पूर्व अमीर के निधन पर प्रधानमंत्री मोदी ने कतर के अमीर से की बात (तस्वीर क्रेडिट@rashtra_press)

पूर्व अमीर के निधन पर प्रधानमंत्री मोदी ने कतर के अमीर से की बात,भारत-कतर संबंधों में योगदान को किया याद

नई दिल्ली,17 जुलाई (युआईटीवी)- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से टेलीफोन पर बातचीत कर कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने इस दुखद अवसर पर भारत सरकार,भारत की जनता और अपनी ओर से संवेदनाएं प्रकट करते हुए पूर्व अमीर के भारत के प्रति विशेष लगाव,कतर में रहने वाले भारतीय समुदाय के प्रति उनके स्नेह और दोनों देशों के बीच संबंधों को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को श्रद्धापूर्वक याद किया। यह बातचीत ऐसे समय हुई है,जब कतर अपने सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक को खोने के गम से गुजर रहा है और भारत ने भी इस क्षति को एक करीबी मित्र देश की अपूरणीय हानि के रूप में स्वीकार किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर इस बातचीत की जानकारी साझा करते हुए लिखा कि उन्होंने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से बात कर पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि पूर्व अमीर भारत के सच्चे शुभचिंतक थे और उन्होंने हमेशा भारत-कतर संबंधों को मजबूत बनाने के लिए सकारात्मक भूमिका निभाई। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में यह भी कहा कि शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का भारत के प्रति विशेष स्नेह और कतर में रहने वाले भारतीय समुदाय के प्रति उनका अपनापन हमेशा याद रखा जाएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्व अमीर की विरासत आने वाले वर्षों में भी भारत और कतर के संबंधों को नई दिशा देती रहेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों देशों के बीच विकसित हुई रणनीतिक साझेदारी भविष्य में और अधिक मजबूत होगी तथा शेख हमद बिन खलीफा अल थानी द्वारा रखी गई मजबूत नींव दोनों देशों के सहयोग को आगे बढ़ाने में प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत और कतर के बीच वर्षों से चले आ रहे विश्वास,मित्रता और सहयोग के संबंध पूर्व अमीर के योगदान के कारण और अधिक गहरे हुए हैं।

कतर के ‘फादर अमीर’ के नाम से विख्यात शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का रविवार को 74 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। उनके निधन के बाद पूरे कतर में शोक की लहर दौड़ गई। शेख हमद को आधुनिक कतर के निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण नेताओं में गिना जाता है। उनके शासनकाल में कतर ने आर्थिक विकास,ऊर्जा क्षेत्र,शिक्षा,स्वास्थ्य, बुनियादी ढाँचे और वैश्विक कूटनीति के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की। उनकी दूरदर्शी नीतियों ने कतर को दुनिया के सबसे समृद्ध और प्रभावशाली देशों में शामिल करने में अहम भूमिका निभाई।

भारत ने भी इस दुखद अवसर पर कतर के साथ अपनी एकजुटता प्रदर्शित की। भारत सरकार ने पूर्व अमीर के सम्मान में सोमवार को एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की। इस दौरान राष्ट्रपति भवन सहित सभी सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहा। यह निर्णय दोनों देशों के बीच गहरे और विशेष संबंधों का प्रतीक माना गया। भारत द्वारा किसी विदेशी नेता के सम्मान में राष्ट्रीय शोक घोषित किया जाना उनके प्रति सम्मान और द्विपक्षीय संबंधों की गहराई को दर्शाता है।

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भी शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर शोक व्यक्त किया था। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर उन्हें एक दूरदर्शी नेता और भारत का सच्चा मित्र बताया था। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा था कि शेख हमद बिन खलीफा अल थानी ने कतर को विकास और समृद्धि की नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया और उनके नेतृत्व में देश ने वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई। प्रधानमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि उन्हें फरवरी 2024 में कतर यात्रा के दौरान पूर्व अमीर से मुलाकात करने का सम्मान प्राप्त हुआ था। उन्होंने उस मुलाकात को याद करते हुए कहा कि शेख हमद का व्यक्तित्व अत्यंत प्रेरणादायक था और भारत के प्रति उनका दृष्टिकोण हमेशा सकारात्मक रहा।

प्रधानमंत्री ने अपने शोक संदेश में कतर के मौजूदा अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी, शाही परिवार और कतर की जनता के प्रति भी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त की थीं। उन्होंने कहा था कि इस कठिन समय में भारत कतर के साथ खड़ा है और दोनों देशों की मित्रता भविष्य में भी इसी तरह मजबूत बनी रहेगी। प्रधानमंत्री के इन संदेशों को भारत और कतर के बीच दशकों से चले आ रहे घनिष्ठ संबंधों की अभिव्यक्ति माना जा रहा है।

पूर्व अमीर के निधन के बाद भारत सरकार ने उच्चस्तरीय प्रतिनिधित्व भी सुनिश्चित किया। केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू मंगलवार को कतर की राजधानी दोहा पहुँचे,जहाँ उन्होंने कतर के मौजूदा अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने भारत सरकार और भारतीय जनता की ओर से शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का व्यक्तिगत संदेश भी कतर के अमीर को सौंपा,जिसमें पूर्व अमीर के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया गया था।

कतर स्थित भारतीय दूतावास ने भी सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर इस मुलाकात की जानकारी साझा की। दूतावास के अनुसार,किरेन रिजिजू ने भारत की ओर से पूर्व अमीर के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की और कतर के नेतृत्व को भरोसा दिलाया कि भारत इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ा है। उन्होंने दोनों देशों के बीच मजबूत रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।

भारत और कतर के संबंध पिछले कुछ वर्षों में लगातार मजबूत हुए हैं। ऊर्जा,व्यापार, निवेश,रक्षा,शिक्षा,स्वास्थ्य और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे अनेक क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग तेजी से बढ़ा है। कतर भारत के लिए प्राकृतिक गैस का एक प्रमुख आपूर्तिकर्ता है,जबकि बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक कतर में रहकर वहाँ के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। भारतीय समुदाय कतर के सबसे बड़े प्रवासी समुदायों में से एक है और दोनों देशों के संबंधों में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

विश्लेषकों का मानना है कि शेख हमद बिन खलीफा अल थानी ने भारत-कतर संबंधों को मजबूत बनाने में उल्लेखनीय योगदान दिया। उनके कार्यकाल में दोनों देशों के बीच राजनीतिक विश्वास बढ़ा,आर्थिक सहयोग का विस्तार हुआ और लोगों के बीच संपर्क भी मजबूत हुआ। उनके बाद भी वर्तमान अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी ने इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कतर के अमीर के बीच हुई ताजा बातचीत इसी मजबूत रिश्ते का प्रमाण मानी जा रही है। इस संवाद के माध्यम से भारत ने न केवल एक करीबी मित्र देश के प्रति अपनी संवेदनाएँ व्यक्त की हैं,बल्कि यह भी स्पष्ट किया है कि दोनों देशों के बीच विश्वास,सहयोग और मित्रता का संबंध भविष्य में भी पहले की तरह मजबूत बना रहेगा। पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी की विरासत और उनके द्वारा स्थापित सहयोग की मजबूत नींव आने वाले वर्षों में भारत और कतर के संबंधों को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेगी।