देव कुमार मीणा और कुलदीप कुमार (तस्वीर क्रेडिट@mykhelcom)

राँची में मध्य प्रदेश के एथलीट्स का जलवा,देव कुमार मीणा और कुलदीप कुमार ने 5.45 मीटर के साथ पोल वॉल्ट में बनाया नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड

राँची,25 मई (युआईटीवी)- राँची में आयोजित 29वीं राष्ट्रीय सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन प्रतियोगिता का रविवार का दिन भारतीय एथलेटिक्स के लिए बेहद खास और ऐतिहासिक साबित हुआ। प्रतियोगिता में देशभर के कई दिग्गज खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया,लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा मध्य प्रदेश के दो युवा एथलीट्स देव कुमार मीणा और कुलदीप कुमार की रही। दोनों खिलाड़ियों ने पुरुषों की पोल वॉल्ट स्पर्धा में 5.45 मीटर की ऊँचाई पार कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बना दिया। इस प्रदर्शन ने न केवल भारतीय एथलेटिक्स में एक नया अध्याय जोड़ा,बल्कि आगामी कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए भी भारत की उम्मीदों को मजबूत कर दिया।

राँची के एथलेटिक्स ट्रैक पर रविवार को जब पोल वॉल्ट स्पर्धा शुरू हुई,तब किसी को अंदाजा नहीं था कि यह मुकाबला भारतीय एथलेटिक्स इतिहास के सबसे यादगार पलों में शामिल हो जाएगा। प्रतियोगिता में मौजूद दर्शक उस समय रोमांच से भर उठे जब देव कुमार मीणा और कुलदीप कुमार ने एक के बाद एक शानदार छलांग लगाते हुए 5.45 मीटर की ऊँचाई पार की। इसके साथ ही दोनों खिलाड़ियों ने 5.41 मीटर के पिछले राष्ट्रीय रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। खास बात यह रही कि यह पिछला राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी हाल ही में कुलदीप कुमार ने भुवनेश्वर में बनाया था।

हालाँकि,दोनों खिलाड़ियों ने समान ऊँचाई पार की,लेकिन काउंटडाउन नियम के आधार पर देव कुमार मीणा को स्वर्ण पदक दिया गया,जबकि कुलदीप कुमार को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। इसके बावजूद दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धि भारतीय एथलेटिक्स के लिए गर्व का विषय बन गई। प्रतियोगिता में तमिलनाडु के रीगन जी ने 5.15 मीटर की छलांग के साथ कांस्य पदक हासिल किया।

देव कुमार मीणा और कुलदीप कुमार का यह प्रदर्शन इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि दोनों ने कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए निर्धारित 5.25 मीटर का क्वालिफिकेशन मार्क भी आसानी से हासिल कर लिया। इससे अब इन दोनों खिलाड़ियों की नजर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन करने पर होगी। पिछले साल इसी प्रतियोगिता में देव कुमार मीणा ने 5.35 मीटर की छलांग लगाकर प्रतियोगिता रिकॉर्ड बनाया था और इस बार उन्होंने खुद ही उस रिकॉर्ड को और बेहतर कर दिया।

रविवार को प्रतियोगिता में फील्ड इवेंट्स का पूरी तरह दबदबा देखने को मिला। अगर शनिवार को दर्शकों का ध्यान स्प्रिंट इवेंट्स पर था,तो रविवार को लंबी कूद,ऊँची कूद और पोल वॉल्ट जैसी स्पर्धाओं ने सभी को रोमांचित कर दिया। पुरुषों की लंबी कूद स्पर्धा में भारत के स्टार एथलीट मुरली श्रीशंकर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 8.08 मीटर की छलांग लगाई और स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उनका यह प्रदर्शन कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए निर्धारित 8.05 मीटर के क्वालिफिकेशन मार्क से बेहतर रहा। श्रीशंकर की छलांग ने यह साफ कर दिया कि वह आगामी अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

लंबी कूद स्पर्धा में रिलायंस के एस लोकेश ने 7.94 मीटर के साथ रजत पदक हासिल किया,जबकि हरियाणा के मोहम्मद अत्ता साजिद ने 7.90 मीटर की छलांग लगाकर कांस्य पदक जीता। हालाँकि,दोनों खिलाड़ी क्वालिफिकेशन मार्क से पीछे रह गए,लेकिन उनके प्रदर्शन ने भविष्य के लिए उम्मीदें जरूर जगाईं।

पुरुषों की ऊँची कूद स्पर्धा भी बेहद रोमांचक रही। महाराष्ट्र के सर्वेश अनिल कुशारे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 2.28 मीटर की ऊँचाई पार की और स्वर्ण पदक जीता। उनका यह प्रदर्शन कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए निर्धारित 2.22 मीटर के क्वालिफिकेशन मार्क से काफी बेहतर था। कुशारे ने इस उपलब्धि के साथ प्रतियोगिता रिकॉर्ड की भी बराबरी कर ली,जो पहले तेजस्विन शंकर के नाम दर्ज था।

