मुंबई में बारिश का कहर (तस्वीर क्रेडिट@np_nationpress)

मुंबई में बारिश का कहर,भूस्खलन से मुंबई-पुणे रेल सेवाएँ प्रभावित,कई ट्रेनें रद्द और मार्ग परिवर्तित

मुंबई,6 जुलाई (युआईटीवी)- महाराष्ट्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने सामान्य जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। खासकर मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में भारी वर्षा के कारण सड़क और रेल दोनों परिवहन व्यवस्थाओं पर व्यापक असर पड़ा है। कर्जत और लोनावला के बीच स्थित भोर घाट सेक्शन में भूस्खलन होने के कारण मुंबई-पुणे रेल मार्ग पर ट्रेन सेवाएँ बाधित हो गई हैं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रशासन ने कई ट्रेनों को रद्द कर दिया है,जबकि कई अन्य ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है। मौसम विभाग द्वारा जारी रेड अलर्ट और तेज हवाओं की चेतावनी के बीच प्रशासन ने लोगों से अत्यंत आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की अपील की है।

सेंट्रल रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वप्निल नीला ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कर्जत-लोनावला के बीच भोर घाट क्षेत्र में बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुआ है। इस घटना का सीधा असर कर्जत-खोपोली रेल मार्ग और मुंबई-पुणे रेल संपर्क पर पड़ा है। उन्होंने बताया कि भूस्खलन की सूचना मिलते ही रेलवे के सभी संबंधित अधिकारियों और तकनीकी टीमों को तत्काल मौके पर भेज दिया गया। रेलवे की इंजीनियरिंग और रखरखाव टीमें लगातार स्थिति का आकलन कर रही हैं और ट्रैक को सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक कार्य किए जा रहे हैं।

स्वप्निल नीला के अनुसार,भूस्खलन के कारण इस मार्ग के तीनों रेल ट्रैक प्रभावित हुए हैं। पटरियों पर मिट्टी,पत्थर और अन्य मलबा आ जाने से ट्रेनों का संचालन सुरक्षित नहीं रह गया था। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए रेलवे प्रशासन ने तुरंत कई ट्रेनों के संचालन पर रोक लगाने और कुछ के मार्ग बदलने का निर्णय लिया। हालाँकि,उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस घटना में किसी भी ट्रेन या यात्री को कोई नुकसान नहीं पहुँचा है,जो राहत की बात है।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि मुंबई से पुणे की ओर जाने वाली लगभग 16 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। इसके अलावा 9 ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है ताकि यात्रियों को यथासंभव वैकल्पिक सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति सामान्य होने और ट्रैक पूरी तरह सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही नियमित रेल संचालन बहाल किया जाएगा।

मुंबई सेंट्रल रेलवे की ओर से जारी सूचना के अनुसार,कई उपनगरीय और लंबी दूरी की ट्रेनों के परिचालन में भी बदलाव किया गया है। दहानू रोड से बोरीवली जाने वाली ट्रेन संख्या 69174 को विरार स्टेशन पर ही समाप्त कर दिया गया है और यह विरार तथा बोरीवली के बीच संचालित नहीं होगी। इसी प्रकार बोरीवली से वलसाड जाने वाली ट्रेन संख्या 69139 अब बोरीवली के स्थान पर विरार से रवाना होगी और बोरीवली से विरार के बीच का उसका संचालन रद्द रहेगा। इसके अतिरिक्त मुंबई सेंट्रल से वापी जाने वाली ट्रेन संख्या 59045 तथा वापी से मुंबई सेंट्रल आने वाली ट्रेन संख्या 59040 को भी पूरी तरह रद्द कर दिया गया है। रेलवे प्रशासन लगातार यात्रियों को नवीनतम जानकारी उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहा है,ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

सेंट्रल रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ने यात्रियों से विशेष अपील करते हुए कहा कि यदि यात्रा अत्यंत आवश्यक न हो तो फिलहाल उसे टाल देना ही बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि जो लोग यात्रा करने की योजना बना रहे हैं,वे रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल एप या हेल्पलाइन के माध्यम से अपनी ट्रेन की ताजा स्थिति अवश्य जांच लें। इससे यात्रियों को स्टेशन पहुँचने के बाद होने वाली असुविधा से बचने में मदद मिलेगी।

इस बीच महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि मुंबई-पुणे क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश और घाट सेक्शन में हुए भूस्खलन के कारण रेल सेवाएँ प्रभावित हुई हैं। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए रेलवे प्रशासन ने कुछ ट्रेनों को रद्द किया है,कुछ के मार्ग में बदलाव किया है और कुछ ट्रेनों के प्रारंभिक एवं अंतिम स्टेशन भी बदले गए हैं। उन्होंने नागरिकों से रेलवे प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की।

मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने मुंबई महानगर क्षेत्र के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार,आने वाले समय में भी क्षेत्र में भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना बनी हुई है। इसके साथ ही 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएँ चलने का भी अनुमान व्यक्त किया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार वर्षा के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में मिट्टी का कटाव बढ़ गया है,जिससे भूस्खलन की घटनाओं की आशंका अभी भी बनी हुई है।

मौसम विभाग की चेतावनी के बाद राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने भी एहतियाती कदम उठाए हैं। प्रशासन ने मुंबई के सभी निजी कार्यालयों को अपने कर्मचारियों के लिए घर से काम करने की व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं। वहीं सरकारी और अर्ध-सरकारी कार्यालयों में आवश्यक सेवाओं को छोड़कर अन्य कर्मचारियों के लिए आधे दिन की छुट्टी घोषित की गई है। इस निर्णय का उद्देश्य सड़कों और सार्वजनिक परिवहन पर भीड़ कम करना तथा लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

लगातार हो रही बारिश का असर केवल रेल सेवाओं तक सीमित नहीं है। कई स्थानों पर जलभराव,सड़क यातायात में बाधा और स्थानीय परिवहन सेवाओं के प्रभावित होने की भी खबरें सामने आई हैं। मुंबई और पुणे के बीच प्रतिदिन हजारों लोग नौकरी,व्यापार,शिक्षा और अन्य कार्यों के लिए यात्रा करते हैं। ऐसे में रेल सेवाओं के प्रभावित होने से बड़ी संख्या में यात्रियों की दिनचर्या प्रभावित हुई है। कई लोगों को अपनी यात्रा स्थगित करनी पड़ी है, जबकि कुछ यात्री वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेने को मजबूर हुए हैं।

रेलवे और प्रशासन की टीमें लगातार राहत एवं बहाली कार्यों में जुटी हुई हैं। इंजीनियरिंग विभाग ट्रैक से मलबा हटाने, ढलानों की स्थिरता की जाँच करने और सुरक्षा मानकों के अनुरूप रेल मार्ग को दोबारा चालू करने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रहा है। हालाँकि,लगातार हो रही बारिश के कारण यह कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं पर ही भरोसा करें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। मौसम की स्थिति सामान्य होने और रेलवे ट्रैक पूरी तरह सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही नियमित रेल सेवाओं को बहाल किया जाएगा। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी संभावित दुर्घटना को रोकना है। ऐसे में नागरिकों से सहयोग और धैर्य बनाए रखने की अपील की गई है।