फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अमेरिका और बेल्जियम की दमदार जीत (तस्वीर क्रेडिट@SoccerKingJP)

फीफा वर्ल्ड कप 2026: अमेरिका और बेल्जियम की दमदार जीत,अंतिम-16 में बनाई जगह,अब दोनों टीमों के बीच होगी हाईवोल्टेज टक्कर

नई दिल्ली,2 जुलाई (युआईटीवी)- फीफा वर्ल्ड कप 2026 अपने सबसे रोमांचक दौर में पहुँच चुका है। ग्रुप चरण की समाप्ति के बाद अब नॉकआउट मुकाबले खेले जा रहे हैं,जहाँ एक छोटी सी गलती भी किसी टीम का विश्व कप अभियान समाप्त कर सकती है। राउंड ऑफ 32 के मुकाबलों में हर टीम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश कर रही है। इसी कड़ी में सह-मेजबान अमेरिका ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए बोस्निया और हर्जेगोविना को 2-0 से हराकर अंतिम-16 में जगह बना ली। वहीं दिन के दूसरे बेहद रोमांचक मुकाबले में बेल्जियम ने सेनेगल को अतिरिक्त समय तक चले संघर्ष में 3-2 से मात देकर अगले दौर का टिकट हासिल कर लिया। अब अंतिम-16 में अमेरिका और बेल्जियम की टीमें आमने-सामने होंगी,जिससे फुटबॉल प्रशंसकों को एक और रोमांचक मुकाबला देखने को मिलेगा।

सैन फ्रांसिस्को बे एरिया स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में अमेरिका ने शुरुआत से ही यह संकेत दे दिया था कि वह घरेलू दर्शकों के सामने किसी भी कीमत पर जीत हासिल करना चाहता है। मैच शुरू होते ही अमेरिकी खिलाड़ियों ने तेज गति से आक्रमण शुरू किया और बोस्निया और हर्जेगोविना की रक्षा पंक्ति पर लगातार दबाव बनाया। शुरुआती मिनटों में अमेरिका को सफलता भी मिलती हुई दिखाई दी,जब फोलारिन बालोगुन ने शानदार फिनिशिंग करते हुए गेंद को गोलपोस्ट के भीतर पहुँचा दिया। हालाँकि,वीडियो असिस्टेंट रेफरी की समीक्षा के बाद उन्हें ऑफसाइड पाया गया और गोल को अमान्य घोषित कर दिया गया। गोल रद्द होने से अमेरिकी खिलाड़ी कुछ पल के लिए जरूर निराश हुए,लेकिन उन्होंने अपनी आक्रामक रणनीति में कोई बदलाव नहीं किया।

अमेरिका लगातार विपक्षी हाफ में दबाव बनाता रहा और बोस्निया की टीम रक्षात्मक खेल खेलने को मजबूर हो गई। पहले हाफ के अंतिम क्षणों में अमेरिका को उसकी मेहनत का फल मिला। इंजरी टाइम के दौरान मलिक टिलमैन ने बेहतरीन विजन का परिचय देते हुए फोलारिन बालोगुन को शानदार पास दिया। बालोगुन ने गेंद पर शानदार नियंत्रण रखा, दो डिफेंडरों को पीछे छोड़ा और गोलकीपर निकोला वासिलज के नीचे से गेंद को नेट में पहुँचा दिया। इस बार कोई तकनीकी बाधा नहीं आई और अमेरिका ने 1-0 की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल कर ली। पहले हाफ की समाप्ति इसी स्कोर के साथ हुई और अमेरिकी खिलाड़ियों ने आत्मविश्वास के साथ ड्रेसिंग रूम का रुख किया।

