जो रूट के नाबाद 99 रन से इंग्लैंड की दमदार वापसी (तस्वीर क्रेडिट@rashtra_press)

जो रूट के नाबाद 99 रन से इंग्लैंड की दमदार वापसी,दूसरे वनडे में भारत को 4 विकेट से हराकर सीरीज 1-1 से की बराबर

कार्डिफ,17 जुलाई (युआईटीवी)- भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही तीन मैचों की वनडे सीरीज रोमांचक मोड़ पर पहुँच गई है। कार्डिफ के सोफिया गार्डन्स मैदान पर खेले गए दूसरे मुकाबले में इंग्लैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को चार विकेट से हरा दिया। इस जीत के साथ मेजबान टीम ने सीरीज में 1-1 की बराबरी कर ली है। अब दोनों टीमों के बीच निर्णायक मुकाबला 19 जुलाई को लंदन में खेला जाएगा,जहाँ सीरीज का विजेता तय होगा। इंग्लैंड की जीत के सबसे बड़े नायक अनुभवी बल्लेबाज जो रूट रहे, जिन्होंने दबाव भरी परिस्थितियों में नाबाद 99 रन की मैच जिताऊ पारी खेली। उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया।

इस मुकाबले से पहले भारत ने बर्मिंघम में खेले गए पहले वनडे में छह विकेट से जीत दर्ज कर सीरीज में बढ़त बनाई थी। हालाँकि,उससे पहले पाँच मैचों की टी20 सीरीज में भारतीय टीम को 0-4 से हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में दूसरे वनडे में इंग्लैंड ने दमदार वापसी करते हुए न केवल हिसाब बराबर किया,बल्कि निर्णायक मुकाबले से पहले अपना आत्मविश्वास भी बढ़ा लिया।

टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में नहीं बदल सकी। पूरी टीम 44 ओवर में 233 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। शुरुआत में कप्तान शुभमन गिल और रोहित शर्मा ने पहले विकेट के लिए 44 रन जोड़कर टीम को संभली हुई शुरुआत दिलाई। शुभमन गिल 31 रन बनाकर आउट हुए। उनके आउट होने के बाद रोहित शर्मा ने विराट कोहली के साथ पारी को आगे बढ़ाने की कोशिश की। दोनों बल्लेबाजों ने दूसरे विकेट के लिए 60 रन की साझेदारी की,लेकिन रोहित 26 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।

इसके बाद ईशान किशन बड़ी पारी खेलने में असफल रहे और केवल एक रन बनाकर आउट हो गए। 111 रन के स्कोर पर तीन विकेट गंवाने के बाद भारत कुछ दबाव में जरूर था,लेकिन विराट कोहली और श्रेयस अय्यर ने जिम्मेदारी सँभालते हुए पारी को स्थिरता प्रदान की। दोनों बल्लेबाजों ने चौथे विकेट के लिए 67 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की और भारतीय टीम को 178 रन तक पहुँचाया।

विराट कोहली ने अपनी पारी के दौरान शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। उन्होंने 66 गेंदों पर आठ चौकों की मदद से 65 रन बनाए। दूसरी ओर श्रेयस अय्यर ने भी संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए 71 गेंदों में सात चौकों की सहायता से 66 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों की साझेदारी ने भारत को मजबूत स्थिति में पहुँचा दिया था और ऐसा लग रहा था कि टीम 260 से 270 रन तक पहुँच सकती है।

हालाँकि,दोनों के आउट होते ही भारतीय पारी लड़खड़ा गई। मध्यक्रम और निचले क्रम के बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं बना सके और लगातार विकेट गिरते रहे। अंत में तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने बल्लेबाजी में शानदार हाथ दिखाते हुए केवल 13 गेंदों पर नाबाद 20 रन बनाए। उन्होंने एक ही ओवर में तीन छक्के और एक चौका लगाकर टीम के स्कोर को 233 रन तक पहुँचाने में अहम योगदान दिया। हालाँकि,यह स्कोर इंग्लैंड जैसी मजबूत बल्लेबाजी लाइनअप के सामने चुनौतीपूर्ण तो था,लेकिन पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा सकता था।

इंग्लैंड की ओर से गेंदबाजी में जोफ्रा आर्चर और गस एटकिंसन सबसे सफल रहे। दोनों ने तीन-तीन विकेट लेकर भारतीय बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। साकिब महमूद ने दो विकेट हासिल किए,जबकि सैम करन और विल जैक्स को एक-एक सफलता मिली। इंग्लैंड के गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में लगातार विकेट लेकर भारत को बड़े स्कोर तक पहुँचने से रोक दिया।

