डेनियल मुनोज के निर्णायक गोल से कोलंबिया ने डीआर कांगो को 1-0 से हराया (तस्वीर क्रेडिट@rashtra_press)

डेनियल मुनोज के निर्णायक गोल से कोलंबिया की जीत,डीआर कांगो को हराकर राउंड ऑफ 32 में बनाई जगह

नई दिल्ली,24 जून (युआईटीवी)- फीफा विश्व कप 2026 में कोलंबिया ने अपने शानदार प्रदर्शन का सिलसिला जारी रखते हुए डीआर कांगो को 1-0 से पराजित कर नॉकआउट चरण में प्रवेश लगभग सुनिश्चित कर लिया है। ग्वाडालाहारा स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में कोलंबिया ने धैर्य,आक्रामकता और रणनीतिक अनुशासन का बेहतरीन प्रदर्शन किया। मैच का एकमात्र गोल डेनियल मुनोज ने दूसरे हाफ में किया,जिसने अंततः दोनों टीमों के बीच अंतर पैदा किया। इस जीत के साथ कोलंबिया ने लगातार दूसरी जीत दर्ज की और ग्रुप में छह अंक हासिल कर राउंड ऑफ 32 में अपनी जगह पक्की कर ली।

मुकाबले की शुरुआत से ही कोलंबिया ने आक्रामक रवैया अपनाया। टीम ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखते हुए डीआर कांगो के रक्षात्मक क्षेत्र पर लगातार दबाव बनाया। कोलंबिया के अनुभवी खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही संकेत दे दिया था कि उनका लक्ष्य केवल जीत हासिल करना है। मध्यक्रम और आक्रमण पंक्ति के बीच बेहतरीन तालमेल देखने को मिला,जिसके कारण डीआर कांगो की टीम को शुरुआती मिनटों से ही रक्षात्मक खेल खेलने के लिए मजबूर होना पड़ा।

पहले हाफ में कोलंबिया ने कई अवसर बनाए,लेकिन डीआर कांगो के गोलकीपर लियोनेल मपासी दीवार बनकर खड़े रहे। उन्होंने एक के बाद एक कई शानदार बचाव किए और अपनी टीम को शुरुआती झटकों से बचाए रखा। जेम्स रोड्रिगेज ने दूर से एक बेहतरीन शॉट लगाया,जिसे मपासी ने शानदार अंदाज में रोक दिया। इसके बाद लुइस डियाज ने भी गोल करने की कोशिश की,लेकिन गोलकीपर ने फिर से अपनी फुर्ती का परिचय देते हुए खतरे को टाल दिया।

कोलंबिया के युवा खिलाड़ी गुस्तावो पुएर्ता ने भी आक्रमण में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने कई बार विपक्षी रक्षापंक्ति को भेदने की कोशिश की और गोल की दिशा में प्रभावी प्रयास किए। हालाँकि,डीआर कांगो के गोलकीपर और डिफेंडरों ने मिलकर हर हमले को विफल कर दिया। डेनियल मुनोज भी पहले हाफ में काफी सक्रिय दिखाई दिए और उन्होंने कई अच्छे मूव बनाए,लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी।

दूसरी ओर डीआर कांगो की टीम ने मुख्य रूप से रक्षात्मक रणनीति अपनाई। टीम का ध्यान कोलंबिया के लगातार बढ़ते दबाव को झेलने और जवाबी हमलों के जरिए अवसर तलाशने पर था। हालाँकि,कोलंबिया की संगठित रक्षापंक्ति ने उन्हें ज्यादा मौके नहीं दिए। पहले हाफ के अधिकांश समय में खेल कोलंबिया के नियंत्रण में रहा,लेकिन गोल नहीं होने के कारण स्कोर 0-0 बना रहा।

पहले हाफ के समाप्त होने तक यह स्पष्ट हो गया था कि कोलंबिया गोल के बेहद करीब पहुँच रही है,लेकिन अंतिम क्षणों में उसे सफलता नहीं मिल पा रही थी। दूसरी तरफ डीआर कांगो का मजबूत बचाव यह संकेत दे रहा था कि मुकाबला ड्रॉ की ओर भी जा सकता है। स्टेडियम में मौजूद दर्शकों को एक रोमांचक और संघर्षपूर्ण मुकाबला देखने को मिल रहा था।

