टोक्यो,17 जुलाई (युआईटीवी)- भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी और दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने जापान ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में शानदार अंदाज में जगह बना ली है। शुक्रवार को खेले जाने वाले क्वार्टर फाइनल मुकाबले में उनका सामना जापान की अनुभवी खिलाड़ी नोजोमी ओकुहारा से होना था,लेकिन चोट के कारण ओकुहारा कोर्ट पर उतर नहीं सकीं। इसके चलते सिंधु बिना मुकाबला खेले ही अंतिम चार में पहुँच गईं। यह उपलब्धि इस सीजन में उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन का प्रमाण है और अब उनकी नजरें वर्ष का पहला खिताब जीतने पर टिकी हैं।
जापान ओपन के सेमीफाइनल में पहुँचने के साथ ही पीवी सिंधु ने इस सत्र का अपना तीसरा सेमीफाइनल खेलना सुनिश्चित कर लिया है। इससे पहले वह मलेशिया सुपर 1000 और ऑस्ट्रेलिया सुपर 500 टूर्नामेंट के सेमीफाइनल तक पहुँच चुकी हैं। लगातार बड़े टूर्नामेंटों में अंतिम चार में जगह बनाना यह दर्शाता है कि सिंधु एक बार फिर अपनी सर्वश्रेष्ठ लय हासिल कर रही हैं और विश्व बैडमिंटन में अपनी मजबूत पहचान को दोबारा स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
यह उपलब्धि सिंधु के लिए इसलिए भी विशेष है क्योंकि वर्ष 2023 के डेनमार्क ओपन के बाद पहली बार उन्होंने किसी सुपर 750 टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह बनाई है। पिछले कुछ समय में चोटों,फॉर्म में उतार-चढ़ाव और कठिन प्रतिस्पर्धा के कारण उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिल पा रही थी,लेकिन इस वर्ष उन्होंने लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए यह साबित किया है कि वह अब भी दुनिया की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में शामिल हैं।
31 वर्षीय पीवी सिंधु अब जापान ओपन के सेमीफाइनल में चीन की स्टार खिलाड़ी और टोक्यो ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता चेन युफेई का सामना करेंगी। यह मुकाबला टूर्नामेंट का सबसे रोमांचक मुकाबला माना जा रहा है,क्योंकि दोनों खिलाड़ी विश्व बैडमिंटन की दिग्गजों में गिनी जाती हैं। दोनों के बीच अब तक कई यादगार मुकाबले खेले जा चुके हैं और हर बार कोर्ट पर कड़ी टक्कर देखने को मिली है।
हालाँकि,दोनों खिलाड़ियों के बीच आमने-सामने के रिकॉर्ड पर नजर डालें,तो चेन युफेई का पलड़ा थोड़ा भारी दिखाई देता है। अब तक दोनों के बीच कुल 14 मुकाबले खेले गए हैं,जिनमें चेन युफेई ने आठ और पीवी सिंधु ने छह मुकाबलों में जीत दर्ज की है। इतना ही नहीं,सिंधु को चीनी खिलाड़ी के खिलाफ अपने पिछले पाँच मुकाबलों में लगातार हार का सामना करना पड़ा है। ऐसे में जापान ओपन का सेमीफाइनल उनके लिए केवल फाइनल में पहुँचने का अवसर नहीं होगा,बल्कि इस हार के सिलसिले को समाप्त करने का भी सुनहरा मौका होगा।
यदि सिंधु इस मुकाबले में जीत हासिल करने में सफल रहती हैं,तो लगभग तीन वर्षों बाद किसी सुपर 750 टूर्नामेंट के फाइनल में पहुँचने का सपना भी पूरा हो जाएगा। इसके साथ ही वह इस वर्ष अपना पहला खिताब जीतने की दिशा में एक और मजबूत कदम बढ़ा देंगी। भारतीय बैडमिंटन प्रशंसकों की उम्मीदें भी अब पूरी तरह सिंधु पर टिकी हैं,क्योंकि जापान ओपन के महिला एकल वर्ग में वह भारत की एकमात्र बची हुई चुनौती हैं।
