वेनेजुएला में भूकंप से तबाही गहराई (तस्वीर क्रेडिट@rashtra_press)

वेनेजुएला में भूकंप से तबाही गहराई,मृतकों की संख्या 1,943 पहुँची,राहत अभियान के बीच फिर महसूस हुए झटके

काराकस,1 जुलाई (युआईटीवी)- वेनेजुएला में पिछले सप्ताह आए दो भीषण भूकंपों के बाद हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। देश अब तक इस प्राकृतिक आपदा से उबर भी नहीं पाया था कि सोमवार सुबह राजधानी काराकस और तटीय शहर ला गुएरा के पास एक और भूकंप का झटका महसूस किया गया। हालाँकि,इस बार आए झटके से किसी नई जनहानि या बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है,लेकिन पहले से भयभीत लोगों में एक बार फिर दहशत फैल गई। ताजा सरकारी आँकड़ों के अनुसार,पिछले सप्ताह आए दो शक्तिशाली भूकंपों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,943 हो गई है,जबकि 10,000 से अधिक लोग घायल हुए हैं। हजारों परिवार बेघर हो चुके हैं और कई शहरों में सामान्य जनजीवन अब भी पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट सका है।

वेनेजुएला की नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिग्ज ने देश की मौजूदा स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में आपातकाल लागू कर दिया है,ताकि प्रशासनिक और राहत संबंधी कार्यों में तेजी लाई जा सके। सेना,पुलिस,स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन एजेंसियां मिलकर प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुँचाने का काम कर रही हैं। सरकार का मुख्य उद्देश्य मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकालना, घायलों का उपचार सुनिश्चित करना और बेघर हुए लोगों को अस्थायी आश्रय उपलब्ध कराना है।

सरकारी अधिकारियों के अनुसार,हजारों लोगों के घर पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं या रहने लायक नहीं बचे हैं। ऐसे परिवारों के लिए अस्थायी राहत शिविर स्थापित किए गए हैं,जहाँ उन्हें भोजन,स्वच्छ पेयजल,दवाइयाँ और अन्य आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की विशेष टीमें लगातार राहत शिविरों और अस्पतालों में घायलों का इलाज कर रही हैं। गंभीर रूप से घायल लोगों को विशेष चिकित्सा केंद्रों में स्थानांतरित किया गया है,जबकि कई स्वयंसेवी संगठन भी राहत कार्यों में सरकार की मदद कर रहे हैं।

सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार,सोमवार सुबह स्थानीय समयानुसार लगभग साढ़े नौ बजे 4.2 तीव्रता का एक और भूकंप दर्ज किया गया। वेनेजुएला की सरकारी भूकंप अनुसंधान संस्था ने बताया कि इस भूकंप का केंद्र कैरेबियन सागर में ला गुएरा राज्य के तट से लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित था। वैज्ञानिकों के अनुसार यह झटका हाल के बड़े भूकंपों के बाद आया एक आफ्टरशॉक था। हालाँकि,इसकी तीव्रता पहले आए भूकंपों की तुलना में काफी कम थी,लेकिन लोगों में पहले से मौजूद भय के कारण इसका मनोवैज्ञानिक असर काफी अधिक देखने को मिला।

जैसे ही धरती कांपी,काराकस और ला गुएरा सहित आसपास के इलाकों में लोग अपने घरों,कार्यालयों और अन्य इमारतों से बाहर निकलकर खुले स्थानों की ओर भागने लगे। कई इलाकों में लोग पार्कों,मैदानों और सार्वजनिक स्थलों पर इकट्ठा हो गए। नागरिकों को डर था कि पहले से क्षतिग्रस्त इमारतें किसी भी समय ढह सकती हैं। प्रशासन ने भी लोगों से अपील की कि वे क्षतिग्रस्त भवनों में प्रवेश करने से बचें और केवल आधिकारिक अनुमति मिलने के बाद ही अपने घरों में लौटें।

ला गुएरा की निवासी मारिया लोपेज़ ने स्थानीय मीडिया से बातचीत में अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले बुधवार से उनका परिवार लगातार भय के माहौल में जी रहा है। उन्होंने कहा कि हर छोटे-बड़े झटके के साथ पूरा परिवार घर से बाहर निकल जाता है। उनके अनुसार पिछले कई दिनों से वे ठीक से सो भी नहीं पाए हैं,क्योंकि हर समय एक नए भूकंप का डर बना रहता है। ऐसी स्थिति केवल उनके परिवार की नहीं,बल्कि हजारों अन्य परिवारों की भी है,जो लगातार मानसिक तनाव और असुरक्षा की भावना के बीच जीवन बिता रहे हैं।

