व्हाट्सएप

व्हाट्सएप के नए यूजरनेम फीचर पर बड़ा खुलासा,कंपनी ने जारी किया एफएक्यू,भारत सरकार ने फिलहाल लॉन्च पर लगाई रोक

नई दिल्ली,2 जुलाई (युआईटीवी)- दुनियाभर में सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म में शामिल व्हाट्सएप अपने बहुप्रतीक्षित ‘यूजरनेम’ फीचर को लेकर लगातार चर्चा में बना हुआ है। इस फीचर के बारे में सोशल मीडिया और तकनीकी जगत में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। इन अटकलों के बीच व्हाट्सएप ने अब आधिकारिक तौर पर एक विस्तृत एफएक्यू यानी ‘अक्सर पूछे जाने वाले सवालों’ के जवाब जारी किए हैं। कंपनी ने इस दस्तावेज के माध्यम से यूजरनेम फीचर से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवालों का जवाब दिया है और स्पष्ट किया है कि यह सुविधा पूरी तरह वैकल्पिक होगी। यानी किसी भी उपयोगकर्ता के लिए यूजरनेम बनाना अनिवार्य नहीं होगा। वहीं दूसरी ओर भारत सरकार ने इस फीचर को लेकर सतर्क रुख अपनाते हुए इसके रोलआउट पर फिलहाल रोक लगा दी है और कंपनी से विस्तृत जानकारी माँगी है।

व्हाट्सएप के अनुसार नया यूजरनेम फीचर उपयोगकर्ताओं को अपनी पहचान साझा करने का एक अतिरिक्त विकल्प देगा। हालाँकि,कंपनी ने साफ किया है कि यह सुविधा किसी पर थोपी नहीं जाएगी। जो लोग चाहें,वे यूजरनेम बना सकते हैं,जबकि जो उपयोगकर्ता केवल अपने मोबाइल नंबर के माध्यम से व्हाट्सएप का उपयोग जारी रखना चाहते हैं,वे पहले की तरह ऐसा कर सकेंगे। कंपनी का कहना है कि इस फीचर का उद्देश्य लोगों को अधिक सुविधा देना है,न कि मौजूदा व्यवस्था को पूरी तरह बदलना।

एफएक्यू में सबसे ज्यादा जोर इस बात पर दिया गया है कि यूजरनेम फीचर आने के बाद भी उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। व्हाट्सएप ने स्पष्ट किया कि जिस तरह अभी किसी अनजान व्यक्ति का मोबाइल नंबर केवल व्हाट्सएप के माध्यम से खोजा नहीं जा सकता,उसी प्रकार भविष्य में किसी व्यक्ति का यूजरनेम भी सामान्य तरीके से सर्च नहीं किया जा सकेगा। कंपनी के मुताबिक इस सुविधा को इस तरह तैयार किया गया है कि यह उपयोगकर्ताओं की निजता को सुरक्षित रखते हुए उन्हें अतिरिक्त पहचान का विकल्प उपलब्ध कराए।

कंपनी ने यह भी बताया कि अनचाहे संदेशों और फर्जी संपर्कों से बचाने के लिए व्हाट्सएप में पहले से मौजूद सभी सुरक्षा उपाय पहले की तरह लागू रहेंगे। यदि किसी अनजान व्यक्ति का संदेश आता है, तो उपयोगकर्ता को पहले की तरह चेतावनी दिखाई जाएगी। इस चेतावनी में यह जानकारी होगी कि संदेश भेजने वाला नया अकाउंट है या नहीं,क्या वह उपयोगकर्ता के किसी साझा समूह का सदस्य है और वह किस देश से जुड़ा हुआ है। इसके अलावा उपयोगकर्ताओं के पास पहले की तरह किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को ब्लॉक करने और उसकी शिकायत दर्ज कराने का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा।

व्हाट्सएप ने उपयोगकर्ताओं को सलाह दी है कि यदि वे नहीं चाहते कि अनजान लोग आसानी से उनसे संपर्क करें,तो उन्हें एक यूनिक यूजरनेम बनाना चाहिए। कंपनी के अनुसार ऐसा यूजरनेम चुनना बेहतर होगा,जो केवल उसी उपयोगकर्ता से जुड़ा हो और जिसे कोई दूसरा इस्तेमाल न कर सके। इससे पहचान को अधिक सुरक्षित बनाया जा सकेगा और गलतफहमी या फर्जी प्रोफाइल बनने की संभावना भी कम होगी।