234 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। पारी की पहली ही गेंद पर बेन डकेट बिना खाता खोले आउट हो गए। इसके कुछ देर बाद जैकब बेथेल भी केवल चार रन बनाकर पवेलियन लौट गए। शुरुआती दो विकेट जल्दी गिरने से इंग्लैंड दबाव में आ गया और भारतीय टीम के पास मुकाबले पर पूरी तरह पकड़ बनाने का सुनहरा मौका था।

लेकिन इसके बाद जो रूट ने अपने अनुभव का शानदार परिचय दिया। उन्होंने पहले कप्तान हैरी ब्रूक के साथ 45 रन की साझेदारी कर पारी को सँभाला। हैरी ब्रूक 16 रन बनाकर आउट हुए,लेकिन रूट लगातार एक छोर पर डटे रहे। इसके बाद उन्होंने सैम करन के साथ भी 45 रन जोड़े। करन ने 26 रन बनाकर टीम को उपयोगी योगदान दिया।

जोस बटलर भी बड़ी पारी नहीं खेल सके और 17 रन बनाकर आउट हो गए,लेकिन जो रूट ने अपना धैर्य नहीं खोया। उन्होंने लगातार स्ट्राइक रोटेट की और जरूरत पड़ने पर आकर्षक चौके भी लगाए। इसके बाद विल जैक्स उनके साथ जुड़े और दोनों ने छठे विकेट के लिए 86 गेंदों में 72 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। इस साझेदारी ने इंग्लैंड को जीत के बेहद करीब पहुँचा दिया।

जब विल जैक्स 30 रन बनाकर आउट हुए तब भी इंग्लैंड को कुछ रन की जरूरत थी, लेकिन जो रूट पूरी तरह नियंत्रण में नजर आए। उन्होंने गस एटकिंसन के साथ सातवें विकेट के लिए 38 रन की नाबाद साझेदारी कर टीम को जीत दिला दी। रूट ने 133 गेंदों का सामना करते हुए नौ चौकों की मदद से नाबाद 99 रन बनाए। वह अपने शतक से केवल एक रन दूर रह गए,लेकिन उनकी यह पारी किसी शतक से कम नहीं थी। दबाव में खेली गई इस जिम्मेदार पारी ने इंग्लैंड को सीरीज में बराबरी दिला दी।

गस एटकिंसन ने भी निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी की और केवल 16 गेंदों में चार चौकों की मदद से नाबाद 23 रन बनाए। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने इंग्लैंड की जीत को आसान बना दिया और टीम ने 44.1 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया।

भारतीय गेंदबाजों की बात करें तो गुरनूर बरार सबसे सफल रहे। उन्होंने दो विकेट हासिल किए और शुरुआती सफलता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा,शिवम दुबे और अक्षर पटेल को एक-एक विकेट मिला। हालाँकि,भारतीय गेंदबाज शुरुआती सफलता के बाद मध्य ओवरों में दबाव बनाए रखने में सफल नहीं रहे। जो रूट को लगातार लंबी पारी खेलने का मौका मिला,जिसका इंग्लैंड ने पूरा फायदा उठाया।

भारतीय टीम की हार का एक बड़ा कारण मध्य और अंतिम ओवरों में बल्लेबाजी का बिखरना भी रहा। एक समय टीम मजबूत स्थिति में थी,लेकिन लगातार विकेट गिरने के कारण वह अपेक्षित स्कोर तक नहीं पहुँच सकी। दूसरी ओर इंग्लैंड ने लक्ष्य का पीछा करते समय शुरुआती झटकों के बावजूद संयम बनाए रखा और अनुभवी बल्लेबाज जो रूट ने अपनी क्लास और अनुभव का शानदार प्रदर्शन करते हुए मैच को एकतरफा बना दिया।

अब दोनों टीमों के बीच सीरीज का अंतिम और निर्णायक मुकाबला 19 जुलाई को लंदन में खेला जाएगा। दोनों टीमों ने एक-एक मैच जीतकर अपनी क्षमता साबित कर दी है,ऐसे में अंतिम मुकाबले में कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है। भारत जहाँ अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी में संतुलन लाकर सीरीज जीतने की कोशिश करेगा,वहीं इंग्लैंड इस जीत से मिले आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरेगा और घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर सीरीज अपने नाम करना चाहेगा।

फिलहाल कार्डिफ में मिली इस जीत ने इंग्लैंड को नई ऊर्जा दी है,जबकि भारत के सामने अब निर्णायक मुकाबले में वापसी कर सीरीज जीतने की चुनौती होगी। क्रिकेट प्रशंसकों की निगाहें अब लंदन में होने वाले उस मुकाबले पर टिकी हैं,जहाँ दोनों टीमों के बीच वनडे सीरीज का रोमांचक फैसला होगा।