सेमीफाइनल में पहुँचने से पहले सिंधु ने प्री-क्वार्टर फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए विश्व की पाँचवें नंबर की खिलाड़ी हान युए को सीधे गेमों में हराया था। उन्होंने केवल 35 मिनट तक चले मुकाबले में हान युए को 21-16 और 21-14 से मात देकर अपने शानदार फॉर्म का परिचय दिया। इस मुकाबले में सिंधु ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और अपनी लंबाई,तेज स्मैश तथा बेहतरीन कोर्ट कवरेज का पूरा फायदा उठाया। उन्होंने विरोधी खिलाड़ी को वापसी का कोई मौका नहीं दिया और एकतरफा अंदाज में जीत दर्ज कर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया।
इस जीत ने यह भी संकेत दिया कि सिंधु बड़े मुकाबलों में मानसिक रूप से पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत नजर आ रही हैं। लंबे समय बाद उनकी फिटनेस भी संतोषजनक दिखाई दे रही है और कोर्ट पर उनका आत्मविश्वास लगातार बढ़ता हुआ नजर आ रहा है। यही कारण है कि अब उनसे इस प्रतिष्ठित सुपर 750 टूर्नामेंट में खिताब जीतने की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं।
दूसरी ओर,सेमीफाइनल में उनका सामना करने वाली चेन युफेई भी इस समय शानदार फॉर्म में हैं। विश्व की चौथे नंबर की खिलाड़ी चेन ने इस वर्ष कई बड़े टूर्नामेंटों में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। उन्होंने इंडोनेशिया मास्टर्स का खिताब अपने नाम किया,जबकि थाईलैंड और मलेशिया में आयोजित सुपर 500 प्रतियोगिताओं में भी फाइनल तक का सफर तय किया। इसके अलावा सिंगापुर और भारत में खेले गए सुपर 750 टूर्नामेंटों में भी उन्होंने सेमीफाइनल तक पहुँचकर अपनी निरंतरता साबित की।
चेन युफेई ने इस वर्ष मलेशिया ओपन और प्रतिष्ठित ऑल इंग्लैंड सुपर 1000 टूर्नामेंट में भी अंतिम चार में जगह बनाई थी। उनकी मजबूत रक्षात्मक शैली,लंबी रैलियों में धैर्य और सटीक शॉट चयन उन्हें महिला बैडमिंटन की सबसे कठिन प्रतिद्वंद्वियों में शामिल करता है। यही कारण है कि सिंधु के सामने सेमीफाइनल में बड़ी चुनौती होगी।
हालाँकि,पीवी सिंधु के पास बड़े मंच पर शानदार प्रदर्शन करने का लंबा अनुभव है। उन्होंने विश्व चैंपियनशिप,ओलंपिक और कई सुपर सीरीज प्रतियोगिताओं में भारत का नाम रोशन किया है। बड़े मुकाबलों में दबाव को सँभालने की उनकी क्षमता उन्हें अन्य खिलाड़ियों से अलग बनाती है। यदि वह अपने आक्रामक खेल को बरकरार रखते हुए गलतियों को सीमित रखने में सफल रहती हैं,तो चेन युफेई के खिलाफ जीत दर्ज करना उनके लिए संभव हो सकता है।
भारतीय बैडमिंटन के लिए भी यह टूर्नामेंट बेहद महत्वपूर्ण है। पिछले कुछ समय से भारतीय खिलाड़ियों को बड़े अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंटों में अपेक्षित सफलता नहीं मिल रही थी। ऐसे में सिंधु का लगातार तीसरे बड़े टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुँचना भारतीय बैडमिंटन के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। उनकी सफलता युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत की मौजूदगी को मजबूत करेगी।
अब सभी की नजरें जापान ओपन के सेमीफाइनल पर टिकी हैं, जहाँ पीवी सिंधु और चेन युफेई के बीच एक रोमांचक मुकाबला देखने को मिलेगा। यह मैच केवल फाइनल में जगह बनाने की लड़ाई नहीं होगा,बल्कि सिंधु के लिए लगातार मिली हार का सिलसिला तोड़ने, लगभग तीन साल बाद सुपर 750 फाइनल में पहुँचने और इस सीजन का पहला खिताब जीतने की उम्मीदों को जीवित रखने का भी अवसर होगा। भारतीय खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि सिंधु अपने अनुभव,आत्मविश्वास और शानदार फॉर्म के दम पर इस चुनौती को पार करते हुए जापान ओपन के फाइनल में जगह बनाएँगी और देश को एक और बड़ी उपलब्धि दिलाने की दिशा में कदम बढ़ाएँगी।
