नई दिल्ली,16 अप्रैल (युआईटीवी)- आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले में गुरुवार को एक भीषण सड़क हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। मंत्रालयम मंडल के चिलकलडोना इलाके के पास हुई इस दुर्घटना में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 से 12 लोग घायल हो गए। हादसे की खबर मिलते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई और राहत-बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया।
इस दुखद घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए अपनी संवेदनाएँ व्यक्त करते हुए कहा कि यह हादसा अत्यंत दुखद है और इसमें अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति उनकी गहरी संवेदना है। प्रधानमंत्री ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की और केंद्र सरकार की ओर से मुआवजे का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से 2 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी,जबकि घायलों को 50,000 रुपये की आर्थिक मदद प्रदान की जाएगी।
जानकारी के अनुसार,यह हादसा उस समय हुआ जब एक बोलेरो गाड़ी और एक लॉरी के बीच जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बोलेरो गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और मौके पर ही चीख-पुकार मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार,दुर्घटना के तुरंत बाद आसपास के लोग मदद के लिए दौड़े और पुलिस को सूचना दी गई।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुँचे। बचाव कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद गाड़ी में फँसे लोगों को बाहर निकाला और घायलों को तत्काल नजदीकी एम्मिगनूर अस्पताल पहुँचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम घायलों का इलाज कर रही है और कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक,इस हादसे में जान गंवाने वाले सभी लोग कर्नाटक के तीर्थयात्री थे। वे मंत्रालयम मंदिर के दर्शन करने के लिए आए थे और वापसी के दौरान यह हादसा हो गया। इस जानकारी ने घटना को और भी अधिक भावनात्मक बना दिया है,क्योंकि धार्मिक यात्रा पर निकले लोगों के साथ हुई इस दुर्घटना ने कई परिवारों की खुशियों को पल भर में छीन लिया।
स्थानीय प्रशासन ने हादसे के कारणों की जाँच शुरू कर दी है। शुरुआती अनुमान के मुताबिक,तेज रफ्तार और लापरवाही इस दुर्घटना के पीछे प्रमुख कारण हो सकते हैं, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जाँच कर रही है। अधिकारियों ने कहा है कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस इलाके में सड़क सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं और पहले भी यहाँ हादसे हो चुके हैं। उन्होंने प्रशासन से माँग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएँ।
इस बीच,राज्य सरकार की ओर से भी राहत और सहायता कार्य तेज कर दिए गए हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि घायलों के इलाज में किसी तरह की कमी न रहे और मृतकों के परिजनों को हर संभव मदद पहुँचाई जाए। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त संसाधन भी जुटाए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री के अलावा कई अन्य नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने भी इस हादसे पर दुख व्यक्त किया है। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने मृतकों को श्रद्धांजलि दी और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा के मुद्दे को सामने लेकर आई है,जिस पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है।
कुरनूल में हुआ यह हादसा बेहद दर्दनाक है,जिसने कई परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया है। प्रशासन और सरकार की ओर से राहत कार्य जारी हैं,लेकिन इस घटना ने यह भी साफ कर दिया है कि सड़क सुरक्षा के नियमों का सख्ती से पालन और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर बेहद जरूरी है,ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं से बचा जा सके।
