मुंबई,2 जुलाई (युआईटीवी)- देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में मानसून ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाया है। लगातार तीसरे दिन हुई मूसलाधार बारिश ने शहर और उसके उपनगरों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई,जबकि कई प्रमुख सड़कों पर पानी भर जाने से यातायात भी प्रभावित हुआ। लगातार हो रही बारिश के कारण लोगों को दफ्तर,स्कूल और अन्य जरूरी कार्यों के लिए आने-जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस बीच भारतीय मौसम विभाग ने अगले कुछ समय तक मौसम के और अधिक खराब रहने की संभावना जताते हुए मुंबई और उसके उपनगरों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार,मुंबई में आने वाले घंटों के दौरान गरज-चमक के साथ तेज बारिश जारी रह सकती है। इसके साथ ही कई इलाकों में बिजली गिरने और लगभग 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी आशंका व्यक्त की गई है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान बिना किसी जरूरी कारण के घरों से बाहर निकलने से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
पिछले 24 घंटों के दौरान हुई बारिश के आँकड़े यह बताते हैं कि मुंबई के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कहीं अधिक वर्षा दर्ज की गई। बृहन्मुंबई महानगरपालिका के अनुसार,एक जुलाई की सुबह आठ बजे से दो जुलाई की सुबह छह बजे तक मुंबई शहर क्षेत्र में 134 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। वहीं पूर्वी उपनगरों में 164 मिलीमीटर और पश्चिमी उपनगरों में 149 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। लगातार हो रही बारिश के कारण कई स्थानों पर पानी निकासी की व्यवस्था प्रभावित हुई और सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई।
पूर्वी उपनगर सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल रहे। यहाँ मुलुंड स्थित मिठा नगर पालिका स्कूल क्षेत्र में सबसे अधिक 218.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा एस वार्ड कार्यालय क्षेत्र में 212 मिलीमीटर,पवई के पास पासपोली नगर पालिका स्कूल क्षेत्र में 208.4 मिलीमीटर,गावनपाड़ा फायर स्टेशन क्षेत्र में 205.8 मिलीमीटर और मानखुर्द फायर स्टेशन क्षेत्र में 200 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इन इलाकों में लगातार बारिश के कारण कई सड़कों पर पानी भर गया,जिससे स्थानीय लोगों को आवाजाही में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
पश्चिमी उपनगरों में भी बारिश का असर कम नहीं रहा। सांताक्रूज इस क्षेत्र का सबसे अधिक प्रभावित इलाका रहा,जहाँ एसडब्ल्यूएम सांताक्रूज वर्कशॉप में 216 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। वहीं नारियलवाड़ी स्कूल क्षेत्र में 214.4 मिलीमीटर बारिश हुई। अंधेरी फायर स्टेशन क्षेत्र में 204 मिलीमीटर, कूपर अस्पताल परिसर में 193.2 मिलीमीटर और के-वेस्ट वार्ड कार्यालय क्षेत्र में 192.6 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। लगातार हो रही बारिश के चलते इन इलाकों की कई प्रमुख सड़कें जलमग्न हो गईं और वाहन चालकों को लंबे जाम का सामना करना पड़ा।
मुंबई शहर क्षेत्र भी भारी बारिश से अछूता नहीं रहा। जी-साउथ वार्ड कार्यालय क्षेत्र में 187.8 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। एफ-साउथ वार्ड कार्यालय क्षेत्र में 179 मिलीमीटर, एफ-नॉर्थ वार्ड कार्यालय क्षेत्र में 175 मिलीमीटर,वडाला स्थित बी. नाडकर्णी पार्क नगर पालिका स्कूल क्षेत्र में 173.6 मिलीमीटर और वर्ली के आदर्श नगर स्कूल क्षेत्र में 172.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इन इलाकों में कई स्थानों पर सड़कें पानी में डूब गईं,जिससे वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई और दैनिक जीवन प्रभावित हुआ।
लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश का असर केवल यातायात तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कई निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई आवासीय क्षेत्रों में पानी भरने से लोगों के घरों और दुकानों तक पानी पहुँच गया। कुछ स्थानों पर जल निकासी की गति धीमी होने के कारण कई घंटे तक पानी जमा रहा। स्थानीय प्रशासन और नगर निगम की टीमें लगातार जलभराव वाले क्षेत्रों में पानी निकालने और स्थिति सामान्य करने के प्रयासों में जुटी रहीं।
बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने बताया कि शहर के विभिन्न हिस्सों में हालात पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। नगर निगम की आपदा प्रबंधन टीम,जल निकासी विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियाँ पूरी तरह सतर्क हैं। जहाँ-जहाँ जलभराव की शिकायतें मिलीं,वहाँ तत्काल कर्मचारियों को भेजकर पानी निकालने और यातायात बहाल करने का प्रयास किया गया। प्रशासन ने नागरिकों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक यात्रा से बचें और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें।
भारतीय मौसम विभाग ने पहले ही मुंबई और उसके आसपास के क्षेत्रों के लिए गरज-चमक,बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की चेतावनी जारी कर दी थी। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अरब सागर में सक्रिय मौसमी प्रणाली और मानसूनी हवाओं की मजबूती के कारण मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में लगातार भारी वर्षा हो रही है। यदि यही स्थिति बनी रहती है,तो आने वाले दिनों में भी शहर के कई हिस्सों में जलभराव की समस्या देखने को मिल सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मुंबई जैसे तटीय महानगर में कम समय में अत्यधिक वर्षा होने पर जल निकासी व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। यही कारण है कि भारी बारिश के दौरान कई निचले इलाके सबसे पहले प्रभावित होते हैं। हालाँकि,पिछले कुछ वर्षों में जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई परियोजनाएँ शुरू की गई हैं,लेकिन अत्यधिक बारिश के दौरान चुनौतियाँ अब भी बनी रहती हैं।
मौसम विभाग ने मछुआरों को भी समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है,क्योंकि तेज हवाओं और ऊँची लहरों की संभावना बनी हुई है। इसके अलावा खुले स्थानों,पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की भी सलाह दी गई है। लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम से संबंधित आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें और अफवाहों से दूर रहें।
लगातार तीसरे दिन हुई भारी बारिश ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि मानसून के दौरान मुंबई को किस तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। फिलहाल प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और हालात पर नजर बनाए हुए है। वहीं मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए आने वाले कुछ दिन भी मुंबईवासियों के लिए चुनौतीपूर्ण रह सकते हैं। ऐसे में नागरिकों से सतर्क रहने,प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की अपील की गई है,ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके।