हालाँकि,सोमवार के भूकंप के बाद प्रशासन ने राहत की खबर देते हुए कहा कि किसी नई जनहानि या अतिरिक्त नुकसान की सूचना नहीं मिली है। नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिग्ज ने कहा कि सरकार को देश के किसी भी हिस्से से किसी बड़े नुकसान की जानकारी प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने,शांत रहने और केवल सरकारी एजेंसियों द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव कार्य पूरी क्षमता के साथ जारी हैं और सरकार प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

यह नया झटका ऐसे समय आया है,जब पूरा देश पिछले बुधवार आए दो शक्तिशाली भूकंपों की तबाही से जूझ रहा है। इन दोनों भूकंपों की तीव्रता क्रमशः 7.2 और 7.5 मापी गई थी। विशेषज्ञों के अनुसार इतने शक्तिशाली भूकंप किसी भी क्षेत्र में व्यापक विनाश का कारण बन सकते हैं। विशेष रूप से ला गुएरा राज्य में भारी तबाही हुई,जहाँ बड़ी संख्या में इमारतें धराशायी हो गईं और सड़कें,पुल तथा अन्य बुनियादी ढाँचे को गंभीर नुकसान पहुँचा।

रविवार को जारी सरकारी आँकड़ों में मृतकों की संख्या 1,450 बताई गई थी,लेकिन मलबे से लगातार शव मिलने के कारण यह आँकड़ा बढ़कर अब 1,943 तक पहुँच गया है। अधिकारियों का मानना है कि कई इलाकों में राहत दल अब भी मलबा हटाने का काम कर रहे हैं,इसलिए मृतकों की संख्या में आगे भी वृद्धि हो सकती है। बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं और उनके परिजनों को उनके सुरक्षित मिलने की उम्मीद है।

सरकारी रिपोर्ट के अनुसार अब तक कम से कम 774 इमारतें पूरी तरह ढह चुकी हैं या इतनी क्षतिग्रस्त हो गई हैं कि उनमें रहना सुरक्षित नहीं माना जा सकता। इनमें आवासीय भवनों के अलावा स्कूल,अस्पताल,सरकारी कार्यालय और व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी शामिल हैं। कई क्षेत्रों में बिजली,पानी और संचार सेवाएँ प्रभावित हुई हैं,जिन्हें बहाल करने के लिए विशेष टीमें लगातार काम कर रही हैं।

राहत एवं बचाव दल आधुनिक उपकरणों और प्रशिक्षित कर्मियों की मदद से मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। खोजी कुत्तों,थर्मल कैमरों और अन्य तकनीकी संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है,ताकि जीवित लोगों का जल्द पता लगाया जा सके। कई अंतरराष्ट्रीय मानवीय संगठनों ने भी वेनेजुएला को सहायता देने की इच्छा जताई है और जरूरत के अनुसार चिकित्सा सामग्री,राहत उपकरण तथा विशेषज्ञ टीम भेजने की तैयारी की है।

स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे क्षतिग्रस्त भवनों से दूर रहें और राहत कार्यों में लगी टीमों का पूरा सहयोग करें। सरकार ने आपातकालीन सहायता के लिए विशेष हेल्पलाइन भी शुरू की है,ताकि प्रभावित लोग तत्काल मदद प्राप्त कर सकें। इसके अलावा तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को एहतियात के तौर पर ऊँचे स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि हालाँकि,फिलहाल सुनामी का कोई तत्काल खतरा नहीं है,लेकिन किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए सतर्क रहना आवश्यक है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इतने शक्तिशाली भूकंप के बाद कई दिनों या हफ्तों तक आफ्टरशॉक महसूस होना सामान्य बात है। यही कारण है कि लोगों को सतर्क रहने, सुरक्षित स्थानों पर रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है। वेनेजुएला सरकार का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत,पुनर्वास और पुनर्निर्माण का कार्य चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की जान बचाना,घायलों का इलाज कराना और बेघर परिवारों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराना है,ताकि इस भीषण प्राकृतिक आपदा से प्रभावित नागरिकों को जल्द से जल्द सामान्य जीवन की ओर लौटने में मदद मिल सके।