कुशारे ने इसके बाद राष्ट्रीय रिकॉर्ड 2.29 मीटर को तोड़ने के लिए 2.30 मीटर की ऊँचाई का प्रयास किया। हालाँकि,तीनों प्रयासों में वह असफल रहे,लेकिन उनके प्रदर्शन ने दर्शकों को खूब प्रभावित किया। तमिलनाडु के आदर्श राम ने 2.22 मीटर की छलांग लगाकर रजत पदक हासिल किया और साथ ही कॉमनवेल्थ गेम्स का क्वालिफिकेशन मार्क भी पूरा कर लिया। कर्नाटक के सुदीप ने 2.12 मीटर के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया।

पुरुषों की 110 मीटर बाधा दौड़ स्पर्धा में रिलायंस के तेजस अशोक शिरसे ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 13.50 सेकंड का समय निकालते हुए स्वर्ण पदक जीता। तेजस ने अपना ही मीट रिकॉर्ड 13.61 सेकंड से बेहतर किया,लेकिन वह कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए जरूरी 13.39 सेकंड के क्वालिफिकेशन समय को हासिल नहीं कर सके। इसके बावजूद उनका प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली माना गया। रिलायंस के कृषिक एम ने 13.52 सेकंड के साथ रजत और नेवी के मुहम्मद लाजान ने 13.83 सेकंड के साथ कांस्य पदक जीता।

प्रतियोगिता के सुबह के सत्र में महिलाओं की 10,000 मीटर रेस वॉक स्पर्धा ने भी खूब ध्यान खींचा। हरियाणा की रवीना ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 44 मिनट 29.66 सेकंड का समय निकाला और स्वर्ण पदक जीत लिया। उनका यह समय कॉमनवेल्थ गेम्स के क्वालिफिकेशन समय 44 मिनट 44.58 सेकंड से बेहतर रहा। रवीना की इस उपलब्धि ने उन्हें अंतर्राष्ट्रीय मंच के लिए मजबूत दावेदार बना दिया है।

ऑल इंडिया पुलिस की रेशमा पटेल ने 44 मिनट 57.94 सेकंड के साथ रजत पदक हासिल किया,जबकि उत्तर प्रदेश की मुनिता प्रजापति ने 45 मिनट 23.92 सेकंड के साथ कांस्य पदक जीता। हालाँकि,दोनों खिलाड़ी क्वालिफिकेशन मार्क से पीछे रह गईं।

महिलाओं की 100 मीटर बाधा दौड़ में तमिलनाडु की नंदिनी के ने 13.24 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। ओडिशा की प्रज्ञान प्रशांति साहू ने 13.33 सेकंड के साथ रजत और जेएसडब्ल्यू की अंजली सी ने 13.35 सेकंड के साथ कांस्य पदक हासिल किया। हालाँकि,कोई भी खिलाड़ी कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए निर्धारित 12.67 सेकंड का क्वालिफिकेशन समय हासिल नहीं कर सकी।

महिलाओं की हैमर थ्रो स्पर्धा में पंजाब की मनप्रीत कौर ने 59.08 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। रेलवे स्पोर्ट्स की कुलविंदर कौर ने 57.76 मीटर के साथ रजत और ओडिशा की दिव्या धांधिलिया ने 56.41 मीटर के साथ कांस्य पदक जीता। हालाँकि,कोई भी खिलाड़ी कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए निर्धारित 66.80 मीटर के क्वालिफिकेशन मार्क तक नहीं पहुँच सकी।

पुरुषों की 1500 मीटर दौड़ में राजस्थान के राहुल बलोदा ने 3 मिनट 40.06 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। हरियाणा के शाकिर ने 3 मिनट 40.83 सेकंड के साथ रजत और उत्तर प्रदेश के अजय कुमार सरोज ने 3 मिनट 40.92 सेकंड के साथ कांस्य पदक हासिल किया। हालाँकि,कोई भी धावक कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए निर्धारित 3 मिनट 30.82 सेकंड के क्वालिफिकेशन समय तक नहीं पहुँच पाया।

राँची में आयोजित इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता ने यह साफ कर दिया कि भारतीय एथलेटिक्स लगातार नई ऊँचाइयों की ओर बढ़ रहा है। खासकर युवा खिलाड़ियों का प्रदर्शन यह संकेत देता है कि आने वाले वर्षों में भारत अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत चुनौती पेश कर सकता है। देव कुमार मीणा और कुलदीप कुमार द्वारा बनाया गया नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड भारतीय एथलेटिक्स इतिहास में लंबे समय तक याद रखा जाएगा। उनके इस प्रदर्शन ने देशभर के युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा देने का काम किया है और भारतीय खेल जगत में एक नई उम्मीद जगाई है।