यूजरनेम को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें भी सामने आई थीं। इनमें सबसे प्रमुख दावा यह था कि लोग पहले से ही लोकप्रिय या प्रसिद्ध नामों को रिजर्व कर सकते हैं। व्हाट्सएप ने इन दावों को पूरी तरह गलत बताया है। कंपनी ने स्पष्ट किया कि केवल वास्तविक अकाउंट के मालिक ही अपने नाम से जुड़े यूजरनेम को सुरक्षित रख सकेंगे। किसी भी मशहूर व्यक्ति,सार्वजनिक हस्ती या ब्रांड के नाम पर कोई दूसरा व्यक्ति यूजरनेम रिजर्व नहीं कर पाएगा।

कंपनी ने यह भी बताया कि यदि कोई यूजरनेम पहले से इंस्टाग्राम या फेसबुक पर किसी उपयोगकर्ता द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा है,तो उस नाम को उसी उपयोगकर्ता के लिए सुरक्षित रखा जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एक ही व्यक्ति को अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर अपनी एक समान डिजिटल पहचान बनाए रखने में सुविधा मिले। चूँकि व्हाट्सएप,फेसबुक और इंस्टाग्राम एक ही समूह के प्लेटफॉर्म हैं,इसलिए कंपनी इस दिशा में एकीकृत पहचान व्यवस्था विकसित करने की कोशिश कर रही है।

व्हाट्सएप ने यह भी जानकारी दी कि उसने इस फीचर के आधिकारिक लॉन्च से पहले ही यूजरनेम रिजर्व करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कंपनी का कहना है कि उसे विश्वास है कि बड़ी संख्या में लोग अपनी पसंद का यूजरनेम सुरक्षित रखना चाहेंगे। इसी वजह से पहले से तैयारी शुरू की गई है,ताकि फीचर लॉन्च होने के समय उपयोगकर्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

हालाँकि,कंपनी ने यह भी स्वीकार किया कि वह इस फीचर को जल्दबाजी में लॉन्च नहीं करना चाहती। व्हाट्सएप के अनुसार वह लगातार उपयोगकर्ताओं की प्रतिक्रिया और सुझावों का अध्ययन कर रही है। कंपनी चाहती है कि जब वर्ष के अंत तक यह सुविधा सभी के लिए उपलब्ध कराई जाए,तब तक इसमें किसी प्रकार की तकनीकी या सुरक्षा संबंधी कमी न रहे। इसलिए फीचर को अंतिम रूप देने से पहले विभिन्न पहलुओं की गहन समीक्षा की जा रही है।

इधर भारत सरकार ने भी इस नए फीचर को लेकर सतर्कता दिखाई है। सरकार ने व्हाट्सएप को निर्देश दिया है कि वह यूजरनेम फीचर से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारियाँ निर्धारित समय के भीतर उपलब्ध कराए। सरकार ने कंपनी से तीन दिनों के भीतर विस्तृत जवाब माँगा है और यह भी स्पष्ट कर दिया है कि जब तक दोनों पक्षों के बीच इस विषय पर चर्चा पूरी नहीं हो जाती,तब तक इस फीचर को भारत में लागू नहीं किया जाएगा।

सरकार का यह कदम उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता,डिजिटल सुरक्षा और डेटा संरक्षण के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हाल के वर्षों में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ताओं की निजी जानकारी की सुरक्षा को लेकर लगातार गंभीर चर्चा होती रही है। ऐसे में सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि नया फीचर भारतीय कानूनों और डेटा सुरक्षा संबंधी नियमों के अनुरूप ही लागू किया जाए।

तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि यूजरनेम फीचर आने के बाद व्हाट्सएप का उपयोग पहले से अधिक सुविधाजनक हो सकता है,क्योंकि कई लोग अपना मोबाइल नंबर साझा किए बिना भी दूसरों से जुड़ सकेंगे। वहीं दूसरी ओर गोपनीयता और सुरक्षा के पहलुओं को लेकर पूरी स्पष्टता होना भी उतना ही जरूरी है। यही कारण है कि कंपनी और सरकार दोनों इस फीचर को लेकर सावधानीपूर्वक आगे बढ़ रही हैं।

फिलहाल व्हाट्सएप ने यह साफ कर दिया है कि यूजरनेम फीचर पूरी तरह वैकल्पिक होगा,उपयोगकर्ताओं की निजता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और लोकप्रिय नामों को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही कई चर्चाएं सही नहीं हैं। दूसरी ओर भारत सरकार की मंजूरी मिलने के बाद ही इस फीचर के भारत में आधिकारिक रूप से शुरू होने का रास्ता साफ होगा। ऐसे में अब सभी की नजरें कंपनी और सरकार के बीच होने वाली आगे की बातचीत पर टिकी हैं,जिसके बाद ही यह तय होगा कि व्हाट्सएप का नया यूजरनेम फीचर भारतीय उपयोगकर्ताओं तक कब और किस स्वरूप में पहुँचेगा।