मुंबई,17 जुलाई (युआईटीवी)- बॉलीवुड सुपरस्टार आमिर खान ने अपनी प्रतिष्ठित फिल्म ‘3 इडियट्स’ को लेकर लंबे समय से चली आ रही एक बड़ी गलतफहमी पर आखिरकार स्पष्ट जवाब दे दिया है। वर्षों से यह माना जाता रहा कि फिल्म के अंत में दिखाई देने वाला वैज्ञानिक और शिक्षाविद ‘फुंसुक वांगडू’ का किरदार लद्दाख के प्रसिद्ध शिक्षाविद, नवाचारकर्ता और क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक से प्रेरित था। हालाँकि,अब आमिर खान ने साफ शब्दों में कहा है कि यह धारणा सही नहीं है और फिल्म के निर्माण के समय न तो निर्देशक राजकुमार हिरानी,न ही लेखक अभिजात जोशी और न ही उन्हें स्वयं सोनम वांगचुक के बारे में जानकारी थी।
लंदन इंडियन फिल्म फेस्टिवल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान आमिर खान दर्शकों के सवालों का जवाब दे रहे थे। इसी दौरान एक दर्शक ने उनसे पूछा कि क्या फिल्म ‘3 इडियट्स’ का केंद्रीय किरदार सोनम वांगचुक पर आधारित था। इस सवाल का जवाब देते हुए आमिर ने बिना किसी झिझक के कहा कि ऐसा बिल्कुल नहीं है और यह केवल एक गलतफहमी है,जो समय के साथ लोगों के बीच फैल गई।
आमिर खान ने कहा कि जब फिल्म बनाई जा रही थी,उस समय फिल्म की पूरी टीम सोनम वांगचुक के बारे में नहीं जानती थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्देशक राजकुमार हिरानी, लेखक अभिजात जोशी और स्वयं उन्हें भी उस समय सोनम वांगचुक के कार्यों और उनके व्यक्तित्व की जानकारी नहीं थी। उनके अनुसार,हाल के वर्षों में कई लोगों ने दोनों के बीच समानताएँ खोजीं,लेकिन वास्तविकता यह है कि फिल्म का किरदार किसी भी रूप में सोनम वांगचुक पर आधारित नहीं था।
उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने हाल ही में फिल्म में चतुर रामलिंगम का किरदार निभाने वाले अभिनेता ओमी वैद्य का एक वीडियो देखा था,जिसमें इस विषय का जिक्र किया गया था। इसके बाद उन्होंने महसूस किया कि इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से स्पष्टता देना जरूरी है ताकि वर्षों से बनी हुई भ्रांति समाप्त हो सके। आमिर ने कहा कि पहले इस विषय पर कभी विस्तार से कुछ नहीं कहा गया था,इसलिए लोगों ने अपने स्तर पर कई तरह की धारणाएँ बना ली थीं।
आमिर खान ने यह भी कहा कि सोनम वांगचुक समाज के लिए जो कार्य कर रहे हैं,वे अत्यंत सराहनीय हैं और उनके योगदान का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के अच्छे कार्यों को सम्मान देने के लिए यह जरूरी नहीं है कि उन्हें किसी लोकप्रिय फिल्म के पात्र से जोड़ा जाए। उनके मुताबिक,सोनम वांगचुक की अपनी अलग पहचान है और उनके कार्य स्वयं उनके सम्मान के लिए पर्याप्त हैं।
आमिर ने कहा कि यदि लोग सोनम वांगचुक को सम्मान देना चाहते हैं,तो उन्हें उनके वास्तविक योगदान और समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के आधार पर सम्मान देना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि फिल्म का किरदार उन पर आधारित नहीं था और यह केवल तथ्यात्मक स्पष्टता के लिए कहा जा रहा है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस सच्चाई को बताने से उनके मन में सोनम वांगचुक के प्रति सम्मान में कोई कमी नहीं आती,बल्कि वे उनके कार्यों की प्रशंसा करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान आमिर खान से सोनम वांगचुक के हालिया भूख हड़ताल आंदोलन को लेकर भी सवाल पूछा गया। इस पर उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि देश के बहुत से लोगों की तरह वह भी उनकी सेहत और जीवन को लेकर चिंतित हैं। आमिर ने उम्मीद जताई कि परिस्थितियाँ जल्द सामान्य होंगी और सोनम वांगचुक अपना उपवास समाप्त कर अपनी सेहत का पूरा ध्यान रखेंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी आंदोलन से अधिक महत्वपूर्ण व्यक्ति का स्वास्थ्य और जीवन होता है।
गौरतलब है कि ‘3 इडियट्स’ वर्ष 2009 में रिलीज हुई थी और यह भारतीय सिनेमा की सबसे सफल फिल्मों में से एक मानी जाती है। राजकुमार हिरानी के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने न केवल बॉक्स ऑफिस पर शानदार सफलता हासिल की थी,बल्कि शिक्षा व्यवस्था,परीक्षा के दबाव,छात्रों की मानसिक स्थिति और करियर चुनने की स्वतंत्रता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी व्यापक चर्चा शुरू की थी। फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों दोनों से भरपूर सराहना मिली थी।
फिल्म में आमिर खान ने रणछोड़दास श्यामलदास चांचड़ उर्फ रणछो का किरदार निभाया था,जबकि आर. माधवन और शरमन जोशी ने उनके करीबी दोस्तों की भूमिका निभाई थी। करीना कपूर,बोमन ईरानी,मोना सिंह और ओमी वैद्य ने भी अपनी दमदार अदाकारी से फिल्म को यादगार बनाया। विशेष रूप से ओमी वैद्य द्वारा निभाया गया चतुर रामलिंगम का किरदार आज भी दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय है।
फिल्म की कहानी दो अलग-अलग समय-सीमाओं में आगे बढ़ती है। एक तरफ वर्तमान में दो दोस्त अपने तीसरे साथी की तलाश में निकलते हैं,जबकि दूसरी ओर फ्लैशबैक के माध्यम से एक प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेज में बिताए गए उनके छात्र जीवन को दिखाया जाता है। कहानी दोस्ती,सपनों,संघर्ष,पारिवारिक अपेक्षाओं और शिक्षा प्रणाली की कमियों को संवेदनशील और मनोरंजक अंदाज में प्रस्तुत करती है। फिल्म के अंत में रणछो की असली पहचान फुंसुक वांगडू के रूप में सामने आती है,जो एक नवाचारकर्ता और शिक्षाविद होता है। इसी किरदार को लेकर वर्षों से यह धारणा बनी हुई थी कि वह सोनम वांगचुक से प्रेरित है।
हालाँकि,आमिर खान के ताजा बयान के बाद अब इस विषय पर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो गई है। उन्होंने साफ कर दिया है कि फिल्म का यह किरदार सोनम वांगचुक पर आधारित नहीं था और दोनों के बीच जो समानताएँ लोगों ने देखीं,वे केवल संयोग थीं। साथ ही उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि सोनम वांगचुक का सम्मान उनके वास्तविक कार्यों के आधार पर होना चाहिए,न कि किसी फिल्मी पात्र से उनकी तुलना करके। आमिर के इस बयान ने वर्षों से चली आ रही एक लोकप्रिय धारणा को समाप्त करते हुए इस बहस पर विराम लगाने का काम किया है।
