ऋतुराज गायकवाड़ के शतक और गेंदबाजों के दम पर इंडिया ए ने श्रीलंका ए को 8 रन से हराया (तस्वीर क्रेडिट@devveshpandey)

ऋतुराज गायकवाड़ के शतक और गेंदबाजों के दम पर इंडिया ए ने श्रीलंका ए को 8 रन से हराया

दांबुला,10 जून (युआईटीवी)- श्रीलंका में खेली जा रही त्रिकोणीय एकदिवसीय श्रृंखला का आगाज इंडिया ए ने शानदार जीत के साथ किया है। रोमांच से भरपूर मुकाबले में भारतीय टीम ने मेजबान श्रीलंका ए को 8 रन से हराकर टूर्नामेंट में विजयी शुरुआत की। पहले बल्लेबाजी करते हुए इंडिया ए ने निर्धारित 50 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 277 रन बनाए थे। इसके जवाब में श्रीलंका ए की टीम जीत के बेहद करीब पहुँचने के बावजूद 48.5 ओवर में 269 रन पर सिमट गई और उसे हार का सामना करना पड़ा। भारतीय टीम की इस जीत के नायक बल्लेबाजी में ऋतुराज गायकवाड़ और गेंदबाजी में सामूहिक प्रदर्शन करने वाले गेंदबाज रहे।

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंडिया ए की शुरुआत संतुलित रही। टीम को शुरुआती ओवरों में संभलकर खेलना पड़ा, लेकिन जैसे-जैसे पारी आगे बढ़ी,बल्लेबाजों ने रन गति को बढ़ाया। भारतीय बल्लेबाजी की धुरी बने ऋतुराज गायकवाड़,जिन्होंने शानदार शतक लगाकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 114 गेंदों का सामना करते हुए 101 रन बनाए। उनकी पारी में छह चौके और तीन छक्के शामिल रहे। गायकवाड़ ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन मिश्रण दिखाते हुए श्रीलंकाई गेंदबाजों को दबाव में रखा।

गायकवाड़ को कप्तान तिलक वर्मा का भी अच्छा साथ मिला। तिलक ने कप्तानी पारी खेलते हुए 97 गेंदों पर 60 रन बनाए। हालाँकि,उनकी पारी में केवल दो चौके और एक छक्का शामिल था,लेकिन उन्होंने एक छोर संभाले रखा और टीम को लगातार आगे बढ़ाते रहे। दोनों बल्लेबाजों के बीच हुई साझेदारी ने भारत की पारी को मजबूती प्रदान की।

मध्यक्रम में युवा बल्लेबाज प्रियांश आर्य ने भी उपयोगी योगदान दिया। उन्होंने 32 रन बनाकर टीम को अच्छी स्थिति में पहुँचाने में मदद की। वहीं आयुष बडोनी ने 24 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली। अंतिम ओवरों में सूर्यांश शेड्गे ने तेज बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 26 रन बनाए,जिसकी बदौलत इंडिया ए 277 रन के प्रतिस्पर्धी स्कोर तक पहुँचने में सफल रही।

278 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका ए ने शानदार शुरुआत की। निरोशन डिकवेला और अविष्का फर्नांडो की सलामी जोड़ी ने भारतीय गेंदबाजों को शुरुआती सफलता से दूर रखा। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 93 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुँचा दिया। अविष्का फर्नांडो ने 59 गेंदों में 45 रन बनाए,जबकि निरोशन डिकवेला ने 45 गेंदों पर 47 रन की तेजतर्रार पारी खेली।

हालाँकि,93 रन के स्कोर पर पहला विकेट गिरने के बाद श्रीलंका की पारी थोड़ी धीमी पड़ गई। अविष्का के आउट होने के बाद जल्द ही निरोशन भी पवेलियन लौट गए। इसके बाद नुवानीडू फर्नांडो केवल 8 रन बनाकर आउट हो गए और श्रीलंका का स्कोर 109 रन पर तीन विकेट हो गया। एक समय ऐसा लगने लगा था कि भारतीय टीम मैच पर पूरी तरह पकड़ बना लेगी।

लेकिन सदीरा समरविक्रमा और कप्तान साहन अराचिगे ने चौथे विकेट के लिए 78 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी कर मुकाबले को फिर से संतुलित कर दिया। समरविक्रमा ने 46 रन बनाए और लगातार बढ़ते दबाव के बीच समझदारी से बल्लेबाजी की। दोनों बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों को लंबे समय तक सफलता नहीं मिलने दी और लक्ष्य की ओर बढ़ते रहे।

समरविक्रमा के आउट होने के बाद भी कप्तान अराचिगे ने संघर्ष जारी रखा। उन्होंने जिम्मेदारी अपने कंधों पर ली और शानदार अर्धशतक जड़ा। अराचिगे ने 72 गेंदों में 74 रन की बेहतरीन पारी खेली। उनकी बल्लेबाजी की बदौलत श्रीलंका ए एक समय जीत की दहलीज पर पहुँच गई थी। जब वह सातवें विकेट के रूप में आउट हुए,तब टीम को जीत के लिए केवल 16 रन की जरूरत थी और मुकाबला पूरी तरह मेजबान टीम के पक्ष में दिखाई दे रहा था।

हालाँकि,यहीं से मैच ने नाटकीय मोड़ लिया। भारतीय गेंदबाजों ने दबाव की स्थिति में जबरदस्त वापसी की। कप्तान अराचिगे के आउट होते ही श्रीलंकाई निचला क्रम लड़खड़ा गया। भारतीय गेंदबाजों ने सटीक लाइन और लेंथ के साथ गेंदबाजी करते हुए लगातार विकेट झटके और श्रीलंका को लक्ष्य तक पहुँचने से रोक दिया। आखिरकार पूरी टीम 269 रन पर आउट हो गई और इंडिया ए ने 8 रन से रोमांचक जीत दर्ज की।

भारतीय गेंदबाजी की बात करें तो आयुष बडोनी,अनुकूल रॉय,अरशद खान और विपराज निगम ने दो-दो विकेट हासिल किए। इन सभी गेंदबाजों ने महत्वपूर्ण मौकों पर विकेट लेकर मैच का रुख भारत की ओर मोड़ दिया। वहीं अंशुल कंबोज ने भी एक विकेट लेकर टीम की जीत में योगदान दिया। भारतीय गेंदबाजों का यह सामूहिक प्रदर्शन ही जीत का सबसे बड़ा कारण बना।

इस जीत के साथ इंडिया ए ने त्रिकोणीय श्रृंखला में अपने इरादे साफ कर दिए हैं। बल्लेबाजों ने जिम्मेदारी के साथ रन बनाए और गेंदबाजों ने दबाव की स्थिति में शानदार प्रदर्शन किया। खास तौर पर ऋतुराज गायकवाड़ का शतक और अंतिम क्षणों में गेंदबाजों का संयम टीम के लिए सकारात्मक संकेत हैं। दूसरी ओर श्रीलंका ए को हार जरूर मिली,लेकिन कप्तान साहन अराचिगे और शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों के प्रदर्शन ने यह दिखाया कि टीम आगे के मुकाबलों में कड़ी चुनौती पेश कर सकती है।

श्रृंखला के पहले ही मैच में दर्शकों को रोमांच,संघर्ष और शानदार व्यक्तिगत प्रदर्शन देखने को मिले। इंडिया ए की यह जीत निश्चित रूप से टीम का आत्मविश्वास बढ़ाएगी,जबकि श्रीलंका ए अगले मुकाबलों में वापसी की उम्मीद के साथ मैदान पर उतरेगी।