दूसरे हाफ में बोस्निया और हर्जेगोविना ने वापसी की पूरी कोशिश की। टीम ने अधिक आक्रामक रणनीति अपनाई और लगातार हमले किए,लेकिन अमेरिकी डिफेंडरों ने शानदार तालमेल का प्रदर्शन करते हुए हर प्रयास को विफल कर दिया। मुकाबला उस समय दिलचस्प हो गया जब 64वें मिनट में गोल करने वाले फोलारिन बालोगुन को रेड कार्ड दिखा दिया गया। इस फैसले के बाद अमेरिका को लगभग आधे घंटे तक दस खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा। किसी भी नॉकआउट मुकाबले में एक खिलाड़ी कम होने के बाद दबाव कई गुना बढ़ जाता है,लेकिन अमेरिकी खिलाड़ियों ने संयम बनाए रखा और अपने खेल में अनुशासन दिखाया।

एक खिलाड़ी कम होने के बावजूद अमेरिका ने केवल रक्षा पर निर्भर रहने की बजाय जवाबी हमलों का सहारा लिया। मैच के अंतिम चरण में अमेरिका को फ्री-किक मिली। इस मौके का पूरा फायदा उठाते हुए मलिक टिलमैन ने शानदार किक लगाई,जो सीधे गोलपोस्ट के भीतर चली गई। इस गोल के साथ अमेरिका ने अपनी बढ़त 2-0 कर दी और बोस्निया की वापसी की सभी उम्मीदों पर लगभग विराम लगा दिया। निर्धारित समय समाप्त होने तक बोस्निया और हर्जेगोविना कोई गोल नहीं कर सकी और अमेरिका ने 2-0 से मुकाबला अपने नाम कर लिया।

यह जीत अमेरिका के लिए कई मायनों में ऐतिहासिक साबित हुई। फीफा वर्ल्ड कप के नॉकआउट चरण में किसी यूरोपीय टीम के खिलाफ यह अमेरिका की केवल दूसरी जीत है। इसके अलावा पिछले चार विश्व कप में यह चौथी बार है जब अमेरिकी टीम अंतिम-16 तक पहुँचने में सफल रही है। घरेलू मैदान पर खेल रही अमेरिकी टीम अब अपने अभियान को और आगे ले जाने के इरादे से मैदान में उतरेगी। टीम के खिलाड़ियों का आत्मविश्वास भी इस जीत के बाद काफी बढ़ा हुआ नजर आया।

दिन के दूसरे मुकाबले में बेल्जियम और सेनेगल के बीच जबरदस्त संघर्ष देखने को मिला। यह मैच विश्व कप के अब तक के सबसे रोमांचक मुकाबलों में से एक साबित हुआ। दोनों टीमों ने पूरे मैच में आक्रामक फुटबॉल खेली और दर्शकों को लगातार रोमांचित किया। निर्धारित 90 मिनट तक मुकाबला 2-2 की बराबरी पर रहा और विजेता का फैसला अतिरिक्त समय में हुआ।

सेनेगल ने मुकाबले की शुरुआत बेहद आत्मविश्वास के साथ की। टीम ने शुरुआत से ही बेल्जियम की रक्षा पंक्ति पर दबाव बनाया और 24वें मिनट में उसे सफलता भी मिल गई। हबीब डियारा ने शानदार मूव तैयार करते हुए गेंद को गोलपोस्ट में पहुँचाया और सेनेगल को 1-0 की बढ़त दिला दी। इस गोल के बाद बेल्जियम ने बराबरी की कोशिश की, लेकिन सेनेगल की मजबूत रक्षापंक्ति ने पहले हाफ तक उसे कोई मौका नहीं दिया। पहले 45 मिनट समाप्त होने तक सेनेगल 1-0 से आगे था।

दूसरे हाफ की शुरुआत भी सेनेगल के पक्ष में रही। 51वें मिनट में इस्माइला सार ने शानदार गोल दागते हुए अपनी टीम की बढ़त 2-0 कर दी। उस समय ऐसा लग रहा था कि बेल्जियम की टीम विश्व कप से बाहर होने की कगार पर पहुँच चुकी है। दो गोल से पिछड़ने के बाद बेल्जियम के खिलाड़ियों पर दबाव साफ दिखाई दे रहा था,लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। अनुभवी खिलाड़ियों ने संयम बनाए रखा और लगातार आक्रमण जारी रखा।

