'मा इंटी बंगारम' ने रचा इतिहास,100 करोड़ क्लब में पहुँचने वाली पहली महिला-प्रधान तेलुगु फिल्म बनी (तस्वीर क्रेडिट@idlebrainjeevi)

‘मा इंटी बंगारम’ ने रचा इतिहास,100 करोड़ क्लब में पहुँचने वाली पहली महिला-प्रधान तेलुगु फिल्म बनी

चेन्नई,13 जुलाई (युआईटीवी)- अभिनेत्री सामंथा रुथ प्रभु की बहुचर्चित फिल्म ‘मा इंटी बंगारम’ ने बॉक्स ऑफिस पर एक नया इतिहास रच दिया है। फिल्म के निर्माताओं के अनुसार,यह दुनिया भर में 100 करोड़ रुपये का कारोबार करने वाली पहली महिला-प्रधान तेलुगु फिल्म बन गई है। इस उपलब्धि के साथ फिल्म ने न केवल व्यावसायिक सफलता का नया कीर्तिमान स्थापित किया है, बल्कि यह भी साबित कर दिया है कि दमदार कहानी और मजबूत महिला किरदारों पर आधारित फिल्में भी दर्शकों के बीच बड़ी सफलता हासिल कर सकती हैं।

सामंथा रुथ प्रभु के प्रोडक्शन हाउस ट्रालाला मूविंग पिक्चर्स ने रविवार को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया मंच पर इस उपलब्धि की घोषणा की। साझा किए गए पोस्ट में फिल्म को ब्लॉकबस्टर बताते हुए कहा गया कि ‘मा इंटी बंगारम’ ने गोल्डन सेंचुरी पूरी कर इतिहास रच दिया है। निर्माताओं ने दावा किया कि यह विश्वभर में 100 करोड़ रुपये की कमाई करने वाली पहली महिला-प्रधान तेलुगु फिल्म बन गई है। इस घोषणा के बाद फिल्म से जुड़े कलाकारों और प्रशंसकों के बीच खुशी का माहौल देखने को मिला।

19 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हुई ‘मा इंटी बंगारम’ एक फैमिली एक्शन-कॉमेडी ड्रामा फिल्म है,जिसमें सामंथा रुथ प्रभु मुख्य भूमिका निभा रही हैं। फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों दोनों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। इसकी कहानी पारिवारिक भावनाओं, साहस,हास्य और रोमांचक एक्शन का संतुलित मिश्रण प्रस्तुत करती है, जिसने विभिन्न आयु वर्ग के दर्शकों को आकर्षित किया।

फिल्म का निर्देशन नंदिनी रेड्डी ने किया है,जबकि इसकी कहानी राज निदिमोरु ने लिखी है। दोनों ने मिलकर ऐसी कहानी प्रस्तुत की है,जिसमें एक महिला पात्र केवल भावनात्मक रूप से मजबूत नहीं है,बल्कि परिस्थितियों का डटकर सामना करने वाली साहसी और आत्मनिर्भर व्यक्तित्व के रूप में सामने आती है। यही वजह रही कि फिल्म ने रिलीज के बाद दर्शकों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई।

इस फिल्म की सफलता में सामंथा रुथ प्रभु के अभिनय की सबसे अधिक चर्चा हो रही है। उन्होंने अपने किरदार को पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाया है। फिल्म में उनके भावनात्मक दृश्यों के साथ-साथ एक्शन सीक्वेंस को भी दर्शकों ने खूब पसंद किया। यही कारण है कि फिल्म लगातार कई सप्ताह तक बॉक्स ऑफिस पर मजबूत पकड़ बनाए रखने में सफल रही।

फिल्म की रिलीज से पहले चेन्नई में आयोजित प्री-रिलीज कार्यक्रम के दौरान सामंथा ने फिल्म की शूटिंग से जुड़े कई दिलचस्प अनुभव साझा किए थे। उन्होंने बताया था कि फिल्म के सभी प्रमुख एक्शन दृश्य उन्होंने बिना किसी बॉडी डबल की मदद के स्वयं किए। इसके लिए उन्हें कड़ी शारीरिक मेहनत करनी पड़ी और कई बार चोटों का भी सामना करना पड़ा।

