नई दिल्ली, 15 अप्रैल (युआईटीवी)- 23 अप्रैल तक भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) नेता के. कविता की न्यायिक हिरासत को बढ़ा दिया गया है। भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की एमएलसी के. कविता को कथित दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति घोटाले से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सीबीआई की हिरासत समाप्त होने के बाद 15 अप्रैल को दिल्ली की एक अदालत राउज़ एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया। उन्हें सीबीआई के मामले में जज कावेरी बावेजा ने 23 अप्रैल तक जेल भेज दिया है। ईडी के मामले में भी उनकी हिरासत 23 अप्रैल तक है।
सीबीआई द्वारा कोर्ट में सुनवाई के दौरान के.कविता की 14 दिन की न्यायिक हिरासत की माँग की गई थी,जिसके बाद उनके हिरासत को बढ़ाकर 23 अप्रैल तक कर दिया गया है। इस दौरान कोर्ट में के. कविता के वकील ने कहा कि उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के लिए कोई आधार नहीं है।
के. कविता ने राउज़ एवेन्यू कोर्ट में कहा कि,यह सीबीआई की हिरासत नहीं,बल्कि यह तो बीजेपी की हिरासत है। सीबीआई अंदर वही पूछताछ कर रही है,जो बाहर बीजेपी बोल रही है। वे दो साल से बार-बार पूछ रहे हैं, नया कुछ भी नहीं है।
के. कविता को 11 अप्रैल को सीबीआई ने तिहाड़ जेल से गिरफ्तार किया था। उसके अगले दिन उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। सीबीआई ने उनके पाँच दिन की हिरासत की माँग व्हाट्सऐप चैट,गवाहों के बयान और जमीन से संबंधित वित्तीय लेनदेन दस्तावेजों के आधार पर की थी। के. कविता पर आरोप है कि वह शराब नीति में 100 करोड़ रुपये की रिश्वत में सक्रिय रूप से शामिल थी।
एजेंसी ने के. कविता पर ‘साउथ ग्रुप’ की प्रमुख सदस्य होने का आरोप लगाया है। ‘साउथ ग्रुप’ पर आरोप है कि वह दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) को शराब लाइसेंस के एक बड़े हिस्से के बदले 100 करोड़ रुपये की रिश्वत दिया है।
अदालत ने कहा था कि जाँच एजेंसी रिकॉर्ड से यह दिखाने में सक्षम रही है कि अब तक जितने भी सबूत और गवाह इस मामले में बड़ी साजिश का पता लगाने के लिए एकत्रित किए गए हैं,उनका सामना कराने के लिए हिरासत में पूछताछ करना जरूरी है।
