद हवाई सुरक्षा व्यवस्था अलर्ट पर आ गई। एक दर्जन से अधिक विमानों को निशाना बनाकर धमकी भरे संदेश दिए गए,जिसके चलते कई उड़ानों का मार्ग बदलना पड़ा। कुछ विमानों को वैकल्पिक हवाई अड्डों पर उतारा गया,जबकि कई जगहों पर यात्रियों को बाहर निकालकर सुरक्षा जाँच की गई। फ्रांस, बुल्गारिया, पोलैंड, इटली, रोमानिया, ऑस्ट्रिया और चेक गणराज्य समेत कई देशों में सुरक्षा एजेंसियों ने मोर्चा सँभाला। हालाँकि,शुरुआती जाँच में किसी भी विमान से विस्फोटक या अन्य खतरनाक वस्तु बरामद नहीं हुई।

सबसे चर्चित घटनाओं में एयर लिंगस की डबलिन से रोम जा रही उड़ान शामिल रही। एयरबस ए320 विमान को बम की धमकी मिलने के बाद फ्रांस के एव्रू स्थित एक सैन्य एयरबेस की ओर मोड़ दिया गया। विमान वहाँ सुरक्षित उतर गया। उस समय उसमें 151 यात्री और चालक दल के छह सदस्य सवार थे। सुरक्षा एजेंसियों ने सभी यात्रियों और कर्मचारियों को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया। इसके बाद सैन्य बम निरोधक दस्तों ने विमान की गहन तलाशी ली,ताकि किसी भी संभावित खतरे को दूर किया जा सके।

बुल्गारिया में भी गुरुवार सुबह तीन यात्री विमानों को बम की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। राजधानी सोफिया जाने वाली रयानएयर की तीन उड़ानों को निशाना बनाया गया था। इनमें कोपेनहेगन और मैड्रिड से आने वाले विमान सुरक्षित रूप से सोफिया हवाई अड्डे पर उतर गए। वहीं,लंदन के स्टैनस्टेड हवाई अड्डे से आ रही तीसरी उड़ान को सुरक्षा कारणों से प्लोवदिव हवाई अड्डे की ओर मोड़ दिया गया। संबंधित एजेंसियों ने सभी विमानों की जाँच की। हालाँकि,किसी भी विमान में विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।

पोलैंड में भी विमान को लेकर सुरक्षा अलर्ट जारी करना पड़ा। पेरिस जाने वाली एलओटी पोलिश एयरलाइंस की एक उड़ान वारसॉ चोपिन हवाई अड्डे पर रनवे की ओर बढ़ रही थी, तभी विमान में संदिग्ध वस्तु होने की सूचना मिली। इसके बाद विमान को रोककर जाँच के लिए अलग स्थान पर ले जाया गया। एहतियात के तौर पर हवाई अड्डे के एक रनवे को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया। सुरक्षा टीमों ने विमान की जाँच की,लेकिन कोई खतरनाक वस्तु नहीं मिली। जाँच पूरी होने के बाद हवाई अड्डे का संचालन सामान्य कर दिया गया।

इसी एयरलाइन की वारसॉ से ब्रुसेल्स जा रही एक अन्य उड़ान को भी सुरक्षा संबंधी धमकी मिली थी। हालाँकि,विमान ने अपना सफर जारी रखा और ब्रुसेल्स हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतर गया। वहाँ पहुँचने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने अतिरिक्त जाँच की। इस दौरान भी विमान में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। लगातार दो उड़ानों को धमकी मिलने के बाद पोलैंड में विमानन सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई।

इटली और ऑस्ट्रिया के हवाई क्षेत्र में भी इसी तरह की घटनाएँ सामने आईं। मिलान से वारसॉ जा रही विज एयर की एक उड़ान को बम की धमकी मिलने के बाद वियना की ओर मोड़ दिया गया। दूसरी ओर,हेलसिंकी से रोम और वियना जा रही फिनएयर की दो उड़ानों को भी धमकी मिली। दोनों विमान सुरक्षित रूप से अपने निर्धारित गंतव्य पर उतर गए। हालाँकि,रोम जाने वाली उड़ान को सुरक्षा के मद्देनजर इटली के सैन्य लड़ाकू विमानों ने एस्कॉर्ट किया। विमान के उतरने के बाद संबंधित सुरक्षा एजेंसियों ने जाँच की।