दूसरे हाफ में भी कोलंबिया ने अपने आक्रमण की गति बनाए रखी। टीम लगातार गोल की तलाश में आगे बढ़ती रही और डीआर कांगो की रक्षापंक्ति पर दबाव बढ़ाती रही। जैसे-जैसे समय बीतता गया,कोलंबिया के खिलाड़ियों की आक्रामकता और बढ़ती गई। डीआर कांगो के खिलाड़ी भी पूरे समर्पण के साथ बचाव करते रहे और मैच को बराबरी पर बनाए रखने का प्रयास करते रहे।

आखिरकार मुकाबले के 76वें मिनट में वह क्षण आया,जिसका कोलंबिया लंबे समय से इंतजार कर रही थी। डेनियल मुनोज ने एक डिफ्लेक्टेड शॉट पर शानदार गोल करते हुए अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। यह गोल न केवल मैच का निर्णायक क्षण साबित हुआ,बल्कि कोलंबिया के लगातार प्रयासों का भी परिणाम था। गोल होने के बाद स्टेडियम में मौजूद कोलंबियाई समर्थकों में उत्साह की लहर दौड़ गई।

गोल के बाद डीआर कांगो ने वापसी की कोशिश की,लेकिन कोलंबिया की रक्षापंक्ति पूरी तरह सतर्क दिखाई दी। टीम ने विरोधी खिलाड़ियों को गोल करने का कोई स्पष्ट अवसर नहीं दिया। कोलंबिया के खिलाड़ियों ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और समय का सही उपयोग करते हुए अपनी बढ़त को सुरक्षित रखा।

मुकाबले के दौरान लुइस डियाज ने दो बार गेंद को जाल में पहुँचाया,लेकिन दोनों गोल ऑफसाइड करार दिए गए। यदि ये गोल मान्य होते तो कोलंबिया की जीत का अंतर और बड़ा हो सकता था। हालाँकि,इन फैसलों के बावजूद टीम का आत्मविश्वास कम नहीं हुआ और खिलाड़ियों ने अनुशासित खेल जारी रखा।

डीआर कांगो के लिए यह मुकाबला निराशाजनक रहा। टीम ने रक्षात्मक स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया और लंबे समय तक कोलंबिया को रोके रखा,लेकिन आक्रमण में अपेक्षित प्रभाव नहीं छोड़ सकी। गोल खाने के बाद भी टीम कोई बड़ा मौका नहीं बना पाई,जिसका फायदा कोलंबिया को मिला।

इस जीत के साथ कोलंबिया ने ग्रुप चरण में अपना दबदबा कायम रखा है। लगातार दो जीत के बाद टीम के खाते में छह अंक हो गए हैं और वह ग्रुप की शीर्ष दो टीमों में अपनी जगह लगभग सुनिश्चित कर चुकी है। खिलाड़ियों का आत्मविश्वास भी ऊँचा है और टीम नॉकआउट चरण में जाने से पहले मजबूत लय में दिखाई दे रही है।

कोलंबिया के लिए इस जीत का महत्व केवल तीन अंक हासिल करने तक सीमित नहीं है। इस प्रदर्शन ने यह भी दिखाया है कि टीम कठिन मुकाबलों में धैर्य बनाए रखते हुए अवसरों का फायदा उठाना जानती है। डेनियल मुनोज का निर्णायक गोल और पूरी टीम का संतुलित प्रदर्शन आने वाले मुकाबलों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

अब कोलंबिया की नजर अपने अगले ग्रुप मुकाबले पर होगी,जहाँ उसका सामना पुर्तगाल से 28 जून को होगा। यह मुकाबला ग्रुप में शीर्ष स्थान तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दूसरी ओर डीआर कांगो को अपनी कमजोरियों पर काम करना होगा,ताकि वह टूर्नामेंट में बेहतर प्रदर्शन कर सके।

फिलहाल ग्वाडालाहारा में मिली इस जीत ने कोलंबिया के विश्व कप अभियान को नई मजबूती प्रदान की है। टीम ने यह साबित कर दिया है कि वह इस बार टूर्नामेंट में लंबी दूरी तय करने की क्षमता रखती है। डेनियल मुनोज के निर्णायक गोल और पूरी टीम के सामूहिक प्रयास ने कोलंबिया को राउंड ऑफ 32 का टिकट दिला दिया और उसके समर्थकों को आगे की राह के लिए उम्मीदों से भर दिया।