मुकाबले के अंतिम मिनटों में मैच ने पूरी तरह करवट बदल दी। 86वें मिनट में रोमेलू लुकाकू ने शानदार गोल करते हुए बेल्जियम को मुकाबले में वापस ला दिया। इस गोल ने पूरी टीम में नया जोश भर दिया। इसके बाद बेल्जियम ने लगातार आक्रमण जारी रखा और केवल तीन मिनट बाद यूरी टाईलेमांस ने शानदार गोल दागकर स्कोर 2-2 से बराबर कर दिया। कुछ ही मिनट पहले तक जीत के बेहद करीब पहुँच चुकी सेनेगल अचानक दबाव में आ गई। निर्धारित समय समाप्त होने तक दोनों टीमें बराबरी पर रहीं और मुकाबला अतिरिक्त समय में पहुँच गया।

अतिरिक्त समय में दोनों टीमों ने सतर्क शुरुआत की क्योंकि एक गलती पूरे टूर्नामेंट से बाहर कर सकती थी। इसी दौरान बेल्जियम को पेनल्टी मिल गई। यूरी टाईलेमांस ने जिम्मेदारी सँभाली और बिना कोई गलती किए गेंद को गोलपोस्ट में पहुँचा दिया। इस गोल के साथ बेल्जियम ने 3-2 की बढ़त बना ली। सेनेगल ने आखिरी मिनटों में बराबरी की पूरी कोशिश की,लेकिन बेल्जियम के डिफेंडरों और गोलकीपर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए उसे सफल नहीं होने दिया। आखिरकार अंतिम सीटी बजते ही बेल्जियम ने 3-2 से मुकाबला जीतकर अंतिम-16 में जगह पक्की कर ली।

बेल्जियम की इस जीत में सबसे बड़ी भूमिका उसकी जुझारू मानसिकता की रही। दो गोल से पिछड़ने के बावजूद टीम ने जिस तरह वापसी की,उसने यह साबित कर दिया कि नॉकआउट मुकाबलों में अनुभव और धैर्य कितने महत्वपूर्ण होते हैं। दूसरी ओर सेनेगल ने शानदार शुरुआत करने के बावजूद अंतिम क्षणों में अपनी बढ़त बरकरार नहीं रखी और विश्व कप से बाहर हो गई।

अब टूर्नामेंट का सबसे दिलचस्प मुकाबला अमेरिका और बेल्जियम के बीच खेला जाएगा। दोनों टीमें अलग-अलग अंदाज में अंतिम-16 तक पहुँचीं हैं। अमेरिका ने मजबूत रक्षात्मक प्रदर्शन और अनुशासित खेल के दम पर जीत दर्ज की,जबकि बेल्जियम ने विपरीत परिस्थितियों में शानदार वापसी करते हुए अपनी क्षमता का परिचय दिया। ऐसे में दोनों टीमों के बीच होने वाला मुकाबला बेहद रोमांचक रहने की उम्मीद है। अमेरिका को घरेलू दर्शकों का समर्थन मिलेगा,जबकि बेल्जियम के पास बड़े मैचों का अनुभव और कई विश्वस्तरीय खिलाड़ी मौजूद हैं।

फीफा वर्ल्ड कप 2026 जैसे-जैसे अपने निर्णायक चरण की ओर बढ़ रहा है,मुकाबलों का रोमांच भी लगातार बढ़ता जा रहा है। अब हर मैच ‘करो या मरो’ की स्थिति में खेला जा रहा है,जहाँ जीतने वाली टीम खिताब की ओर एक कदम और बढ़ा रही है,जबकि हारने वाली टीम का सफर यहीं समाप्त हो रहा है। अमेरिका और बेल्जियम की जीत ने यह साबित कर दिया कि विश्व कप में आखिरी मिनट तक कुछ भी संभव है। अब फुटबॉल प्रेमियों की निगाहें 7 जुलाई को होने वाले अमेरिका और बेल्जियम के मुकाबले पर टिकी हैं,जहाँ दोनों टीमें क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने के लिए अपना पूरा दमखम झोंकती नजर आएंगी।