नई दिल्ली,2 जुलाई (युआईटीवी)- राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में गुरुवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ली और कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने से लोगों को उमस और गर्मी से बड़ी राहत मिली। पिछले कई दिनों से बादलों की आवाजाही और बीच-बीच में हो रही हल्की बारिश के बाद गुरुवार सुबह मौसम पूरी तरह बदला हुआ नजर आया। तेज हवाओं और बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई,जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग ने दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए अगले कुछ घंटों और आने वाले दिनों में भी बारिश और तेज हवाओं का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई है। वहीं उत्तराखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है,जिसके चलते राज्य के कई जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
गुरुवार सुबह दिल्ली-एनसीआर के कई हिस्सों में अचानक घने बादल छा गए और इसके बाद तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। सुबह के समय हुई इस बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया और पिछले दिनों से बनी उमस भरी गर्मी से लोगों को काफी राहत मिली। कई इलाकों में सड़कें भीग गईं और तापमान में गिरावट महसूस की गई। सुबह कार्यालय और अन्य कामों के लिए घर से निकलने वाले लोगों को हल्की परेशानी जरूर हुई,लेकिन अधिकांश लोगों ने इस मौसम का स्वागत किया क्योंकि पिछले कुछ दिनों से गर्मी और नमी ने जनजीवन को प्रभावित कर रखा था।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों में अगले कुछ समय तक बादलों का डेरा बना रहेगा। विभाग ने कहा है कि बीच-बीच में हल्की से मध्यम बारिश होती रहेगी और कई इलाकों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं। मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों से मौसम की बदलती परिस्थितियों को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की है। विशेष रूप से खुले स्थानों,पेड़ों और कमजोर संरचनाओं के पास अनावश्यक रूप से खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है,क्योंकि तेज हवाओं का असर कई इलाकों में देखने को मिल सकता है।
मौसम विभाग के आँकड़ों के अनुसार बुधवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस से 34.8 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया,जो पिछले सप्ताह की भीषण गर्मी की तुलना में काफी कम रहा। विभाग का अनुमान है कि गुरुवार को अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। लगातार बादल छाए रहने और बारिश होने के कारण तापमान में और अधिक गिरावट आ सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ ही आने वाले दिनों में मौसम और अधिक सुहावना हो सकता है।
मौसम विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून अब उत्तर भारत के अन्य हिस्सों की ओर तेजी से बढ़ रहा है। इसके चलते दिल्ली,हरियाणा,पंजाब,उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक वर्षा की संभावना बढ़ गई है। अधिकारियों के अनुसार मौजूदा समय में मानसूनी प्रणाली मजबूत होती जा रही है और इसका प्रभाव उत्तर भारत के मौसम पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। यदि यही स्थिति बनी रहती है,तो आने वाले दिनों में कई राज्यों में अच्छी बारिश दर्ज की जा सकती है।
दिल्ली के साथ-साथ उत्तराखंड में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार तक दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरे राज्य में फैल गया। इसके बाद विभाग ने गुरुवार के लिए राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से देहरादून सहित पाँच जिलों में अत्यधिक वर्षा की संभावना व्यक्त की गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन,जलभराव और सड़क अवरुद्ध होने जैसी समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं।
देहरादून स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार मानसून मंगलवार को उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों में पहुँच गया था और बुधवार तक पूरे राज्य को अपनी चपेट में ले लिया। इसके बाद राज्य के विभिन्न जिलों में व्यापक वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग ने कहा कि मानसून की तेज प्रगति के कारण कई क्षेत्रों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है और अगले कुछ दिनों तक यह सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
बुधवार को उत्तराखंड के कई जिलों में अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम केंद्र के अनुसार देहरादून में 56 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई,जबकि जॉली ग्रांट में 52.5 मिलीमीटर बारिश हुई। लक्सर में 49 मिलीमीटर,मसूरी में 43 मिलीमीटर और रुद्रप्रयाग में 32.5 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा हल्द्वानी में 29.5 मिलीमीटर, पौड़ी गढ़वाल में 28.5 मिलीमीटर, कीर्तिनगर में 23.5 मिलीमीटर तथा खानपुर में 23 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इन आँकड़ों से स्पष्ट है कि मानसून का प्रभाव पूरे राज्य में तेजी से बढ़ रहा है।
भारी वर्षा को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी ढलानों पर भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है,जबकि नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और आपदा प्रबंधन से जुड़ी सभी एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार मानसून उत्तर भारत में अपेक्षाकृत तेज गति से आगे बढ़ रहा है। इसके कारण कई राज्यों में सामान्य से बेहतर वर्षा होने की संभावना जताई जा रही है। अच्छी बारिश से जहाँ एक ओर किसानों को फायदा मिलने की उम्मीद है,वहीं दूसरी ओर शहरी क्षेत्रों में जलभराव और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन जैसी चुनौतियाँ भी सामने आ सकती हैं। इसलिए मौसम विभाग लगातार लोगों को मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील कर रहा है।
दिल्ली-एनसीआर में बारिश से लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली है,लेकिन मौसम विभाग का कहना है कि बारिश और तेज हवाओं का दौर अभी कुछ समय तक जारी रह सकता है। वहीं उत्तराखंड में भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। आने वाले दिनों में मानसून के और अधिक सक्रिय होने की संभावना के बीच उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने की उम्मीद है। ऐसे में नागरिकों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट पर ध्यान दें,अनावश्यक यात्रा से बचें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