सामंथा ने उस दौरान कहा था कि फिल्म में दिखाए गए एक्शन दृश्यों को पूरी तरह वास्तविक बनाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने बताया था कि फिल्म में किसी प्रकार के अतिरंजित या अवास्तविक एक्शन दृश्य नहीं हैं। उन्होंने कहा था कि फिल्म के सभी फाइट सीक्वेंस वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप तैयार किए गए हैं। शूटिंग के दौरान उन्हें कई मुक्के लगे,चोटें आईं और खून भी बहा,लेकिन उन्होंने किसी भी दृश्य के लिए पीछे हटने का फैसला नहीं किया। उनके अनुसार,शायद यही कारण है कि फिल्म का एक्शन दर्शकों को इतना प्रभावशाली और वास्तविक महसूस हो रहा है।

सामंथा के इस समर्पण की झलक फिल्म में साफ दिखाई देती है। एक्शन दृश्यों में उनकी मेहनत और आत्मविश्वास ने दर्शकों को प्रभावित किया है। यही वजह है कि फिल्म को केवल पारिवारिक मनोरंजन के रूप में ही नहीं बल्कि एक मजबूत महिला किरदार पर आधारित प्रेरणादायक कहानी के रूप में भी सराहा जा रहा है।

फिल्म में सामंथा के साथ दिगंत और गुलशन देवैया ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाई हैं। दोनों कलाकारों ने अपनी भूमिकाओं के साथ पूरा न्याय किया है और कहानी को मजबूती प्रदान की है। इनके अलावा श्रीमुखी,गौतमी,आनंद,लक्ष्मी,श्रीनिवास गाविरेड्डी और मंजूषा ने भी अपने-अपने किरदारों से फिल्म को प्रभावशाली बनाया है। सभी कलाकारों के संतुलित अभिनय ने फिल्म की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

इस वर्ष जनवरी में जब फिल्म की पहली झलक सामने आई थी,तब सामंथा ने अपने किरदार और फिल्म की कहानी को लेकर विशेष उत्साह व्यक्त किया था। उन्होंने कहा था कि ‘मा इंटी बंगारम’ एक ऐसी महिला की कहानी है, जिसकी असली ताकत उसकी संवेदनशीलता और साहस दोनों में छिपी है। उनके अनुसार,इस किरदार को निभाना उनके अभिनय करियर के सबसे संतोषजनक अनुभवों में से एक रहा। उन्होंने यह भी कहा था कि निर्माता के रूप में इस फिल्म को आगे बढ़ाना उनके लिए एक नई और यादगार यात्रा रही।

यह फिल्म सामंथा रुथ प्रभु के लिए कई मायनों में खास मानी जा रही है। एक ओर उन्होंने मुख्य अभिनेत्री के रूप में अपनी अभिनय क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया,वहीं दूसरी ओर निर्माता के रूप में भी उन्होंने एक सफल परियोजना प्रस्तुत की। इस दोहरी जिम्मेदारी को उन्होंने जिस तरह निभाया,उसने उद्योग में उनकी नई पहचान बनाई है।

बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ रुपये का आँकड़ा पार करना किसी भी क्षेत्रीय फिल्म के लिए बड़ी उपलब्धि माना जाता है। महिला-प्रधान फिल्मों के लिए यह उपलब्धि और भी महत्वपूर्ण हो जाती है,क्योंकि लंबे समय तक बड़े बजट और बड़े कारोबार वाली फिल्मों पर पुरुष कलाकारों का दबदबा रहा है। ‘मा इंटी बंगारम’ की सफलता इस धारणा को बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

फिल्म की सफलता यह भी दर्शाती है कि आज दर्शक केवल बड़े सितारों या भव्य प्रस्तुतियों के आधार पर फिल्में नहीं चुनते,बल्कि मजबूत कहानी,प्रभावशाली अभिनय और वास्तविक भावनाओं से जुड़ी फिल्मों को भी भरपूर समर्थन देते हैं। यही कारण है कि ‘मा इंटी बंगारम’ ने घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी शानदार प्रदर्शन किया और कमाई के नए रिकॉर्ड स्थापित किए।

सामंथा रुथ प्रभु के लिए यह सफलता उनके करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुई है। एक अभिनेत्री और निर्माता दोनों भूमिकाओं में उन्होंने अपनी क्षमता को साबित किया है। फिल्म की ऐतिहासिक कमाई ने तेलुगु सिनेमा में महिला-प्रधान फिल्मों के लिए नए अवसरों के द्वार खोले हैं और यह उम्मीद जगाई है कि आने वाले समय में ऐसी कहानियों को और अधिक प्रोत्साहन मिलेगा,जिनके केंद्र में सशक्त महिला किरदार हों।