नई दिल्ली,21 अप्रैल (युआईटीवी)- राजस्थान के बाड़मेर जिले में स्थित पचपदरा रिफाइनरी में आग लगने की घटना ने एक बड़े राष्ट्रीय कार्यक्रम को फिलहाल टाल दिया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने जानकारी दी है कि रिफाइनरी के क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट के पास आग लगने के कारण 21 अप्रैल 2026 को होने वाला उद्घाटन समारोह स्थगित कर दिया गया है। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल होने वाले थे। मंत्रालय के अनुसार,आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है,लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर उद्घाटन को टालना आवश्यक समझा गया।
घटना सोमवार को उस समय हुई जब उद्घाटन की तैयारियाँ अपने अंतिम चरण में थीं। पचपदरा स्थित इस रिफाइनरी परिसर में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यह स्थान उस कार्यक्रम स्थल से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर है,जहाँ अगले दिन उद्घाटन समारोह आयोजित होना था। आग की सूचना मिलते ही प्रशासन और आपातकालीन सेवाएँ तुरंत सक्रिय हो गईं। करीब 20 दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया,जिन्होंने रिफाइनरी के कर्मचारियों और इमरजेंसी टीमों के साथ मिलकर आग बुझाने का काम शुरू किया।
बताया गया कि रिफाइनरी में पहले से मौजूद इनबिल्ट सुरक्षा और अग्निशमन सिस्टम ने भी आग को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस कंट्रोल रूम के अधिकारियों के अनुसार,लगातार प्रयासों के बाद स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में आ गई और किसी बड़े नुकसान को टाल लिया गया। हालाँकि,घटना के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है और इसके लिए जाँच शुरू कर दी गई है।
राज्य सरकार की ओर से भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी गई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कार्यालय ने इसे एक मामूली घटना बताया और कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। दिलचस्प बात यह है कि मुख्यमंत्री खुद उद्घाटन की तैयारियों का जायजा लेने के लिए मौके पर पहुँचने वाले थे,लेकिन उससे पहले ही यह घटना घटित हो गई। प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए सुरक्षा उपायों को और सख्त कर दिया है,ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि घटना की जांच के लिए विशेषज्ञों की टीम गठित की गई है,जो आग लगने के कारणों का पता लगाएगी और आवश्यक सुधारात्मक कदम सुझाएगी। मंत्रालय ने यह भी आश्वासन दिया है कि सभी सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जाएगी और रिफाइनरी के संचालन में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी। उद्घाटन समारोह के लिए नई तारीख जल्द घोषित की जाएगी।
गौरतलब है कि यह रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स देश की ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना मानी जा रही है। यह परियोजना हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और राजस्थान सरकार के संयुक्त उद्यम के रूप में विकसित की गई है। इस पर 79,450 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया गया है,जो इसे भारत के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स में शामिल करता है।
इस रिफाइनरी की क्षमता लगभग 9 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष है,जो इसे देश के प्रमुख ऊर्जा केंद्रों में से एक बनाती है। इसे आधुनिक तकनीक से लैस किया गया है,जिससे यह न केवल कच्चे तेल का परिष्करण करेगी,बल्कि पेट्रोकेमिकल उत्पादों का उत्पादन भी करेगी। इससे क्षेत्रीय विकास को गति मिलने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की बड़ी परियोजनाओं में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। हालाँकि,इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई,लेकिन यह एक चेतावनी जरूर है कि उच्च तकनीक और सुरक्षा मानकों के बावजूद जोखिम पूरी तरह समाप्त नहीं किया जा सकता। ऐसे में नियमित निरीक्षण,प्रशिक्षण और सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की आवश्यकता है।
स्थानीय स्तर पर भी इस घटना का असर देखने को मिला है। आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में कुछ समय के लिए भय और चिंता का माहौल बन गया था,लेकिन प्रशासन द्वारा समय पर स्थिति को सँभालने से हालात सामान्य हो गए। लोगों ने राहत की सांस ली कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और समय रहते आग पर काबू पा लिया गया।
बाड़मेर रिफाइनरी में लगी आग ने एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रम को प्रभावित किया है,लेकिन प्रशासन और आपातकालीन सेवाओं की तत्परता ने संभावित बड़े नुकसान को टाल दिया। अब सभी की नजर जाँच रिपोर्ट और उद्घाटन की नई तारीख पर टिकी है,जो इस परियोजना के भविष्य को लेकर अगला महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