रोमानिया में मिलान से बुखारेस्ट जा रही विज एयर की एक उड़ान को भी बम से उड़ाने की धमकी दी गई। इसके बाद विमान को सुरक्षा निगरानी में हेनरी कोआंडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतारा गया। विमान में 182 यात्री और चालक दल के सात सदस्य मौजूद थे। सुरक्षित लैंडिंग के बाद सभी यात्रियों और कर्मचारियों को विमान से बाहर निकाला गया। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने विमान की तलाशी शुरू की। जाँच का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि विमान में कोई विस्फोटक या अन्य खतरनाक सामग्री मौजूद तो नहीं है।

चेक गणराज्य की राजधानी प्राग में भी सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहना पड़ा। पुलिस ने जानकारी दी कि प्राग पहुँचने वाले चार विमानों को बम की धमकियाँ मिली थीं। हालाँकि, अधिकारियों ने इन धमकियों को कम विश्वसनीय माना,लेकिन किसी भी संभावित खतरे को नजरअंदाज नहीं किया गया। सभी जरूरी सुरक्षा उपाय लागू किए गए और विमानों के उतरने के बाद उनकी जाँच कराई गई। इस तरह अलग-अलग देशों में एक ही दिन कई विमानों को धमकी मिलने से यूरोप के हवाई परिवहन नेटवर्क में चिंता का माहौल बन गया।

लगातार सामने आ रही इन घटनाओं के बीच यूरोपीय संघ विमानन सुरक्षा एजेंसी ने भी स्थिति पर नजर रखने की बात कही है। एजेंसी ने कहा कि वह पूरे घटनाक्रम की निगरानी करेगी और विमानन सुरक्षा पर इसके संभावित प्रभावों का आकलन करेगी। एजेंसी की निगरानी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अलग-अलग देशों में सुरक्षा व्यवस्था के बीच समन्वय बना रहे और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े जरूरी कदम समय पर उठाए जाएँ।

यूरोपोल ने भी इन धमकियों को गंभीरता से लिया है। एजेंसी की उप-प्रवक्ता क्लेयर जॉर्जेस ने कहा कि यदि जाँच में इन घटनाओं का संबंध संगठित अपराध या आतंकवाद से सामने आता है,तो यूरोपोल संबंधित देशों की सहायता करने के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि एजेंसी देशों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान और घटनाओं के संभावित आपसी संबंधों की पहचान करने में सहयोग दे सकती है। फिलहाल धमकियों के पीछे किसका हाथ है और क्या सभी घटनाओं के बीच कोई संबंध है,इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

गौरतलब है कि यूरोप में इस तरह की घटनाएँ पहली बार सामने नहीं आई हैं। इससे पहले मंगलवार को भी कई यात्री विमानों और एक क्रूज जहाज को बम की धमकियाँ मिली थीं। उस दिन कम से कम सात यात्री विमानों को निशाना बनाया गया था। इनमें वारसॉ जाने वाली दो उड़ानें,रोम जाने वाली दो उड़ानें,सोफिया जाने वाली दो उड़ानें और स्पेन के मर्सिया जाने वाली एक उड़ान शामिल थी।

इसी दिन इजराइल जा रहे एक क्रूज जहाज को भी बम की धमकी मिली थी। जहाज ग्रीस के साइरोस द्वीप के पास था,जब सुरक्षा एजेंसियों को धमकी की जानकारी मिली। इसके बाद जहाज की तलाशी ली गई। लगातार दो दिनों में यूरोप के अलग-अलग देशों में विमान और समुद्री परिवहन को निशाना बनाकर धमकियाँ मिलने से सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है।

फिलहाल जाँच एजेंसियाँ यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन धमकियों के पीछे कोई संगठित नेटवर्क है या अलग-अलग स्थानों से ऐसी सूचनाएं भेजी गई हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि मंगलवार और गुरुवार को सामने आई घटनाओं के बीच कोई संबंध है या नहीं। हालाँकि,अब तक किसी भी विमान में विस्फोटक नहीं मिलने से बड़ा हादसा टल गया है,लेकिन लगातार मिल रही धमकियों ने यूरोप की विमानन सुरक्षा व्यवस्था के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है।